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हमारे देश में अगर एक बार ठान लें तो कुछ भी असंभव नहीं है- प्रधानमंत्री मोदी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि अगर देश के पिछड़े इलाकों के विकास को प्राथमिकता दी जाय तो देश में बहुत बड़ा बदलाव आ सकता है। नई दिल्ली स्थिति डॉक्टर अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में देशभर के चुनिंदा जिलों के जिलाधिकारियों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इस बात पर खुशी जताई कि लोकार्पण के बाद इस भवन में पहला अधिकृत कार्यक्रम पिछड़े जिलों के विकास को ध्यान में रखकर ही आयोजित किया गया है। गौरतलब है कि पिछले 7 दिसंबर को ही प्रधानमंत्री ने इस भवन का लोकार्पण किया था।

कोई क्षेत्र पीछे रह जाय तो वह भी अन्याय का कारण है- प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि बाबा साहब जीवन भर सामाजिक न्याय की लड़ाई लड़ते रहे। हमारा संविधान उन्हीं अपेक्षाओं की पूर्ति का फ्रेमवर्क प्रदान करता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सामाजिक न्याय सिर्फ सामाजिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है। कोई भी क्षेत्र पीछे रह जाय तो वह भी अन्याय का कारण है। उन्होंने कहा कि देश के चुनिंदा 115 जिलों का विकास बाबा साहब की प्रतिबद्धता को व्यवस्थित तरीके से प्राप्त करने का जरिया बन सकता है। यह एक शुभसंकेत है।

भारत के पास अवसर है
प्रधानमंत्री ने देश में आ रहे बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि यही देश है जहां अगर किसी चीज को ठान लिया जाय तो उसे पूरा करना असंभव नहीं है। इस सिलसिले में उन्होंने जनधन खातों का जिक्र करते हुए कहा कि इसी देश में, यहीं के मुलाजिमों और बैंकों ने यह सिद्ध करके दिखाया है, समय सीमा में करके दिखाया है। प्रधानमंत्री ने बताया कि ऐसे ही देश के स्कूलों में 4 लाख शौचालय बन सका, एक हजार दिनों में सफलतापूर्वक 18 हजार गांवों में बिजली पहुंचाया गया। टारगेट से पहले सॉयल हेल्थ कार्ड का काम टारगेट से पहले पूरा हुआ। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक परिप्रेक्ष्य में भारत को व्यवस्थित करने के लिए यह जरूरी है, जो भारत के लिए अवसर दिला सकता है।

तुरंत-तुरंत ट्रांसफर होना चिंता का विषय है-प्रधानमंत्री मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने देश में जल्दी-जल्दी ट्रांसफर की परंपरा पर चिंता जताते हुए कहा कि इसके लिए भी रास्ते खोजे जाएंगे। हालाकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर देश के 115 चुनिंदा जिले एक टीम बनाकर, तय रोडमैप के अनुसार काम करेंगे तो बेहतर परिणाम मिलकर रहेगा। उन्होंने कहा कि विकसित जिलों में तो सभी जाना चाहते हैं, लेकिन युवा अफसरों के लिए पिछड़े जिलों में जाकर वहां की चुनौतियों से निपटना जिंदगी को संवारने जैसा काम है। प्रधानमंत्री ने कहा कि गुमनाम लोग भाग्यवान नहीं होते। जो चुनौतियों से लोहा लेने के लिए तैयार रहते हैं उन्हीं की जिंदगी बनती है।

इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने देशभर के चुनिंदा 115 जिलों से आए जिलाधिकारियों से कहा कि वे 14 अप्रैल यानी बाबा साहब की जयंती के लिए एक टाइम टेबल तैयार करें। आने वाले तीन महीनों में 115 में से जो जिले सबसे बेहतर करेंगे, वहां वो खुद जाएंगे और वहां पर काम करने वाली टीम से खुद बात करेंगे और उनसे खुद कुछ सीखने का प्रयास करेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में 70 सालों तक बड़े अफसरों की चर्चा होती रही है, अब वे चाहते हैं कि निचले स्तर के अफसरों की सक्सेस स्टोरी पर भी चर्चा हो सके।

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