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सशक्त किसान के बिना न्यू इंडिया का सपना अधूरा- पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि हम 2022 तक जिस न्यू इंडिया का सपना लेकर चले हैं उसके साकार होने के लिये देश के किसानों का सशक्तिकरण जरूरी है। पीएम मोदी भारतीय एग्रो इंडस्ट्रीज फाउंडेशन के स्वर्ण जयंती के अवसर पर बोल रहे थे। इस अवसर पर पीएम ने इस बात पर जोर दिया कि 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिये परंपरागत खेती के साथ-साथ नवीनतम खेती को भी बढ़ावा देना आवश्यक है।

गांव के ज्ञान को विज्ञान से जोड़कर किसानों की आय बढ़ाएं
पीएम मोदी ने BIAF की सराहना करते हुए कहा है कि गांव के ज्ञान को विज्ञान से जोड़के किसान की आय कैसे बढ़ाई जाय इस संस्था ने ये करके दिखाया है। उन्होंने कहा कि देश के विकास के लिये ये अत्यंत आवश्यक है कि गांव का किसान सशक्त हो। इसीलिये सरकार 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने के लिये कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि कृषि योजनाओं को प्रोडक्शन सेंट्रिक के साथ-साथ इनकम सेंट्रिक भी बनाया गया है। बीज से बाजार तक सरकार किसान के साथ खड़ी है। पानी के एक-एक बूंद के इस्तेमाल पर जोर है। ऑर्गेनिक खेती, क्रॉप डायवर्सिफिकेशन को बढ़ावा दिया जा रहा है। 9 करोड़ से अधिक किसानों को सॉइल हेल्थ कार्ड दिये जा चुके हैं। E-NAM के तहत देश की 500 से अधिक मंडियों को ऑनलाइन जोड़ा जा रहा है। हाल में प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना भी शुरू की गई है। इसका मकसद भंडारण की समस्या से निपटना और फूड प्रोसेसिंग को बढ़ावा देना है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से ये सुनिश्चित किया जा रहा है कि फसल खराब होने पर किसानों को जिंदगी भर मुश्किलों से न गुजरना पड़े। सूदखोरों से बचाने के लिये सबसे कम ब्याज दरों पर कर्ज दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जब देश का अन्नदाता चिंतामुक्त होगा तो देश भी विकास की ऊंचाइयों के लक्ष्य को छू कर के रहेगा।

70 प्रतिशत पशुधन महिलाओं के जिम्मे
एक रिपोर्ट का हवाला देकर पीएम मोदी ने कहा है कि पशुपालन के क्षेत्र को देश की 70 प्रतिशत महिलाएं संभाल रही हैं। ये क्षेत्र एक तरह से महिलाओं के कौशल पर टिका हुआ है। जिन्हें आधुनिक जरूरतों के हिसाब से प्रशिक्षित कर दिया जाय तो पशुधन के साथ-साथ महिलाओं का और भी अधिक सशक्तिकरण होगा। उन्होंने कहा कि हर साल पशुधन के नुकसान से 40 हजार करोड़ की क्षति होती है। इसके लिये आरोग्य मेलों को बढ़ाने की जरूरत है। उन्होंने ऑर्गेनिक फार्मिंग, मेडिसिनिल एवं एरोमेटिक्स प्लांटेशन की आवश्यकता पर भी जोर दिया। पीएम के अनुसार इसका ग्लोबल बाजार हमारा इंतजार कर रहा है।

पीएम मोदी ने कहा कि किसान के खेत की कोई चीजे वेस्ट नहीं है, हर चीज वेल्थ है। देश के जिन भागों में (बुंदेलखंड, विदर्भ जैसे ) किसानों के लिये पानी नहीं है वहां प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 99 प्रोजेक्ट पूरे किये जा रहे हैं। 21 प्रोजेक्ट इस साल पूरे हो चुके हैं। पानी के हर बूंद के इस्तेमाल की व्यवस्था की जा रही है। मनरेगा की 60 प्रतिशत राशि सरकार जल संरक्षण और जल प्रबंधन पर ही खर्च कर रही है। उन्होंने BIAF का आह्वान किया कि वो किसानों की आय बढ़ाने के लिये जन आंदोलन खड़ी करें।

पीएम मोदी ने मराठी का एक उद्धरण देकर बताया कि सभी लोग एकजुट होकर संगठन शक्ति के साथ काम करेंगे तभी ग्राम राज्य का निर्माण होगा। उन्होंने कहा कि लोग साल में एकबार अपने गांव में जरूर जाएं। इससे गांव की शक्ति बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से खेती पर किसानों का खर्च कम हुआ है और कृषि उत्पादन भी बढ़ा है। उनके अनुसार वेस्ट टू वेल्थ से भी किसानों की आय बढ़ सकती है। सोलर कॉपरेटिव से किसान बिजली बनाकर बेच भी सकते हैं। उन्होंने कहा कि BIAF जैसी संस्थाओं को डिजिटल गांव का सपना साकार करना चाहिये। हर साल कम से कम 500 गांव को लेसकैश गांव बनाने का प्रयास करना चाहिए।

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