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मालिकाना हक देने के लिए दिल्ली के अनाधिकृत कॉलोनियों के लोगों ने पीएम मोदी का जताया आभार

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दिल्ली की अनाधिकृत कॉलोनियों में रह रहे 40 लाख से अधिक लोगों को मालिकाना हक देने के लिए लोगों ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात कर उनका आभार व्यक्त किया। इस असवर पर पीएम मोदी ने कहा कि केंद्रीय कैबिनेट के इस फैसले को आगामी सत्र में संसद से पास करा कर जल्द ही काम शुरू कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जब 2014 में उनकी सरकार बनीं तब से हम इसके लिए ऐसे रास्ते खोज रहे थे। कुछ आशा थी कि स्थानीय सरकारें कुछ जिम्मेदारी उठाएगी, लेकिन सारे प्रयास, सारे प्रयोग कहीं न कहीं उलझते रहें। आखिरकर यह तय किया की कोई करे या न करे हम इसे किए बिना रह नहीं सकते। कोई जिम्मेदारी उठाए न उठाए हम गैरजिम्मेदार नहीं बन सकते हैं। भारत सरकार पूरी जिम्मेदारी के साथ इस काम को पूर्ण करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि अनाधिकृत कॉलोनियों के लिए ऐसी नीति बनेगी, जिसकी आत्मा सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास होगी। धर्म और संप्रदाय के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश में लटकाने, अटकाने और भटकाने की परंपरा बन गई लेकिन इससे देश का विकास नहीं होता है। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि ‘पीएम उदय’ यानि प्रधानमंत्री अनाधिकृत कॉलोनी दिल्ली आवास अधिकार योजना दिल्लीवासियों के जीवन में सार्थक बदलाव लाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली के भाग्य को बदले बगैर हिन्दुस्तान का भाग्य नहीं बदला जात सकता है। दशकों से अनाधिकृत कॉलोनियों में रह रहे लोगों को सिर्फ आश्वासन दिया गया। पूर्व में इस संबंध में जो भी प्रयास किए गए वो सिर्फ राजनीति और वोटबैंक के लिए किए गए। हकीकत में किसी ने अनाधिकृत कॉलोनियों में रह रहे लोगों की भलाई के लिए काम नहीं किया।  

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने अनुच्छेद 370 और तीन तलाक की भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अनुच्छदे 370 के अस्थायी प्रावधान को स्थायी समझ लिया गया था। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से देश में ‘लटकाना, भटकाना और अटकाना’ की परंपरा बन गई थी। जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगाकर अनिश्चितता की स्थिति उत्पन्न कर दी गई थी। इस अनिश्चितता, इस दुविधा को समाप्त करने का काम भी मेरे ही नसीब में था। इसी तरह आप उस मुस्लिम मां-बेटी के बारे में सोचिए जब उस पर तीन तलाक की तलवार उनपर लटकती रहती थी। हमने उस तीन तलाक की व्यवस्था को खत्म किया।

इस मौके पर दिल्ली के सभी सांसद, RWA के पदाधिकारी और अनाधिकृत कॉलोनियों के निवासियों के अलावा केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी और दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी भी मौजूद थे।

गौरलतब है कि केंद्र सरकार ने दीपावली से पहले 23 अक्टूबर को दिल्ली की अवैध कॉलोनियों में रहने वाले 40 लाख लोगों को बड़ा तोहफा देते हुए उन्हें मालिकाना हक देने का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया गया था।  

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