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गुजरात के मुसलमानों को प्रधानमंत्री मोदी क्यों पसंद हैं?

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भारतीय जनता पार्टी, प्रधानमंत्री मोदी और मुसलमानों को लेकर भले ही जितने भी भ्रम फैलाये जाते हों, लेकिन गुजरात में आकर ये सारे भ्रम टूट जाते हैं। दरअसल गुजरात के मुसलमान प्रधानमंत्री मोदी के बीच विश्वास का नाता है, जो हर बीतते दिन के साथ और मजबूत हो रहा है। 2007, 2012 के विधानसभा चुनाव और 2014 के लोकसभा के चुनाव यह साबित करते हैं कि गुजरात के मुसलमान प्रधानमंत्री मोदी का समर्थन करते हैं।

मुस्लिम बहुल सीटों पर भी चलता है मोदी मैजिक
पिछले विधानसभा चुनाव 2012 में बीजेपी ने एक दर्जन से ज्यादा मुस्लिम बहुल सीटों पर जीत का परचम लहराया था। माना जाता है कि कि गुजरात में हर पांच से एक मुस्लिम बीजेपी को वोट देता है, यानी 20 प्रतिशत मुस्लिम भाजपा के साथ है। हालांकि 2014 के लोकसभा में तो यह आंकड़ा 60 प्रतिशत से भी अधिक हो गया था और इसी कारण गुजरात की 25 में से सभी 25 सीटें भाजपा ने जीती थीं।

मुस्लिम बाहुल्य 25 सीटों में 17 बीजेपी के पास
गुजरात का मुस्लिम मतदाता 2007 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस का परंपरागत वोटर माना जाता था, लेकिन 2007 के बाद ये भाजपा के साथ जुड़ते जा रहे हैं। राज्य के 182 विधानसभा सीटों में 25 सीटें ऐसी हैं, जहां मुस्लिम मतदाता किसी भी राजनीतिक पार्टी बनाने और बिगाड़ने का कूवत रखते है। 2012 के विधानसभा चुनाव में मुसलमानों का करीब 20 प्रतिशत वोट भाजपा को मिला। इसी का परिणाम रहा कि 25 मुस्लिम बाहुल्य सीटों में 17 सीटों पर बीजेपी जीती थी।

गुजरात में मुसलमान पार्षद के लिए चित्र परिणाम

गुजरात में भाजपा के 200 पार्षद मुस्लिम
गुजरात में बीजेपी के साथ जुड़ाव की बातें इन आंकड़ों से भी जाहिर होती हैं। राज्य में बीजेपी के 200 से अधिक नगर पार्षद मुस्लिम हैं और उसमें लगभग 100 चेयरमैन मुस्लिम हैं। मुस्लिम बहुल्य वागरा, जम्बुसर, डभोई, कर्जन, पादरा, धोलका, जामनगर, भूंज, अंजारा, मंगरोल, जूनागढ़, रोजकोट जैसी सीटें बीजेपी ने जीती थीं। इन सभी सीटों पर पहले कांग्रेस का कब्जा रहता था, लेकिन मुसलमानों का बढ़ा भरोसा बीजेपी की राह आसान करता चला गया। इतना ही नहीं मुसलमानों का विश्वास भी भाजपा ने कायम रखा है।

भाजपा में मुसलमान के लिए चित्र परिणाम

गुजरात के मुस्लिमों के बेहतर हालात
गुजरात के मुसलमानों की हालत देश के दूसरे मुसलमानों से बेहतर है। राज्य के सरकारी नौकरियों में मुसलमानों की 9 प्रतिशत भागीदारी, गुजरात पुलिस में 10.5 प्रतिशत मुसलमान और गुजरात में मुसलमानों की साक्षरता दर 80 प्रतिशत है। ये आंकड़े हिंदुओं के औसत की तुलना में बराबर हैं। गुजराती मुस्लिमों ने कारोबार में भी काफी तरक्की की है। अल्पसंख्यकों के विकास के लिए बने 15 सूत्रीय कार्यक्रम को बेहतर तरीके से प्रदेश में लागू किया गया है। इसके लिए यूपीए सरकार ने गुजरात को गुड ग्रेड दिया था।

मोदी और मुसलमान के लिए चित्र परिणाम

गुजरात दंगा और कर्फ्यू मुक्त
गुजरात के 5 लाख मुसलमान के भाजपा के प्राथमिक सदस्य बने हैं। दरअसल 2002 से पहले गुजरात प्राय: हिंसा और दंगे की चपेट में रहता था, लेकिन पिछले 15 सालों में बीजेपी के राज में गुजरात दंगा और कर्फ्यू मुक्त बना है। जबकि कांग्रेस के दौर में एक भी साल ऐसा नहीं गुजरा जब दंगा न हुआ हो। दरअसल मुसलमानों को जो विश्वास, सुरक्षा और विकास के अवसर तत्कालीन मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुहैया कराए हैं वह कांग्रेस के राज में कभी नहीं मिला।

मोदी और मुसलमान के लिए चित्र परिणाम

मोदी ने बढ़ाया गुजरात का हज कोटा
आपको जानकर आश्चर्य होगा कि हज यात्रा पर जाने वाले मुस्लिमों के सबसे ज्यादा आवेदन गुजरात से आते हैं। 2014 से पहले गुजरात का कोटा महज 4 हजार था। गुजरात हज कमेटी के चेयरमैन ने कई बार यूपीए सरकार से गुजरात का कोटा बढ़ाने का मांग की थी, लेकिन सरकार ने नहीं बढ़ाया। 2014 में जब नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने तो गुजरात के हज यात्रियों का कोटा हर साल बढ़ाया। पिछले तीन सालों में ये कोटा 4 हजार से बढ़कर 15 हजार पहुंच गया है।

मुस्लिमों के नाम पर हाउसिंग सोसाइटी
प्रधानमंत्री हमेशा सबका साथ, सबका विकास की बात कहते हैं और भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद की बात करती है। जाहिर है ये दोनों ही एक दूसरे के लिए आवश्यक हैं। गुजरात में यह जमीन पर भी दिखता है। दरअसल गुजरात सरकार ने पिछले दिनों कई हाउसिंग सोसाइटी का नाम देशभक्त मुस्लिमों के नाम पर रखा है। अहमदाबाद के रखियाल क्षेत्र के मौजूद हाउसिंग सोसाइटी का नाम दारा शिकोह अपार्टमेंट और रामकृष्ण मेल के पास मौजूद हाउसिंग सोसाइटी का नाम वीर अब्दुल हमीद अपार्टमेंट रखा है।

मोदी और मुसलमान के लिए चित्र परिणाम

अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम से मिल रही सहायता
अल्पसंख्यक विकास वित्त निगम को अटल बिहारी बाजपेयी सरकार के दौरान 60 हजार करोड़ कर्ज दिया था। इसके बाद यूपीए सरकार से मदद मांगी जाती रही लेकिन उन्होंने नहीं दिया, इसके विपरीत कहा कि पहले जो धन कर्ज लिया गया है उसका 32 करोड़ ब्याज गुजरात अदा करे। केंद्र में मोदी सरकार ने आते ही ब्याज को माफ किया और 20 हजार करोड़ रुपये भी आवंटित कर दिये। इसके चलते 100 मुस्लिम छात्रों को MBBS, इंजीनियरिंग, मैनेमेंट की पढ़ाई के लिए विदेश भेजा गया है।

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