Home नरेंद्र मोदी विशेष छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील मोदी सरकार

छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील मोदी सरकार

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शासन में पारदर्शिता और संवेदनशीलता… मोदी सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है। साढ़े तीन वर्षों के कार्यकाल के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कई ऐसे निर्णय लिए हैं जो शासन में पारदर्शिता के उच्च मानदंड स्थापित करते हैं। विकलांग को दिव्यांग कहकर बुलाना, जीएसटी दरों में सतत बदलाव, नोटबंदी के दौरान लोगों की समस्याओं के प्रति तत्परता… ऐसे अनेक उदाहरण हैं जो प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनशीलता को जाहिर करते हैं। वे अक्सर कहते भी हैं कि- देश के सवा सौ करोड़ लोग ही उनका परिवार है और उनकी सच्ची सेवा ही उनके लिए परमार्थ है। मोदी सरकार ने एक बार फिर अहम निर्णय लिया है, जो छात्रों के प्रति उनकी संवेदनशीलता दिखाती है।                                                                     

SSC पेपर लीक की सीबीआई जांच
केंद्र सरकार ने कर्मचारी चयन आयोग (एसएससी) की परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने के मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए हैं। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ”प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग पूरी हो गई है। मामले की सीबीआई जांच के आदेश दे दिए गए हैं।” दरअसल संयुक्‍त स्‍नातक स्‍तरीय (चरण-दो) परीक्षा, 2017 का प्रश्‍नपत्र सोशल मीडिया पर लीक होने की खबरें आई थीं। इसके विरोध में छात्र प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन केंद्र सरकार ने छात्रों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए 17 से 22 फरवरी के बीच हुई सभी परीक्षाओं की जांच करने के आदेश दे दिए हैं।

छात्रों के हित के लिए कुछ अन्य निर्णय भी लिए गए हैं, आइए देखते है ये कौन से निर्णय हैं-

रेलवे में आयु सीमा बढ़ाई गई
भारतीय रेलवे ने फरवरी महीने में 90 हजार पदों के लिए रिक्तियां निकाली थीं। आयु सीमा को लेकर छात्रों ने अपनी शिकायत की। मोदी सरकार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए उम्मीदवारों की मांगें मान ली और आयु सीमा बढ़ाने का फैसला लिया। ग्रुप डी के अभ्यर्थियों के लिए अधिकतम उम्र सीमा 2 साल बढ़ाकर 28 से 30 वर्ष कर दिया। लेवल 1 पोस्ट के लिए आयु सीमा बढ़ाकर 31 से 33 कर दी गई।

रेलवे में ITI की अनिवार्यता खत्म
फरवरी, 2018 में रेलवे ने लेवल एक के 62,907 पदों के लिए न्यूनतम योग्यता कक्षा 10 और रेलवे एप्रेंटिसशिप या समकक्ष का आईटीआई प्रमाणपत्र का मानक रखा था, लेकिन छात्रों की शिकायतों के बाद तकनीकी प्रमाणन को वैकल्पिक बना दिया गया। मोदी सरकार की संवेदशीलता को मंत्री पीयूष गोयल के इस बयान से समझा जा सकता है, उन्होंने कहा- ”हमें एहसास हुआ कि हमने उम्मीदवारों को पर्याप्त समय नहीं दिया है कि वे समझ सकें कि मानदंड बदल गया है, ऐसे में हमें कक्षा दसवीं की योग्यता की जरूरत है। हमें प्रशिक्षण कार्यक्रम को मजबूत करना है जिसे हमारी आगे मजबूत करने की योजना है। ऐसे में कोई समस्या नहीं होगी।”

SELF ATTESTED कीजिए प्रमाण पत्र
प्रधानमंत्री को देश के लोगों पर पूरा भरोसा है, उनकी ईमानदारी पर विश्वास है। तभी तो उन्होंने प्रधानमंत्री बनने के बाद देश में किसी अधिकारी से सर्टिफिकेट प्रमाणित करवाने की बाध्यता खत्म कर दी। जुलाई, 2014 के बाद से ही उम्मीदवार स्वयं सत्यापित कर सकता है और सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के वक्त ऑरिजिनल डॉक्यूमेंट दिखाता है।

तृतीय और चतुर्थ वर्ग में इंटरव्यू खत्म
वर्ष 2015 में प्रधानमंत्री मोदी ने तीसरे और चतुर्थ वर्ग की नौकरियों से इंटरव्यू खत्म करवा दिया। पीएम मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में समूह तीन और चार के तहत आने वाली नौकरियों के लिए साक्षात्कार को खत्म करने की जरूरत पर जोर दिया था, जिनमें व्यक्तित्व परीक्षण आवश्यक नहीं हो। अब तक 18 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों ने समूह ग और घ वर्ग में साक्षात्कार का प्रावधान खत्म कर दिया है।

छात्रों के बैंक खाते में छात्रवृति की रकम
छात्रों के बैंक खातों में छात्रवृत्ति जमा करने के लिए मंत्रालय ने 2015-16 से राष्‍ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) के जरिए प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) का इस्‍तेमाल शुरू कर दिया है। इस कदम से धनराशि के अंतरण की प्रक्रिया छोटी हो गई है और भुगतान के विलम्‍ब में कमी आई है।

मेडिकल शिक्षा को बड़ा प्रोत्‍साहन
शैक्षिक सत्र 2017-18 के लिए विभिन्‍न मेडिकल कॉलेजों और अस्‍पतालों में 4,000 पीजी की सीटें बढ़ा दी गई हैं। सीटों की संख्‍या की दृष्‍टि से यह अब तक की सबसे बड़ी बढ़ोत्तरी है। अब देश में मेडिकल की कुल 35,117 पीजी सीटें उपलब्‍ध हैं। बजट में इसे बढ़ाकर कुल 5000 पीजी मेडिकल सीटें करने का लक्ष्‍य रखा गया है, जिसके शीघ्र ही पूरा हो जाने की संभावना है। वर्ष 2021 तक सरकार एमबीबीएस की सीटें 80 हजार और स्नातकोत्तर की 45 हजार करने का लक्ष्य हासिल करना चाहती है।

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET)
सुप्रीम कोर्ट ने 28 अप्रैल, 2016 और 9 मई, 2016 को संकल्प चैरिटेबल ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई के बाद NEET(UG) तत्काल प्रभाव से लागू करने का आदेश दिया था। इसके लिए अध्यादेश लाया गया और CBSE ने 2016 में इस परीक्षा का सफलतापूर्वक आयोजन करा लिया।

दस नए IIT-IIM
केंद्र सरकार ने 2014 में ही जम्मू, छत्तीसगढ़, गोवा, आंध्र प्रदेश और केरल में पांच नए IIT खोलने का फैसला किया था। इसी तर्ज पर हिमाचल प्रदेश, पंजाब, बिहार, ओडिशा और महाराष्ट्र में पांच नए IIM खोले जा रहे हैं। सरकार एमपी में जयप्रकाश नारायण नैशनल सेंटर फॉर एक्सिलेंस इन ह्यूमनिटीज भी स्थापित करेगी। इन सबके लिए 500 करोड़ रुपये आवंटित किए गए थे।

अटल इनोवेशन का आगाज
26 दिसंबर, 2017 को सरकार ने अटल इनोवेशन मिशन की घोषणा की। देश भर के स्कूलों, विविद्यालयों तथा उद्योगों में नवप्रवर्तन तथा उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिये अटल इनोवेशन मिशन एआईएम के तहत अटल टिंकरिंग लैब स्थापित करने के वास्ते 1500 और स्कूलों का चयन किया गया। इसके तहत नए स्कूलों के चयन से कल के नवप्रवर्तक के रूप में 10 लाख बच्चों को तैयार करने के मिशन को हकीकत रूप देने में मदद मिलेगी। यह योजना नीति आयोग के तहत चलाई जा रही है।

 

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