Home चुनावी हलचल ‘राष्ट्र ऋषि’ बनना सौभाग्य की बात – नरेंद्र मोदी

‘राष्ट्र ऋषि’ बनना सौभाग्य की बात – नरेंद्र मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पतंजलि रिसर्च सेंटर का उद्घाटन किया। इस मौके पर प्रधानमंत्री को बाबा रामदेव ने राष्ट्र ऋषि के नाम से अलंकृत किया। प्रधानमंत्री ने बाबा रामदेव के इस सरप्राइज पर आभार व्यक्त किया और देश की अपेक्षाओं पर हमेशा खरा उतरने की अपनी प्रतिबद्धता को एक बार फिर से दोहराया।

125 करोड़ जनता का आशीर्वाद देता है प्रेरणा
राष्ट्र ऋषि का सम्मान मिलने पर पीएम मोदी ने कहा कि सम्मान के साथ जनता की अपेक्षाएं जुड़ी होती है और साथ ही क्या करें और क्या ना करें, ये जिम्मेदारी भी इसमें निहित होती है। प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘125 करोड़ लोगों के आशीर्वाद की ताकत से राष्ट्र के लिए समर्पित जीवन जीने के लिए नित्य नई प्रेरणा मिलती है।’

आजादी के बाद आयुर्वेद को भूलाने का काम हुआ
रिसर्च सेंटर का उद्घाटन करने के बाद पीएम ने का कि हमारे ऋषि मुनि आयुर्वेद को कितनी ऊंचाई तक ले गए थे लेकिन गुलामी के कालखंड में आयुर्वेद की उस अमूल्य संपदा को ध्वस्त करने का काम किया गया। वहीं आजादी के बाद अपनी उस परंपरा को बचाया जाता, आगे बढ़ाया जाता लेकिन उसे भूलाने का काम किया गया। पीएम मोदी ने कहा कि ‘आज मैं बड़े गर्व से कहता हूं कि आज भूलाने का वक्त नहीं है जो श्रेष्ठ है उसके गौरव का गर्व करने का है।’

आईटी के क्षेत्र में हमारे बच्चों ने किया नाम रौशन
प्रधानमंत्री ने कहा इनोवेशन और रिसर्च के प्रति उदासीनता जो हमारे दिल में घर कर गई थी उससे हम दुनिया में प्रभाव पैदा नहीं कर पाए लेकिन जब आईटी बूम भारत में आय़ा तो हमारे 18-20 साल के बच्चे माउस से खेलने लगे और हमारे बच्चों ने पूरे विश्व का ध्यान अपनी तरफ खींचा और पूरी दुनिया को प्रभावित किया।

स्वच्छता सबसे बड़ा प्रीवेंटिव हेल्थकेयर
साथ ही प्रधानमंत्री ने कहा कि होलिस्टिक हेल्थकेयर पर आज लोग जागरुक है और ऐसे समय योग ऐसा विज्ञान है जो तन-मन और आत्मा की चेतना के लिए कितना सहज उपलब्ध हो सकता है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि प्रीवेंटिव हेल्थकेयर पर बल देना होगा और उसका सबसे अच्छा रास्ता है स्वच्छता।