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परवान चढ़ती प्रधानमंत्री मोदी की ‘उड़ान’ योजना, हवाई यात्रियों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का एविएशन सेक्टर लगातार तरक्की कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी हमेशा से इसके पक्षधर रहे हैं कि विमानों के यात्री किराए में कमी हो और यह आम लोगों की पहुंच में हों। इसी मकसद से उन्होंने पिछले वर्ष उड़ान योजना शुरू की थी। प्रधानमंत्री मोदी चाहते हैं कि देश के छोटे शहरों में हवाई सेवाएं उपलब्ध हों और आम लोगों को भी सस्ते टिकट मिलें, जिससे वो हवाई यात्रा कर सकें। प्रधानमंत्री मोदी की इस पहल का नतीजा भी अब दिखने लगा है। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री के आंकड़ों के अनुसार 2016-17 में 15.84 करोड़ लोगों ने हवाई यात्रा की है। यह संख्या 2015-16 में हवाई यात्रा करने वालों की संख्या 13.49 करोड़ से 2.35 करोड़ अधिक है। गौरतलब है कि इससे पहले 2014-15 में 11.58 करोड़ लोगों ने हवाई जहाज में यात्रा की थी। आंकड़ों से साफ है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद देश का एविएशन सेक्टर भी उड़ान भर रहा है। सबसे अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना था कि हवाई चप्पल पहनने वाला भी हवाई यात्रा कर सके, और उनका यह सपना भी अब पूरा हो रहा है।

वर्ष हवाई यात्रियों की संख्या
2014-15 11.58 करोड़
2015-16 13.49 करोड़
2016-17 15.84 करोड़

 

क्या है उड़ान योजना ?

उड़ान योजना 15 जून 2016 को जारी राष्ट्रीय नागरिक उड्डयन नीति यानी एनसीएपी की एक प्रमुख घटक है। इसके तहत करीब 500 किलोमीटर के लिए एक ‘फिक्स्ड विंग एयरक्राफ्ट’ विमान से एक घंटे की यात्रा या किसी हेलीकॉप्टर से आधे घंटे की यात्रा का हवाई किराया 2500 रुपए होगा। इसके साथ ही इस योजना के तहत देश के छोटे शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ा जा रहा है। इस योजना के तहत देशभर में 141 नए हवाई रूट चिन्हित किए गए हैं। नगरिक उड्ड्यन मंत्रालय अब इन नए मार्गों पर हवाई जहाज चलाने की योजना पर काम कर रहा है। कई रूट ऐसे हैं, जिन पर विमानों का परिचालन शुरू भी कर दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने शुरू की थी सस्ती हवाई सेवा ‘उड़ान’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी वर्ष 27 अप्रैल को हिमाचल प्रदेश में शिमला के जुब्बड़हट्टी एयरपोर्ट से सस्ती हवाई सेवा ‘उड़ान’ की शुरुआत की थी। इसके तहत शिमला से दिल्ली के लिए पहली फ्लाइट ने उड़ान भरी थी। इस अवसर पर प्नधानमंत्री ने कहा ”मैं चाहता हूं कि हवाई जहाज में हवाई चप्पल वाले लोग दिखाई दें।” उन्होंने कहा कि दुनिया में हवाई सफर का सबसे ज्यादा स्कोप भारत में है और इस क्षेत्र में हमारी सरकार लगातार कार्य कर रही है।

कॉमन मैन के लिए है ‘उड़ान’ योजना
ढाई हजार रुपये में 500 किलोमीटर की एयर ट्रैवल वाली ये क्षेत्रीय संपर्क योजना अपने मूल उद्देश्य ‘उड़े देश का आम आदमी’ के लक्ष्य के साथ पहली उड़ान भरी। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले धारणा थी कि हवाई यात्रा राजा-महाराजा का ही विषय है। इसलिए एयर इंडिया का लोगो भी ‘महाराजा’ ही था। उन्होंने कहा कि अटल जी की सरकार के समय मैंने राजीव प्रताप जी से कहा कि ये लोगो बदलकर महाराजा के लोगो की जगह कार्टूनिस्ट आरके लक्ष्मण का कॉमनमैन क्यों नहीं लग सकता। उनका ये सपना पूरा हुआ इसके लिए उन्हें बेहद खुशी है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में पहली बार एविएशन पॉलिसी बनाने का सौभाग्य उनकी सरकार को मिला है और अब हवाई चप्पल पहनने वाले भी हवाई यात्रा कर सकते हैं।

टीयर टू शहरों में हवाई कनेक्टिविटी
इस योजना के तहत कडप्पा-हैदराबाद और नांदेड-हैदराबाद मार्गों पर भी उड़ानें शुरु की गई हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि टीयर टू शहरों को हवाई मार्गों से जोड़ना हमारी सरकार की प्राथमिकता है और इसके तहत अगले एक साल में 30 से 35 एयरपोर्टों से कनेक्टिविटी को जोड़े जाएंगे। प्रधानमंत्री ने इस दौरान एविएशन कंपनियों को सलाह दी कि अगर वे व्यापारिक नजरिए से सोचें कि नांदेड़ साहिब, पटना साहिब और अमृतसर साहिब का रूट बनाएंगे तो उन्हें बहुत फायदा होगा।

समय और धन की होगी बचत
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम टैक्सी से सफर करें तो 8-10 रुपये प्रति किलोमीटर का खर्च आता है और शिमला आने में समय करीब 10 घंटे लगते हैं। लेकिन इस पॉलिसी से खर्च सिर्फ 6 या 7 रुपये ही होगा। प्रधानमंत्री ने टूरिज्म को सबसे तेजी से ग्रोथ करने वाला इंडस्ट्री बताते हुए कहा कि नॉर्थ ईस्ट जो जाता है वह बार-बार जाना चाहता है। लेकिन कनेक्टिविटी के अभाव में वह ऐसा नहीं कर पाता। इस योजना से सिर्फ यात्रा की सुविधा ही नहीं बल्कि दो संस्कृतियां भी जुड़ती हैं। देश के एक कोने को दूसरे से जोड़ने का काम इससे हो रहा है।

 

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