Home विशेष समृद्धि के शिखर पर अर्थव्यवस्था, मार्केट कैपिटलाइजेशन में बना 8वां बड़ा बाजार

समृद्धि के शिखर पर अर्थव्यवस्था, मार्केट कैपिटलाइजेशन में बना 8वां बड़ा बाजार

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देश की अर्थव्यस्था के लिए एक और अच्छी खबर है। मार्केट कैपिटलाइजेशन के हिसाब से भारत, टॉप 10 की सूची में दुनिया का 8वां बड़ा बाजार बन गया है। दरअसल भारतीय शेयर बाजार में आई जबरदस्त तेजी का दौर मार्केट कैपिटलाइजेशन की रैंकिंग में लगातार बड़े बदलाव कर रहा है। यह कोई पहली सफलता नहीं है। पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत को अर्थव्यस्था के क्षेत्र में लगातार नई प्रतिष्ठा हासिल हुई है; और देश पहले से कहीं अधिक समृद्ध हुआ है।

कनाडा को पछाड़ कर बनाई जगह
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार भारतीय शेयर बाजार ने अपने मार्केट कैपिटलाइजेशन में आई 49 % की तेजी के चलते कनाडा को पीछे छोड़कर यह स्थान बनाया है। जानकारी के अनुसार बुधवार को भारत का मार्केट कैपिटलाइजेशन कनाडा के 2.21 लाख करोड़ डॉलर के मुकाबले 2.28 लाख करोड़ डॉलर रहा। इस बढ़ोत्तरी की तीन मुख्य वजहें बताई जा रही हैं। बेंचमार्क इंडेक्स यानी सेंसेक्स का 24% बढ़ना, रुपये में डॉलर की तुलना में 12% की मजबूती और आईपीओ मार्केट की बढ़ी हुई गतिविधि। इस साल अबतक 82 भारतीय कंपनियों में आईपीओ के माध्यम से लगभग 71,687 करोड़ रुपये जुटाए गए।

लेगातुम प्रॉस्पेरिटी इंडेक्स की रैंकिंग में उछाल
इससे पहले लंदन स्थित लेगातुम इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक भारत समृद्धि के मामले में चीन के बिल्कुल नजदीक पहुंच चुका है। गौरतलब है कि लेगातुम प्रॉस्पेरिटी इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2016 के मुकाबले 2017 में, 4 स्थान सुधर कर 100वां हो गया। इस सूची में चीन सिर्फ 10 स्थान ऊपर यानी 90वें स्थान पर है। लेगातुम इंस्टिट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत ने इस उपलब्धि को तब हासिल किया, जब नोटबंदी और जीएसटी के चलते जीडीपी ग्रोथ को झटका लगा है। रिपोर्ट के अनुसार, भारत व्यावसायिक माहौल, आर्थिक गुणवत्ता और प्रशासन में सुधार की बदौलत चीन के नजदीक आ सका है। रिपोर्ट में बिजनेस के माहौल और इकनॉमिक क्वॉलिटी से लेकर इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स में सुधार तथा बड़ी संख्या में भारतीयों का बैंक में खाता खुलवाने का हवाला दिया गया।

ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप इंडेक्स में 68वां स्थान
इससे पहले ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप इंडेक्स में भी एक पायदान ऊपर चढ़कर भारत 68वें स्थान पर पहुंच चुका है। पिछले साल भी भारत इस रैंकिंग में 29 स्थानों की जबरदस्त बढ़त के साथ 69वें स्थान पर था। 137 देशों की इस सूची में अमेरिका पहले स्थान पर है। प्रत्येक देश को अपने ग्लोबल आंत्रप्रेन्योरशिप इंडेक्स (जीईआई) स्कोर के हिसाब से स्थान दिया जाता है।

विश्व प्रतिभा रैंकिंग में भी उछाल
भारत विश्व स्तर पर प्रतिभा आकर्षित करने, उसे विकसित करने और उसे बनाए रखने के मामले में भी तीन पायदान ऊपर आ चुका है। स्विट्जरलैंड स्थित International Institute for Management Development (IMD) की ओर से तैयार की गई इस रैंकिंग में भारत अब 54वें से 51वें स्थान पर आ चुका है। ये इस बात का प्रमाण है कि मौजूदा सरकार देश की प्रतिभाओं में सकारात्मक भाव पैदा करने में सफल रही है। इस सूची में स्विटजरलैंड पहले स्थान पर है और टॉप 10 के सभी देश यूरोप के ही हैं।

‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में टॉप 100 में 
भारत ने विश्व की ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रिपोर्ट में 30 अंको की जबदस्त उछाल हासिल किया है। अब भारत ओवरऑल रैंकिंग में 100 वें स्थान पर आ गया है, जो कि पिछले साल 130 वें स्थान पर था। इसमें विशेष बात यह है कि किसी भी देश द्वारा लगाई गई अब तक की यह सबसे बड़ी उछाल है। इसके साथ ही भारत इस Jump के बाद दुनिया में 10 सबसे बड़े सुधार करने वाले देशों में शामिल हो गया है। दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सक्षम, समर्थ व स्पष्ट नेतृत्व के कारण भारत में कारोबारी माहौल बेहतर हुआ है और व्यवसाय शुरू करने की प्रक्रिया भी सरल हो गई है।

दुनिया की तीन भरोसेमंद सरकारों में मोदी सरकार
इससे पहले प्रामाणिक विदेशी संस्थानों की ओर से ऐसे कम से कम तीन सर्वे आए जो मोदी सरकार के आर्थिक सुधार के कार्यक्रमों पर मुहर लगाते हैं। विश्व आर्थिक मंच (WEF) के एक सर्वे में प्रधानमंत्री मोदी की अगुआई वाली सरकार को दुनिया की तीसरी सबसे भरोसेमंद सरकार बताया गया है। WEF के सर्वे के अनुसार करीब तीन चौथाई भारतीयों ने मोदी सरकार में अपना भरोसा जताया। यह सर्वे अर्थव्यवस्था की स्थिति, राजनीतिक बदलाव और भ्रष्टाचार मामलों को लेकर किये गए थे। सर्वे के नतीजों में बताया गया है कि देश में भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम और टैक्स सुधारों के कारण मौजूदा सरकार में भरोसा बढ़ा है।

‘ईज ऑफ पेइंग टैक्स’ में भी जबरदस्त उछाल
वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार, ईज ऑफ पेइंग टैक्स में भारत 53 स्थानों की छलांग लगाकर 119वें स्थान पर आ गया है। इससे पहले भारत का स्थान 172वां था। Resolving insolvency की रैंकिंग में भारत का स्थान 136वां था, जो कि अब 33 नंबर के उछाल के साथ 103वें पर आ गया है। नया व्यापार शुरू करने के लिहाज से भारत 156वें स्थान पर है लेकिन कई ऐसे सुधार किए गए हैं, जिनपर काम किया जा रहा है। विश्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत एक ऐसा देश है, जो संरचनात्मक सुधारों का बेहतर काम कर रहा है।

सुधार कार्यक्रमों पर विदेशी संस्थानों की प्रमाणिक मुहर
यही तमाम कारण हैं कि रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 13 साल बाद भारत की रैंकिंग में सुधार किया था। वहीं अमेरिका के प्यू रिसर्च के एक सर्वे ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी देश की सबसे लोकप्रिय राजनीतिक हस्ती क्यों बने हुए हैं?

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