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‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास’ मंत्र को शिद्दत से अमल में लाने में जुटी मोदी सरकार

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दूसरे कार्यकाल में सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास का मंत्र दिया है। मोदी सरकार इस मंत्र पर गंभीरता के साथ अमल भी कर रही है। मोदी सरकार की ओर से देश के अल्पसंख्यकों के लिए योजनाओं की बारिश जारी है। मोदी सरकार ने अब प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (पीएमजेवीके) के तहत अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए योजनाओं की झड़ी लगा दी है। इन योजनाओं की निगरानी खुद अल्पसंख्यक मंत्रालय कर रहा है।

इन योजनाओं को देश के अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में लागू किया जा रहा है। इसके लिए ऐसे इलाकों का चयन किया गया है, जो आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक स्तर पर पिछड़े हैं और जहां अल्पसंख्यकों की आबादी अधिक है। बताया गया है कि देशभर में ऐसे इलाकों की संख्या 1300 है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत इन इलाकों में शिक्षा के क्षेत्र में 5 पॉलिटेक्निक, 71 आईटीआई, 506 हॉस्टल, 20228 एक्सट्रा क्लास रूम, 25 डिग्री कॉलेज और 1152 स्कूल बिल्डिंग बनाए जाएंगे। वहीं, स्वास्त्य से संबंधित 821 परियोजनाओं, 5090 आंगनबाड़ी केन्द्र भी अल्पसंख्यक बाहुल क्षेत्रों में खोले जाएंगे। इन इलाकों में बड़ी संख्या में पक्के मकान भी बनाए जाएंगे।

‘मोदी सरकार 2.0’ का पहला महीना- अल्पसंख्यकों के हित में लिए गए कई फैसले
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 मई, 2019 को चुनाव परिणाम के बाद जब पहली बार देश को संबोधित किया था तो उन्होंने नारा दिया था- ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास‘। यानी प्रधानमंत्री ने साफ कर दिया था कि वे समाज के हर वर्ग, हर तबके के लोगों को साथ लेकर चलेंगे। 30 मई को प्रधानमंत्री पद की शपथ लेने के बाद श्री नरेन्द्र मोदी और उनकी सरकार ने अल्पसंख्यकों के कल्याण का एजेंडा प्राथमिकता में रखा है। मोदी सरकार 2.0 का एक महीने पूरा होने पर हम आपको बताते हैं कि प्रधानमंत्री मोदी ने अल्पसंख्यकों के हित में कौन-कौन से महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।

5 करोड़ मुस्लिम छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का ऐलान
मोदी सरकार ने ‘सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास‘ के मंत्र के तहत जून के पहले हफ्ते में 5 करोड़ अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का ऐलान किया। अल्पसंख्यक कल्याण मंत्रालय ने कहा कि पढ़ाई के जरिए ही मुसलमानों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति में परिवर्तन लाया जा सकता है। जिन 5 करोड़ अल्पसंख्यक विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का फैसला लिया गय है, उनमें 50 प्रतिशत छात्राओं को भी शामिल किया जाएगा। इतना ही नहीं अल्पसंख्यकों के बीच शिक्षा-रोजगार की जानकारी देने के लिए सौ से अधिक मौबाइल बैन भी चलाई जाएंगी।

मदरसा शिक्षा को आधुनिक बनाने का ऐलान
मोदी सरकार ने सिर्फ मुस्लिम विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने का ही ऐलान नहीं किया है, बल्कि मदसरा शिक्षा को भी आधुकनिक बनाने का ऐलान किया है। मोदी सरकार मदरसा शिक्षा को औपचारिक शिक्षा से जोड़ने का फैसला किया है। इसके लिए केंद्र सरकार द्वारा मदसरा शिक्षकों को प्रशिक्षित करने का कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इतना ही नहीं, मोदी सरकार इसका भी इंतजाम कर रही है कि मदरसों से निकलने वाले छात्र जामिया मिलिया इस्लामिया और दिल्ली विश्वविद्यालय जैसे संस्थानों में औपचारिक शिक्षा ग्रहण कर सकें।

तीन तलाक बिल लोकसभा में पास कराया
मोदी सरकार पार्ट 2 ने 21 जून में मुस्लिम महिलाओं को सदियों पुरानी कुप्रथा से मुक्ति दिलाने के लिए तीन तलाक बिल लोकसभा में पेश किया। मोदी सरकार ने पहले कार्यकाल में भी इस बिल को लोकसभा में पास कराया था, लेकिन राज्यसभा कांग्रेस और दूसरे दलों के विरोध के कारण बिल पास नहीं सका। अब मोदी सरकार ने फिर ये बिल लोकसभा में पेश किया है। कांग्रेस ने तो लोकसभा में बिल पेश करने का ही विरोध कर दिया। बाद में इसके लिए वोटिंग हुई, बिल पेश करने के पक्ष में 174 वोट पड़े, जबकि विरोध में 74 सांसदों ने वोट दिया।

पीएम मोदी के कहने पर सऊदी अरब ने हज का कोटा बढ़ाया
हाल ही में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी-20 सम्मेलन के दौरान सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्‍मद बिन सलमान के सामने हज यात्रियों के कोटे का मुद्दा उठाया था। प्रधानमंत्री मोदी के आग्रह पर सऊदी अरब सरकार ने भारत का हज कोटा 170,000 से बढ़ाकर 200,000 कर दिया है। यानी प्रधानमंत्री मोदी के प्रयास से अब 30 हजार अतिरिक्त भारतीय मुसलमान मक्का में हज यात्रा पर जा सकेंगें

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