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गांवों में बिजली पहुंचने से बदल रहा लोगों का जीवन, पढ़िये बदलाव की 10 कहानियां

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुरुवार को दींदयाल ग्राम ज्योति योजना और सौभाग्य योजना के लाभार्थियों से संवाद किया। नरेन्द्र मोदी ऐप के माध्यम से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बातचीत में उन्होंने कहा कि 15 अगस्त, 2015 को हमने लालकिला से कहा था कि हम 1000 दिनों में देश के बाकी बचे 18  हजार 374 गांवों में बिजली पहुंचाएंगे। आज यह लक्ष्य प्राप्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा, ‘’गांव-गांव बिजली सिर्फ अंधियारा ही नहीं भगा रही है बल्कि तरक्की का उजियारा भी फैला रही है।‘’ आइये हम भी जिन गांवों-घरों में  बिजली पहुंची है उनके अनुभवों को उन्हीं ग्रामीणों के शब्दों के माध्यम से महसूस करते हैं।

सपने में भी नहीं सोचा था कि गांव में बिजली पहुंचेगी : जीएन कुक्की
मणिपुर का लायसांग पावर ग्रिड से जुड़ने वाला देश का आखिरी गांव है। यहां के निवासी जीएएन कुक्की ने कहा, ”जिस दिन बिजली पहुंची पूरे गांव ने उत्सव मनाया। हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि गांव में बिजली पहुंचेगी। अब तो हमारे गांव में टीवी भी पहुंच गया है।”

मोदी सरकार के कारण हर घर में बिजली : निलंकट
त्रिपुरा में डोलाई के हरदयाल पारा गांव के निलंकट ने कहा कि मोदी सरकार ने ध्यान दिया तो गांव में बिजली आ गई। त्रिपुरा में ही बंगामपाड़ा के सीदन बतरोयिया ने बताया कि पहले रात में घर से निकलने में भी डर लगता था, अब हमलोग रात को भी घूमने निकल जाते हैं।

पूरे गांव में हो गया उजाला : पुनिवाला मुसाहारी
असम में घोघरा कोसाई गांव की इंदिरा बसुमातारी ने कहा, ‘’बिजली आने से हमारे गांव में तीन जीरोक्स की दुकानें खुल गई हैं। कपड़ा प्रेस भी गांव में होता है। कई घरों में मोटर लग गए हैं।‘’ घोघरा कसेरी गांव की पुनिवाला मुसाहारी ने बताया कि बिजली आने से पूरे गांव में अब उजाला हो गया है।

बिजली से लोगों की आंखों में रोशनी आ गई : नारायण नायक
ओडिशा में लाकुबाड़ी के नारायण नायक ने कहा, ‘’बिजली आने से गांव के लोगों की आंखों में रोशनी आ गई है। अब बिजली आने से कोई भय नहीं है। बिजली आने से टीवी भी आ गया है। प्रधानमंत्री को भी देख सकते हैं। सरकार को देख सकते हैं और फिल्म भी देख सकते हैं।‘’

गांव में तारे जमीं पर उतर आए : आरती शर्मा
जम्मू-कश्मीर में कनौटा की नौवीं क्लास की छात्रा आरती ने कहा, ‘’पहली बार कोई ऐसा प्रधानमंत्री आया है जिन्होंने हमारे गांव को इलेक्ट्रिफाइड कर दिया है। ऐसा लगता है कि तारे जमीं पर आ गए हैं।‘’ कश्मीर में मौजाकोड़ के  असदुल्ला ने कहा, ‘’70 साल से तरसते रहे, अब बिजली आई है। हम आपको मुबारकबाद देते हैं।‘’

बिजली आने से 50 से 95 प्रतिशत हो गए बच्चों के मार्क्स  : रामचंद्र बिष्ट
उत्तराखंड में टिहरी गढ़वाल के मारवाड़ी निवासी रामचंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि दीपावली के दिन उनके गांव में बिजली आई थी। उन्होंने कहा, ‘’बिजली आने से रोजगार मिल गया। जंगली जानवरों का डर दूर हुआ और बच्चों की पढ़ाई बेहतर हुई। अब मेरा बच्चा 50 की जगह 95 प्रतिशत तक नंबर लाता है।‘’

जिस दिन बिजली आई उसी दिन बेटी का जन्म, नाम रखा दीपिका : शिवनाथ सिंह
राजस्थान में जैसलमेर के तेवरिया निवासी शिवनाथ सिंह ने कहा,  ‘’हमारे गांव में लाइट नहीं होने से लोग रिश्तेदारी करने में भी कतराते थे। अब हमारा गांव एकदम शहर लगता है। जिस दिन गांव में बिजली आई उसी दिन मेरी बेटी का जन्म हुआ तो हमने उसका नाम दीपिका रख दिया।‘’

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