Home झूठ का पर्दाफाश LIES AGAINST MODI : दलित-गरीब विरोधी सरकार

LIES AGAINST MODI : दलित-गरीब विरोधी सरकार

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मोदी सरकार को दलित-गरीब विरोधी बताने का कोई मौका विरोधियों ने नहीं छोड़ा है। जबकि सच्चाई ये है कि दलित, गरीब और पिछड़ों के लिए 3 साल में जितने काम हुए हैं, उतने कभी 70 साल में नहीं हुए थे। पिछड़ों को समाज की मुख्य धारा में लाने के लिए और पिछड़ापन दूर करने के लिए मोदी सरकार ने प्राथमिकता से काम किया है-

100 सबसे पिछड़े जिलों का विकास
3 सा पूरा कर चुकी मोदी सरकार ने अगला एजेंडा भी सेट कर लिया है। यह है 100 सबसे पिछड़े जिलों को चुन कर उनका विकास करने की योजना। नीति आयोग बाकी मंत्रालयों के साथ मिलकर इस काम को अंजाम देगा। सबसे पिछड़े जिलों में आम तौर पर दलित और आदिवासियों की अच्छी तादाद होती है। इस पहल से सबसे ज्यादा फायदा उन्हीं को होगा।

गरीबों को मुफ्त गैस चूल्हे
उज्जवला योजना के तहत मोदी सरकार बीपीएल परिवारों को फ्री गैस कनेक्शन और चूल्हे दे रही है। इसके लिए 8 हजार करोड़ रुपये का बजट 3 साल के लिए बनाया गया है। अब तक 2 करोड़ लोगों को इसका लाभ मिला है। हर बीपीएल परिवार को गैस कनेक्शन खरीदने के लिए 1600 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। इनमें बड़ी तादाद दलितों और पिछड़ों की है।

उज्जवला योजना के तहत गरीबों के घरों में महिलाओं के आंसू पोंछे गये, मुफ्त गैस-मुफ्त चूल्हे बांटे गये

1 करोड़ गरीबों को मिलेंगे पक्के मकान
प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत एक करोड़ गरीबों को पक्के मकान देने की तैयारी है। प्रधानमंत्री मोदी की इस महत्त्वाकांक्षी योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 2022 तक सभी को आवास देना है। सरकार इस मिशन में युद्धस्तर पर जुट गई है। इसके लिए देश भर में 60 हजार से ज्यादा सेंटर्स पर काम चल रहा है। मूल रूप से दलित, पिछड़े और आदिवासियों को इसका फायदा मिलेगा।

28.5 करोड़ गरीबों के खुले जनधन खाते
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में गरीबों को बैंकों से जोड़ने के लिए जन धन योजना की शुरुआत की। इस योजना के तहत न सिर्फ 28.52 करोड़ से ज्यादा गरीबों को बैंकिंग सिस्टम से जोड़ा गया, बल्कि जनवरी, 2017 तक 70 हजार करोड़ रुपये भी उनके खाते में जमा कराए गये।

खुले में शौच से मुक्ति
खुले में शौच करने वालों में ज्यादातर गरीब और खासकर दलित व आदिवासी रहे हैं जिनके पास अपना शौचालय नहीं था। स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण इलाकों में 21 जनवरी 2016 तक तीन करोड़ 20 लाख घरों में शौचालय बनाए जा चुके थे। एक लाख 26 हजार गांवों को खुले में शौच से मुक्ति मिल चुकी है। इस अभियान में 2019 तक यानी महात्मा गांधी की 150वीं जयंती तक भारत को स्वच्छ बनाने का लक्ष्‍य किया गया है।

दलितों के मसीहा डॉ भीम राव अम्बेडकर से जुड़े तीर्थ का विकास 

दीक्षाभूमि में बाबा साहेब की स्मृति को नमन को करते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।

पंच तीर्थ का विकास
दलितों के मसीहा बाबा साहब अम्बेडकर से जुडे पांच प्रमुख स्थलों को पंच तीर्थ के रूप में विकसित करने का काम मोदी सरकार कर रही है। इससे जुड़ी सारी बाधाओं को सरकार ने दूर किया है।
मध्य प्रदेश के महू में बाबा साहब की जन्म स्थली में बने स्मारक में श्रद्धांजलि देने वाले नरेंद्र मोदी देश के पहले प्रधानमंत्री बने।

– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लंदन में अंबेडकर पर एक स्मारक का उद्घाटन किया। इसी घर में अपने लंदन प्रवास के दौरान अंबेडकर रहा करते थे। नया स्मारक ‘डा. बाबा साहब अंबेडकर संग्रहालय’ के नाम से जाना जाएगा।

– प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के बाद देश बदलने की जो शुरुआत भीम एप से की, उसे भी बाबा साहेब के नाम पर ही समर्पित किया है।

– प्रधानमंत्री ने मुंबई में बाबासाहब भीमराव अंबेडकर मेमोरियल की आधारश‍िला रखी। ये मुद्दा पिछले कई वर्षों से अटका पड़ा था।

– नरेंद्र मोदी ने दिल्ली में डॉ. अंबेडकर अंतर्राष्ट्रीय केन्द्र का भी शिलान्यास किया।

अम्बेडकर के नाम से सिक्के जारी
– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के 125वीं जयन्ती वर्ष समारोह के तहत 125 रुपए और 10 रुपए के स्मारक सिक्के जारी किए।

BHIM एप
मोदी सरकार ने देश को कैशलेस बनाने और डिजिटल लेन-देने को बढ़ावा देने के लिए भीम एप शुरू किया है। 2 करोड़ से ज्यादा लोगों ने भीम एप को डाउनलोड किया है। इस तरह भीम एप ने लोगों के मोबाइल को बटुआ बना दिया है।  

गांवों में दूर हुआ अंधेरा
मोदी सरकार ने आते ही यह पता लगाया कि 18, 456 गांवों में आजादी के बाद से अब तक बिजली नहीं पहुंची है। हर गांव में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया। इस पर 75, 600 करोड़ रुपये खर्च करना तय हुआ। बीते तीन सालों में 12 हजार से ज्यादा गांवों में बिजली पहुंचा दी गयी है। दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत देश के 5, 97, 464 गांवों में से 5, 91, 581 गांवों में बिजली पहुंचा दी गयी है। दलित-आदिवासी और पिछड़े जो अब तक अंधेरे में रहने को मजबूर थे, उन्हें रोशनी मिल गयी है।

दो लाख से ज्यादा प्रशिक्षित ग्रामीण लोगों को मिला रोजगार
दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्या योजना ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर मुहैया करवाने के लिए है। इसके तहत 18 साल से 35 साल के ग्रामीण युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएंगे। इस योजना के तहत 31 दिसंबर 2016 तक तीन लाख 98 हजार लोग प्रशिक्षण ले चुके हैं और दो लाख से ज्यादा लोगों को रोजगार मुहैया कराया जा चुका है।

स्टैंड अप इंडिया स्कीम
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस कदम से देशभर में रोजगार बढ़ेगा। योजना के अंतर्गत 10 लाख रुपये से 100 लाख रुपये तक की सीमा में ऋणों के लिए अनुसूचित जाति/अनुसूचित जन जाति और महिलाओं के बीच उद्यमशीलता को प्रोत्साहन दिया जा रहा है। हर बैंक को कहा गया है कि वह यह सुनिश्चित करे कि दलित, पिछड़े और महिलाओ को खोज कर इस स्कीम से उन्हें जोड़ें।

प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना
गरीबी के खिलाफ लड़ाई और बेहतर रोजगार अवसर के लिए युवाओं को कुशल बनाने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई। जनजातीय कार्य मंत्रालय जनजातीय लोगों की जरूरतों और आवश्‍यकताओं के अनुरूप ढांचा तैयार करने के लिए कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के साथ मिलकर कार्य कर रहा है। 163 प्राथमिकता वाले जिलों (जनजातीय बहुल) में से प्रत्‍येक में एक बहु-कौशल संस्‍थान की स्‍थापना की योजना बनाई गई है।

अटल पेंशन योजना
सरकार की यह एक और अहम योजना है। इससे किसी भी नागरिक को बीमारी, दुर्घटना या वृद्धावस्था में अभाव की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। इस योजना का उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के लोगों को पेंशन फायदों के दायरे में लाना है। इससे उन्हें हर महीने न्यूनतम भागीदारी के साथ सामाजिक सुरक्षा का लाभ उठाने की अनुमति मिलेगी।

प्रधानमंत्री जीवन ज्‍योति बीमा योजना
यह सरकार के सहयोग से चलने वाली जीवन बीमा योजना है। इसमें 18 साल से 50 साल तक के भारतीय नागरिक को 2 लाख रुपये का बीमा कवर सिर्फ 330 रुपये के सलाना प्रीमियम पर उपलब्‍ध है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
इसके तहत किसान अपनी फसल का बीमा करवा सकते हैं. यदि मौमस के प्रकोप से या किसी अन्‍य कारण से फसल को नुकसान पहुंचता है तो यह योजना किसानों की मदद करती है।

चार करोड़ से ज्यादा किसानों को मिले सॉयल हेल्‍थ कार्ड
खेतों की मिट्टी की जांच के लिए 2014 से अबतक 460 मिट्टी जांच प्रयोगशाला स्‍थापित किए जा चुके हैं और 4000 छोटे प्रयोगशालाओं को मंजूरी दी जा चुकी है। 21 जनवरी 2016 तक दो करोड़ 44 लाख सैंपल जमा किए जा चुके हैं और करीब चार करोड़ 72 लाख कार्ड बांटे जा चुके थे। इसका फायदा दलित, गरीब और आदिवासी उठा रहे हैं।

हर खेत में पानी
प्रधानमंत्री ग्राम सिंचाई योजना के तहत सरकार का लक्ष्य देश के हर खेत तक पानी पहुंचाना। इसमें पांच सालों (2015-16 से 2019-20) के लिए 50 हजार करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान किया गया है।

इंद्रधनुष
इस योजना का उद्देश्‍य बच्‍चों में रोग-प्रतिरक्षण की प्रक्रिया को तेज गति देना है। इसमें 2020 तक बच्‍चों को सात बीमारियों- डिप्थीरिया, काली खांसी, टिटनेस, पोलियो, टीबी, खसरा और हेपेटाइटिस बी से लड़ने के लिए वैक्‍सनेशन की व्‍यवस्‍था की गई है।

इसी तरह बाकी योजनाओं में भी गरीब और दलित-पिछड़े व आदिवासियों को पूरी जगह मिली है। इनके बिना तो किसी योजना के बारे में सोचा तक नहीं गया है। इसके बावजूद विरोधी मोदी सरकार पर दलित विरोधी या गरीब विरोधी होने का आरोप लगाते हैं तो बस इसे राजनीति ही कहा जा सकता है।

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