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बेनामी संपत्ति मामले में लालू-चिदंबरम परिवार पर कसा शिकंजा

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किसी का राजनीतिक रसूख चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो… मेरी सरकार भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। कानून अपना काम करेगा और जो सजा मिलनी है मिलके रहेगी।-नरेंद्र मोदी

कालेधन और बेनामी संपत्ति पर मोदी सरकार की सख्ती जारी है। राजनीति के बड़े नामों को भी इस सख्ती से राहत नहीं मिल पा रही है। लालू प्रसाद एंड फैमिली और पी चिदंबरम एंड फैमिली पर कसता शिकंजा इसी बात का सबूत है।

लालू और कार्ति चिदंबरम के लिए चित्र परिणाम

लालू परिवार पर कसा शिकंजा
एकहजार करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति के मामले में सोमवार (11 सितंबर) को आयकर विभाग ने लालू प्रसाद एंड फैमिली की एक दर्जन संपत्ति को कुर्क करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया। इनमें पटना में जमीन के नौ प्लॉट भी शामिल हैं। इसके अलावा दिल्ली के पालम विहार का फॉर्म हाउस जमीन के अलावा न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित एक आवासीय भवन जो बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के नाम से है, भी शामिल है।

मीसा और शैलेश की संपत्ति जब्त
आयकर विभाग ने लालू प्रसाद यादव की बेटी मीसा भारती की दिल्ली के बिजवासन के फार्म हाउस को भी अटैच कर दिया है। दरअसल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने राज्यसभा सांसद और लालू प्रसाद की बेटी मीसा भारती के बिजवासन इलाके स्थित फॉर्म हाउस को पहले ही अटैच किया था। यह फॉर्म हाउस मीसा और उनके पति शैलेश का है।

मीसा शैलेश के लिए चित्र परिणाम

ये है आरोप
आरोप है कि यह फार्म हाउस शैल कंपनियों के जरिए आए धन से खरीदा गया था। चार शैल कंपनियों के जरिए 1 करोड़ 20 लाख रुपये आए थे। इसी पैसे से यह खरीद हुई। साल 2008-09 में शैल कंपनियों के जरिए पैसा आया था जब लालू यादव रेलमंत्री थे।

मीसा शैलेश के लिए चित्र परिणाम

लालू तक पहुंच सकती है जांच
दरअसल ईडी ने मीसा और शैलेश के ठिकानों पर 8 जुलाई को भी छापेमारी की थी और दोनों से पूछताछ हुई थी। गौरतलब है कि ईडी मीसा और शैलेश के जवाबों से संतुष्ट नहीं थी। वहीं मीसा के सीए राजेश अग्रवाल के खिलाफ ईडी आरोपपत्र दायर कर चुका है। कहा जा रहा है कि इस मामले में जांच की आंच लालू तक भी पहुंच सकती है।

मीसा शैलेश के लिए चित्र परिणाम

ये संपत्तियां हुईं जब्‍त
आयकर विभाग ने इससे पहले लालू, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव, बेटियां चंदा, रागिनी यादव और सांसद मीसा भारती और दामाद शैलेष कुमार को संपत्ति जब्त करने संबंधी नोटिस थमाया था। 29 अगस्त को राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव से पूछताछ के बाद आयकर ने यह बड़ी कार्रवाई की है। आयकर विभाग दिल्ली और बिहार में एक दर्जन प्लॉट जब्त कर चुका है। इसमें दिल्ली के पालम विहार इलाके में एक फॉर्म हाउस दक्षिणी दिल्ली के फ्रेंडस कालोनी में एक भवन जो बिहार के पूर्व सीएम तेजस्वी यादव के नाम से है, और पटना के फुलवारी शरीफ में 256.75 डिसमिल जमीन पर नौ प्लॉट शामिल हैं। गौरतलब है कि पटना के फुलवारी शरीफ वाली जमीन पर शॉपिंग मॉल बनाया जा रहा था।

इन कंपनियों को किया गया अटैच
1. फार्म नंबर 26, पालम फार्म्स, बिजवासन, दिल्ली
शेल कंपनी : मिशैल पैकर्स एंड प्रिंटर्स प्राइवेट लि.
लाभार्थी : मीसा भारती और शैलेश कुमार
बुक वैल्यू : 1.4 करोड़ रुपये
मार्केट वेल्यू : 40 करोड़ रुपये

2. मकान नंब 1088, न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी
शेल कंपनी : एबी एक्सपोर्ट्स प्राइवेट लि.
लाभार्थी : तेजस्वी यादव, चंदा और रागिनी यादव
बुक वैल्यू : 5 करोड़ रुपये
मार्केट वैल्यू : 40 करोड़ रुपये

3. पटना के दानापुर के पास जालापुर में 9 प्लॉट
शेल कंपनी : डिलाइट मार्केटिंग प्राइवेट लि.
लाभार्थी : राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव
बुक वैल्यू : 1.9 करोड़ रुपये
मार्केट वैल्यू : 65 करोड़ रुपये

4. पटना के दानापुर के पास जालापुर में 3 प्लॉट
शेल कंपनी : एके इंफोसिस्टम
लाभार्थी : राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव
बुक वैल्यू : 1.6 करोड़ रुपये
मार्केट वैल्यू : 20 करोड़ रुपये

भ्रष्टाचार के महानायक हैं लालू प्रसाद यादव
लालू प्रसाद का भ्रष्टाचार दरअसल अमरबेल की तरह है, जिसने पूरे परिवार को अपनी गिरफ्त में ले रखा है। दरअसल लालू प्रसाद द्वारा बिहार के गरीब-गुरबे जनता के साथ किए गए धोखे और ‘पापों’ की फेहरिस्त इतनी लंबी है कि उसमें पूरा परिवार उलझा हुआ है, लेकिन दो और बड़े घोटालों का लालू यादव पर आरोप है जिनकी फांस में वे फंस रहे हैं।

लालूू के लिए चित्र परिणाम

रेलवे होटल घोटाला
सीबीआई ने जुलाई महीने के शुरुआत में 2006 के एक मामले में कथित अनियमितता के आरोप में लालू यादव के खिलाफ केस दर्ज किया। इसके साथ ही सीबीआई ने लालू और उनके परिवार से जुड़े 12 ठिकानों पर छापा भी मारा गया। ये सभी ठिकाने दिल्ली, पटना, रांची और गुरुग्राम में हैं। सीबीआई ने आरोप लगाया है कि रांची और पुरी के दो होटलों की देखभाल और मरम्मत के लिए निकाले गए टेंडर में गड़बड़ियां पाई गई हैं। इन दोनों होटलों को टेंडर के जरिए सुजाता होटल्स प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया था।

रेल भाड़ा नीति से 30 हजार करोड़ का नुकसान
पूर्व रेल मंत्री और आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद के कार्यकाल में इस नीति से देश को हजारों करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। दरअसल रेलवे मंत्री रहते हुए लालू प्रसाद ने माल भाड़े की दोहरी नीति अपनाई थी। इसके तहत घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उद्देश्यों के लिए सामानों के परिवहन के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित की गईं थीं। लेकिन घरेलू प्रयोजनों के लिए इस्तेमाल होने वाले लौह अयस्क को 2008 में ओलंपिक की मेजबानी करने वाले चीन को निर्यात किया गया। सीएजी रिपोर्ट में 30 हजार करोड़ के नुकसान का अनुमान लगाया गया था। बावजूद इसके तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी ने इस अनियमितता पर कोई कार्रवाई नहीं की।

कार्ति चिदंबरम पर लुक आउट नोटिस
पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम के खिलाफ भ्रष्टाचार के मामले में लुक आउट सर्कुलर पर रोक लगाने के मद्रास हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ BCI की अपील पर 18 सितंबर को फैसला होगा। CBI ने विदेशी निवेश संवर्द्धन बोर्ड (FIPB) द्वारा 2007 में आईएनएक्स मीडिया समूह को विदेश से 305 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त करने के प्रस्ताव को मंजूरी देने में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में 15 मई को FIR दर्ज की थी। सीबीआई ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि कार्ति चिदंबरम के पास विदेश में 25 संपत्तियां हैं। 

लालू और कार्ति चिदंबरम के लिए चित्र परिणाम

कार्ति चिदंबरम पर ये हैं आरोप
दरअसल कार्ति के पिता पी. चिदंबरम यूपीए सरकार में पहले गृह और बाद वित्त मंत्री रह चुके हैं। सीबीआई का आरोप है कि एक कंपनी जिस पर इनडायरेक्टली कार्ति का कंट्रोल था, उसको इंद्राणी और पीटर मुखर्जी के मीडिया हाउस (आईएनएक्स मीडिया) से फंड ट्रांसफर हुआ। कार्ति के अलावा चार और लोगों को इस मामले में समन जारी किए गए थे। कार्ति और आईएनएक्स मीडिया के खिलाफ केस दर्ज किया जा चुका है। आरोप है कि कार्ति ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके आईएनएक्स को फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट क्लीयरेंस हासिल करने में मदद की थी।

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