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कांग्रेस के भ्रष्टाचार करने के तरीके जानिए!

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स्वतंत्र भारत में छह दशकों तक शासन करने वाली कांग्रेस की सरकारों ने देश में भ्रष्टाचार को पल्लवित-पोषित करने के कई तरीके निकाले। फाइलों के बोझ तले कांग्रेस ने भ्रष्टाचार के नये-नये तरीकों से देश को अंदर ही अंदर खोखला कर दिया। परन्तु आज देश को ऐसे प्रधानमंत्री का नेतृत्व मिला है जिनके पास भष्टाचार और कालेधन को खत्म करने की राजनीतिक इच्छाशक्ति के साथ जनता का पूरा समर्थन भी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार के तरीकों पर नकेल कस दी है। आज पता चल रहा कि कांग्रेस भ्रष्टाचार करने के लिए कौन से तरीके अपनाती थी। आइये आपको कांग्रेस के भ्रष्टाचार के तरीकों के बारे में बताते हैं-

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर-1

• कांग्रेस के भ्रष्टाचार करने का पहला तरीका है -पहले आओ, पहले पाओ। कांग्रेस ने प्राकृतिक संसाधनों जैसे कोयला, स्पेक्ट्रम, लौह अयस्कों आदि के आवंटन में इस तरीके को अपनाया। अपने उद्योगपति मित्रों और कांग्रेसी नेताओं के परिवार के सदस्यों को नीलामी से पहले सब कुछ बता दिया जाता या उनके सुविधानुसार नियमों को तैयार किया जाता।

• इसी तरीके को अपनाकर 1.86 लाख करोड़ का कोयला घोटाला और 1.76 लाख करोड़ का 2 G स्पेक्ट्रम घोटाला किया।

• प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस की पहले आओ, पहले पाओ की नीति को पूरी तरह खत्म कर दिया। अब प्राकृतिक संसाधनों का आवंटन ऑनलाइन टेंडर के जरिए होता है, जिसमें सभी कुछ पारदर्शी होता है।

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर-2

• कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे अंतराष्ट्रीय आयोजनों के जरिए धन कमाना कांग्रेस के भ्रष्टाचार करने का दूसरा तरीका है। इन आयोजनों के लिए दिए जाने वाले विभिन्न कार्यों का ठेका उन्हीं को मिलता जो मोटी रकम देते थे। कॉमनवेल्थ गेम्स में घड़ी लगाने से लेकर नैपकिन तक का ठेका उसे दिया गया जिसने कांग्रेसी नेता सुरेश कलमाड़ी को मोटी रकम दी।

• प्रधानमंत्री मोदी ने सभी सरकारी खरीद के लिए आनलाइन टेंडरिंग की प्रक्रिया को आनिवार्य बना दिया। अब नियमों के आगे किसी की कोई मर्जी नहीं चलती है।

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर -3

• कांग्रेस ने बैंकों से जबरदस्ती ऋण दिलवाने को भी भ्रष्टाचार का तरीका बना लिया। कांग्रेस के नेता और मंत्री अपने मित्रों और व्यापारियों को बिना गारंटी के ऋण देने के लिए बैंक प्रबंधन पर दबाव डालते। विजय माल्या, नीरव मोदी, मेहुल चोकसी, विक्रम कोठारी, पंजाब के मुख्यमंत्री के दामाद गुरपाल सिंह आदि ऐसे अनेकों उदाहरण हैं जिन्हें बैंकों ने हजारों करोड़ रुपये का ऋण बिना किसी गारंटी या फर्जी गारंटी के आधार पर दे दिया।

• प्रधानमंत्री मोदी ने बैंकों को सख्ती से बही खाते को दुरुस्त करने के लिए कहा, जिसका परिणाम हुआ कि सारे वे राज बाहर आने लगे, जो कांग्रेस शासन के दौरान सालों से छिपे हुए थे। प्रधानमंत्री ने सख्त कानूनों को लागू किया गया और बैंकों के ऋण वापस दिलवाने की प्रक्रिया को तेज और सख्त किया।

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर -4

• जीप से लेकर जहाज की खरीद में कमीशन लेना कांग्रेस के भ्रष्टाचार का पसंदीदा तरीका है। इस तरह की खरीद फरोख्त में लेने और देने वालों के अतिरिक्त देश की जनता को कुछ ही मामलों में पता चलता है। बोफोर्स तोप की खरीद हो, टाट्रा ट्रक की खरीद हो, ऑगस्ता वेस्टलैंड हेलिकॉप्टर की खरीद हो या बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीद हो, सभी खरीद में कंपनियों से कमीशन लेना कांग्रेस के भ्रष्टाचार का सबसे सरल और सुगम तरीका रहा ।

• मोदी सरकार ने सभी सरकारी खरीद को ऑनलाइन करके इस तरह के भ्रष्टाचार को पूरी तरह से बंद कर दिया।

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर -5

• कांग्रेस ने फर्जी कंपनी बनाकर कालेधन को सफेद करने के भ्रष्टाचार के नये तरीके भी निकाले। भ्रष्टाचार से पैदा होने वाले काले धन को सफेद करने के लिए फर्जी कंपनियों के जरिए फर्जी आयात-निर्यात के बिल बनाये जाते और काले धन को सफेद किया जाता।

• नोटबंदी ने कांग्रेस के इस फर्जी कंपनी के तरीके की कलई खोल दी। प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी ने 3 लाख फर्जी कंपनियों को बंद कर दिया। इस तरह कांग्रेस का भ्रष्टाचार का सबसे बडा गोरखधंधा समाप्त हो चुका है।

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर -6

• किसानों से जमीन सस्ते में खरीद कर बिल्डरों और व्यापारियों को ऊंचे दामों पर बेच कर भ्रष्टाचार करना कांग्रेस का सबसे पॉपुलर तरीका है। राहुल गांधी के जीजा रॉबर्ट वॉड्रा ने हरियाणा, राजस्थान में किसानों की जमीन औने-पौने दामों पर खरीद कर रियल एस्टेट कंपनी DLF को ऊंचे दामों पर बेच दी। इसमें अमूमन हर राज्य के कांग्रेसी नेता, मुख्यमंत्री और उनके परिवार के सदस्य शामिल रहे। यहां तक कि सरकारी जमीनों पर कांग्रेसी नेताओं ने इमारतें बनावकर बेच दीं। महाराष्ट्र के आदर्श घोटाला में कांग्रेसी मुख्यमंत्री अशोक चहाव्ण ने ऐसा ही किया था।

• प्रधानमंत्री मोदी ने ऐसे नियम बना दिये, जहां किसानों की राय के बिना जमीन नहीं खरीदी जा सकती है और दो लाख से ऊपर की खरीद-फरोख्त के लिए नगदी के प्रयोग पर पाबंदी लगा दी और हर दो लाख से ऊपर की खरीद के लिए पैन संख्या को अनिवार्य कर दिया। भ्रष्टाचार के इस कांग्रेसी तरीके का भी अंत कर दिया।

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर -7

• गैस के सिलेंडर, यूरिया खाद और हजयात्रा पर दी जाने वाली सब्सिडी की चोरी करना, कांग्रेस के भ्रष्टाचार का सबसे गोपनीय तरीका रहा है। गैस के करोड़ों फर्जी कन्केशन के आधार पर सरकारी खजाने से सब्सिडी ले ली जाती। इसी तरह यूरिया खाद पर किसानों को मिलने वाली सब्सिडी को कंपनियों के जरिए ले लिया जाता। हज यात्रा के लिए दी जाने वाली सब्सिडी का उपयोग मुस्लिम समाज को तुष्ट करके वोट पाने के लिए किया जाता रहा।

• प्रधानमंत्री मोदी ने गैस सिलेंडर और यूरिया खाद पर मिलने वाली सब्सिडी को सीधे किसानों और उपभोक्ताओं के बैंक खाते में दिया। जिससे कांग्रेस के दौर से चल आ रहा भ्रष्टाचार का यह तरीका बंद हो गया। हज यात्रा के लिए सब्सिडी को बंद कर दिया और हज यात्रा के लिए हवाई जहाज के किराये में 20 हजार से 1 लाख रुपये तक कम करके सब्सिडी से मिलने वाली राहत से अधिक राहत दे दी और भ्रष्टाचार का भी अंत कर दिया।

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर -8

• मनरेगा की फर्जी मजदूरी से भ्रष्टाचार करने का कांग्रेस का एक ‘खौफनाक’ तरीका रहा है। कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता, सरकारी अधिकारियों के साथ मिलकर गांवों में फर्जी काम के लिए फर्जी मजदूरों का नाम रोस्टर में लिखकर मनरेगा योजना में मिलने वाले लाखों करोड़ रुपये खा जाते।

• प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस के भ्रष्टाचार के इस तरीके को भी खत्म किया, अब मनरेगा में मजदूरों की मजदूरी सीधे उनके बैंक खाते में दी जाती है। हर बैंक खाता आधार से जुड़ा हुआ होने के कारण, भ्रष्टाचार का पूरा खेल खत्म हो चुका है।

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर -9

• गरीब जनता को अनाज देने के लिए प्रयोग में आने वाले राशन कार्ड को भी भ्रष्टाचार के तरीके के रूप में कांग्रेस ने इस्तेमाल किया। फर्जी राशन कार्ड बनवाकर लाखों गरीबों को दिए जाने वाले अनाज को कालेबाजार में बेचा जाता।

• प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों के राशन कार्ड को सीधे आधार संख्या से जोड़ दिया, जिससे फर्जी राशन कार्ड पूरी तरह खत्म हो गए और गरीबों को दिए जाने वाले अनाज के लेने देने में भ्रष्टाचार पूरी तरह खत्म हो गया।

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर -10

• गरीब विद्यार्थियों को दी जाने वाली छात्रवृत्तियों को भी फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर भ्रष्टाचार करने का तरीका भी कांग्रेस ने निकला। इसमें फर्जी सर्टिफिकेट बनावकर गरीबों को दी जाने वाली छात्रवृत्तियां हड़प ली गईं।

• प्रधानमंत्री मोदी ने सभी छात्रवृत्तियों को ऑनलाइन कर आधार संख्या से जोड़ दिया। अब छात्रवृत्ति ऑनलाइन तरीके से वास्तविक गरीब विद्यार्थियों को ही मिलती है। कांग्रेस के भ्रष्टाचार का यह तकीका भी बंद हो गया।

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर -11

• किसानों के ऋण को माफ करने को भी कांग्रेस ने भ्रष्टाचार का एक तरीका बना लिया। 2008 में कांग्रेस ने किसानों के कर्ज माफी के लिए सरकारी खजाने से 66,000 करोड़ दिए। 2013 में जब CAG ने संसद में रिपोर्ट रखी तो यह बात सामने आई कि आधे से अधिक माफ किया गया ऋण उन्हें दिया गया था जिनको मिलना ही नहीं चाहिए था।

• प्रधानमंत्री मोदी ने किसानों के जनधन खातों में सीधे ऋण देने की व्यवस्था को लागू कर दिया। इस तरह कांग्रेस के भ्रष्टाचार का यह तरीका भी खत्म कर दिया।

भ्रष्टाचार का तरीका नंबर -12

• भ्रष्टाचार के धन से बेनामी संपत्तियां बनाने के तरीके को भी कांग्रेस ने खोज निकाला। अभी हाल ही में कांग्रेस के दशकों के साथी और पूर्व रेलमंत्री लालू प्रसाद ने रेलवे होटल के आवंटन के बदले जो रिश्वत को लेकर दिल्ली में बेनामी संपत्ति खरीदी थी, उसे मोदी सरकार ने जब्त कर लिया है। इसी तरह कांग्रेस के नेता और उस समय के अधिकारियों की बेनामी संपत्तियां जब्त की जा रही हैं।

• प्रधानमंत्री मोदी ने 1 नवंबर 2016 को बेनामी संपत्ति रोकथाम कानून को लागू करके, कांग्रेस के भ्रष्टाचार के इस तरीके को भी बंद कर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार को सार्वजनिक जीवन से खत्म करने के लिए जो बीड़ा उठाया है, उसके लिए जनता का भरपूर सहयोग मिल रहा है। इसमें तकनीक का इस्तेमाल भी मददगार साबित हो रहा है। भ्रष्टाचार की लड़ाई में प्रधानमंत्री मोदी के लिए आधार संख्या सबसे मजबूत हथियार के रुप में सामने आया है जिससे कांग्रेस के भ्रष्टाचारी बुरी तरह घबराए हुए हैं। 

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