Home झूठ का पर्दाफाश जय शाह को आगे कर अमित शाह पर वार कर रही है...

जय शाह को आगे कर अमित शाह पर वार कर रही है ‘शिखंडी मीडिया’ !

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बीते दो दिनों से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पुत्र जय शाह के विरुद्ध दुष्प्रचार किया जा रहा है। दरअसल भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता और पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह के विरुद्ध जब विरोधी दलों का जब कोई हथकंडा काम नहीं आाया तो उन्होंने दुष्प्रचार का सहारा ले लिया है। दुष्प्रचार भी कैसा… उनके पुत्र जय शाह के कंधे पर बंदूक रखकर आरोपों के तीर चलाये जा रहे हैं। लेकिन सच तो सच होता है वह सामने आ ही जाता है।

बहरहाल जय शाह की जिस कंपनी के बारे में कहा जा रहा है कि उनकी कंपनी टेंपल एंटरप्राइजेज प्रा. लि. का टर्नओवर 16 हजार गुना बढ़ गया है…तो आइये जरा इसकी हकीकत भी जान लीजिए कि ऐसा कैसे हुआ?

यह जानना जरूरी है कि टर्नओवर है न कि लाभ
जय शाह की जिस कंपनी का जिक्र किया जा रहा है उसके बारे में हकीकत यह है कि कंपनी में 50 हजार के निवेश के साथ इसे 15.78 करोड़ का लोन मिला था। राजेश खंडवाला नाम के व्यक्ति से मिला जो परिमल नाथवानी ( राज्यसभा सांसद )और रिलायंस इंडस्ट्रीज के टॉप एग्जीक्यूटिव है। अब इस लोन के बाद कंपनी का टर्न ओवर 80 करोड़ होना कोई बड़ी बात नहीं है। दरअसल एक सामान्य उत्पाद के खरीद-बिक्री के धंधे में यह आराम से किया जा सकता है और यही हुआ।

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एक-एक पाई का हिसाब-किताब है पक्का
सबसे विशेष है कि जय शाह को दिये गए लोन की रकम का वो ब्याज और मूलधन समेत वापस कर चुके हैं, और एक पैसा भी कर्ज नहीं है। दरअसल हर व्यापार में आमदनी और मुनाफा होता है, लेकिन इसकी शुरुआत शून्य से ही होती है। ऐसे में सवाल उठता है कि एक रजिस्टर्ड NBFC से मार्केट रेट पर लोन लेने से कौन से कानून का उल्लंघन हुआ? सवाल यह भी कि ऐसे लोन लेने का अधिकार जय शाह को नहीं है क्योंकि वे अमित शाह के बेटे हैं? जबकि लोन चेक से लिया गया और जय शाह की कंपनी ने अपने सालाना आयकर फाइल रिटर्न में इस लोन को भी भलि-भांति दिखाया है तब ये दुष्प्रचार की साजिश नहीं तो क्या है?

विरोधी दलों के टारगेट पर हैं अमित शाह
यह कोई पहली बार नहीं है कि अमित शाह और उनका परिवार मीडिया के निशाने पर आया है। कुछ महीने पहले मीडिया के एक धड़े ने अमित शाह की संपत्ति में हुई बढ़ोतरी पर खूब तंज कसे थे। लेकिन जब यह बात सामने आई कि अमित शाह की मां की मृत्यु के पश्चा उनके हिस्से की संपत्ति पर कानूनी तौर पर शाह का हक होने के कारण यह वृद्धि दर्ज की गई थी। जाहिर है वो खबर भी प्रोपेगेंडा ही निकली। उसी तरह विपक्षी दल अपनी हताशा में अब अमित शाह के पुत्र को निशाना बनाकर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। लेकिन अफसोस तो मीडिया के उस धड़े को लेकर है जो विरोधी दलों के हाथों का खिलौना बन गए हैं।

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दुष्प्रचार करने वाली पक्षकार को भी जान लीजिए
जिस क्रांतिकारी पक्षकार मीडिया ने कांग्रेस का काम आसान करने के लिए इस दुष्प्रचार का सहारा लिया है उसके बारे में भी जरा जान लीजिए। इस आलेख को लिखने वाली ‘पक्षकार’ की खुद की छवि इतनी खराब है कि एक एजेंसी द्वारा गलत खबर छापने के कारण इसे निकाला जा चुका है। इतना ही नहीं रोहिणी सिंह नाम की ये पक्षकार यूपी चुनाव में समाजवादी पार्टी के लिए प्रचार का काम करती थीं। मीडिया के नाम पर कलंक ऐसे झूठे पक्षकार की क्रेडिबिलीटि को लेकर शायद ही अब कोई संदेह आपके मन में बच जाए?

वेबसाइट और पक्षकार सहित 7 पर मानहानि का मुकदमा
जय शाह ने जहां अपने ऊपर लगे आरोपों को सिरे से नकार दिया है वहीं उन्होंने खबर छापने वाली वेबसाइट के लिए 100 करोड़ की मानहानि का मुकदमा दायर किया है। यह मुकदमा अहमदाबाद के मेट्रोपोलिटन कोर्ट में सात लोगों के खिलाफ किया गया है। जय शाह ने साफ किया है कि उनके पिता अमित शाह की छवि खराब करने के उद्देश्य से यह कृत्य किया गया है।

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