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भारत से जुड़े फाइनेंशियल ट्रांजेक्सन्स की तत्काल सूचना देगा स्विटजरलैंड

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भारत-स्विटजरलैंड मित्रता के 70 साल पूरे होने पर इस समय स्विटजरलैंड की राष्ट्रपति डोरिस लिउथर्ड भारत की यात्रा पर हैं। भारत आगमन पर उनका राष्ट्रपति भवन में शानदार स्वागत हुआ। इस मौके पर दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्विस राष्ट्रपति ने एक साझा प्रेस कांफ्रेंस किया। इस अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि अवैध वित्तीय लेन-देन को लेकर आंतरिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्विटजरलैंड सारी सूचनाएं ऑटोमेटिक बेसिस पर साझा करेगा।

फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन पारदर्शिता के लिये जरूरी
पीएम मोदी ने कहा है कि दुनिया के सामने फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन में गड़बड़ी बड़ी चिंता का गहन विषय है और इसीलिये इसमें पारदर्शिता की बहुत अधिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि चाहे ब्लैकमनी हो, डर्टी मनी हो, हवाला हो या हथियारों और ड्रग्स से संबंधित धन हो, इस वैश्विक अभिशाप से निपटने के लिये स्विटजरलैंड के साथ भारत का सहयोग जारी है। उन्होंने कहा कि पिछले साल टैक्स से जुड़ी जानकारी के ऑटोमेटिक एक्सचेंज के लिये दोनों देशों ने संयुक्त घोषणा पत्र पर हस्ताक्षर किये थे। इसके अंतर्गत स्विटजरलैंड में आंतरिक प्रक्रिया पूरी होने पर सारी सूचनाएं वो भारत के साथ ऑटोमेटिक बेसिस पर साझा करेगा।

MTCR और NSG पर स्विटजरलैंड के समर्थन के लिए आभारी- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक विषयों पर व्यापक और सार्थक चर्चा की है। इस यात्रा से हमारे संबंध और आगे बढ़े हैं। भौगोलिक प्रसार और निरस्त्रीकरण जैसे विषय दोनों ही देशों के लिये महत्वपूर्ण हैं। इस संबंध में भारत Missile Technology Control Regime (MTCR) में स्विटजरलैंड के समर्थन के लिये बहुत आभारी है। पीएम ने कहा कि क्लाइमेट चेंज एक बड़ी चुनौती है। दोनों देश पेरिस समझौते के तहत इस पर साथ मिलकर काम करने के लिये सहमत हुए हैं। क्लीन एनर्जी के लिये भारत को NSG की सदस्यता से मदद मिलेगी। इस संबंध में स्विटरजलैंड के लगातार समर्थन के लिये आपको धन्यवाद देते हैं। इंटरनेशनल सोलर एलायंस और 2022 तक 175 गीगा वॉट नवीकरणीय ऊर्जा के प्रति भारतीय प्रयास क्लीन एनर्जी और ग्रीन फ्यूचर के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

पीएम मोदी ने कहा कि FDI हमारे आर्थिक संबंधों का एक महत्वपूर्ण आधार है और भारत स्विस निवेशकों का विशेष रूप से स्वागत करता है। इस संबंध में दोनों देश एक नई द्विपक्षीय निवेश संधि जारी रखने की आवश्यकता पर सहमत हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के वृद्धि और विकास में सहभागी बनने के लिये स्विटजरलैंड की कंपनियों के पास अनेक अवसर हैं। आयुर्वेद, हेल्थ और वेलनेस को बढ़ावा देने में स्विस कंपनियां बड़ी भूमिका निभा सकती हैं। पीएम ने कहा कि उन्हें बड़ी खुशी है कि स्विटजरलैंड ने आयुर्वेद को मान्यता दी है और इस क्षेत्र में और अधिक सहयोग के लिये भी उत्सुक है। उन्होंने कहा कि भारत और यूरोपियन फ्री ट्रेड एसोसिएशन के बीच ट्रेड एंड पार्टनरशिप एग्रीमेंट पर भी चर्चा की। इसके प्रावधानों पर बातचीत पहले ही शुरू हो चुकी है। दोनों ही पक्षों ने इसे पूरा करने की प्रतिबद्धतता जताई है।

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