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अमेरिका ने माना पीएम मोदी का लोहा, भारत को देगा संवेदनशील सैन्य संचार टेक्नोलॉजी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश का रुतबा लगातार बढ़ रहा है। भारत एक विश्व शक्ति बनकर उभर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के दमदार नेतृत्व के कारण ही अमेरिका ने भारत 2प्लस2 वार्ता के दौरान भारत के साथ कम्युनिकेशंस कंपैटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट (COMCASA) पर हस्ताक्षर किए। इस महत्वपूर्ण सैन्य समझौते के बाद अमेरिका अब भारत को संवेदनशील सैन्य संचार टेक्नोलॉजी दे सकेगा। साथ ही अमेरिका के महत्वपूर्ण संचार नेटवर्क तक भारत की पहुंच होगी, जिससे दोनों देशों के सशस्त्र बलों के बीच आपसी सहयोग सुनिश्चित होगा। यह करार अमेरिका से मंगाए गए रक्षा प्लेटफॉर्मों पर उच्च सुरक्षा वाले अमेरिकी संचार उपकरणों को लगाने की भी इजाजत देगा।

भारत और अमेरिका के बीच गुरुवार को पहली ‘2प्लस2’ वार्ता के दौरान दोनों देशों ने रक्षा, आतंकवाद समेत कई मुद्दों पर बातचीत की। बातचीत में भारत की ओर से रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने हिस्सा लिया। वहीं, अमेरिका की ओर से विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और रक्षामंत्री जेम्स मैटिस ने बातचीत की। दोनों देशों ने रक्षा मंत्रियों और विदेश मंत्रियों के बीच हॉटलाइन शुरू करने का भी निर्णय लिया है जिससे दोनों रक्षा मंत्रियों और विदेश मंत्रियों के बीच सीधा संपर्क स्थापित हो जाएगा। दोनों देशों की तीनों सेनाओं के बीच पहली बार अगले वर्ष भारत में संयुक्त सैन्य अभ्यास के आयोजन का भी फैसला किया गया। यह अभ्यास देश के पूर्वी तट पर किया जाएगा।

भारत और अमेरिका के बीच पहली ‘टू प्लस टू’ वार्ता के बाद चारों मंत्री एक साथ मीडिया के सामने आए। रक्षामंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत-अमेरिका 2+2 संवाद बहुत रचनात्मक, सकारात्मक और उद्देश्यपूर्ण रहा है। बैठक के बाद उन्‍होंने एक प्रेस वक्‍तव्‍य में अमेरिका के रक्षा मंत्री जेम्‍स मेट्टिस और विदेश मंत्री माइक पोम्पियो को उनके विजन और प्रतिबद्धता के लिए धन्‍यवाद दिया। उन्‍होंने कहा कि हम भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रिश्‍तों को बहुत महत्‍व देते हैं।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि आज की बैठक में हमने शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए सहयोग को दोहराया और दोनों देशों के बीच आर्थिक विकास, समृद्धि और प्रगति के बारे में दोनों देशों के लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने पर जोर दिया। हम आतंकवाद के खतरे और अपनी साझा सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर लड़ेंगे। उन्‍होंने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी के संबंध में रक्षा सहयोग अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण आयाम है। आज भारत के सुरक्षाबल अमेरिका के साथ गहरा प्रशिक्षण और संयुक्‍त अभ्‍यास कर रहे हैं। इस क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए हमने निर्णय किया है कि 2019 में भारत के पूर्वी तट पर अमेरिका के साथ पहली बार तीनों सेनाएं संयुक्‍त अभ्‍यास करेंगी। इसके अलावा, समुद्री सुरक्षा पर भी दोनों देश आपसी संबंधों पर ध्‍यान दे रहे हैं।

रक्षामंत्री ने कहा कि हमने अमेरिका द्वारा भारत को अपना प्रमुख रक्षा साझेदार बनाने के विषय और उसके विस्‍तार पर चर्चा की। उन्‍होंने कहा कि भारत, अमेरिका के इस निर्णय का स्‍वागत करता है, जिसके तहत अमेरिका ने भारत को एसटीए टीयर-1 का दर्जा प्रदान किया है। हमने बातचीत के दौरान ‘मेक इन इंडिया’ कार्यक्रम के तहत भारत में रक्षा उत्‍पादन को प्रोत्‍साहन देने के संबंध में सरकार द्वारा उठाये गये कदमों का जायजा लिया।

श्रीमती सीतारमण ने कहा कि अमेरिका और भारत के बीच अपनी तरह का पहला 2+2 संवाद प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी और अमेरिका के राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप की दूरदृष्टि का परिणाम है। इससे दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाईयों पर पहुंचेंगे।

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