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वैश्विक विनिर्माण और स्टार्ट-अप केंद्र के रूप में उभर रहा है भारत: पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत वैश्विक निर्माण और स्टार्ट-अप केंद्र के रूप में उभर रहा है। युगांडा की राजधानी कंपाला में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज मेड इन इंडिया उत्पाद उन देशों को निर्यात किये जा रहे हैं, जहां से पहले इनका आयात होता था।

उन्होंने कहा कि, ‘भारत की अर्थव्यवस्था पूरी दुनिया के विकास को गति दे रही है। मेक इन इंडिया आज भारत की पहचान बन गया है। भारत में बनी कार और स्मार्टफोन ऐसी अनेक चीजें आज उन देशों को बेच रहे हैं जहां से कभी हम यह सामान भारत में आयात करते थे। संभव है कि बहुत जल्द युगांडा में जब स्मार्टफोन खरीदने के लिए आप जाएंगे तो आपको मेड इन इंडिया का लेबल नजर आए।’

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश में पिछले चार वर्ष में ग्यारह हजार से अधिक स्टार्टअप उद्यम पंजीकृत किए गए हैं और भारत स्टार्ट-अप केंद्र बन रहा है। उन्होंने कहा कि, ‘ आज सुई से लेकर के रेल की पटड़ियां, मेट्रो ट्रेन के कोच और उपग्रह तक भारत में ही बने स्टील से भारत में ही बन रहे हैं। विनिर्माण ही नहीं बल्कि स्टार्टअप का हब बनने की तरफ भी भारत तेज गति से आगे बढ़ रहा है।’

राजधानी कंपाला में आयोजित इस समारोह में युगांडा के राष्ट्रपति मुसेवनी भी उपस्थित थे। अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि मुझे यहां युगांडा में रह रहे भारतीय समुदाय से एक अलग तरह का भावानात्मक लगाव महसूस हुआ है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति श्री मुसेवनी का इस समारोह में यहां उपस्थित होना यह दर्शाता है कि उन्हें युगांडा में रह रहे भारतीयों और भारत से कितना प्यार है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और युगांडा के बीच संबंध सदियों पुराना है। उन्होंने उपनिवेशवाद के खिलाफ संघर्ष और युगांडा में रेल निर्माण कार्य सहित दोनों देशों के बीच के ऐतिहासिक संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा कि कई भारतीयों ने भी युगांडा की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

उन्होंने इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रदर्शन में परिलक्षित भारतीयता की भावना को जीवंत बनाए रखने के लिए भारतीय समुदाय की सराहना की।

प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि युगांडा सहित सारे अफ्रीकी देश भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने कहा कि उपनिवेशवाद के खिलाफ संघर्ष का इतिहास, एक बड़े भारतीय प्रवासी और आम विकास की चुनौतियां, इसके कारण हैं।

प्रधानमंत्री ने भारत की विदेश नीति में अफ्रीका के महत्व की बात की। इस संदर्भ में, उन्होंने नई दिल्ली में 2015 में आयोजित भारत-अफ्रीका फोरम सम्मेलन का उल्लेख किया। उन्होंने भारत और अन्य अफ्रीकी देशों के बीच अन्य उच्चस्तरीय द्विपक्षीय भागीदारी का भी उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने अन्य पहलों जैसे 3 अरब डॉलर से अधिक के क्रेडिट वाली परियोजनाएं; छात्रवृत्ति; और ई-वीजा व्यवस्था का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन के सभी सदस्य देशों में से आधे अफ्रीका से हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि एशिया और अफ्रीका के राष्ट्र नए विश्व व्यवस्था में एक मजबूत भूमिका निभा रहे हैं।

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