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डिजिटल इंडिया से बदल रही भारत की तस्वीर, देश के युवा संवार रहे अपनी तकदीर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को डिजिटल इंडिया के लाभार्थियों से संवाद किया। नरेन्द्र मोदी ऐप के माध्यम से बात करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल इंडिया आज देशभर में करोड़ों लोगों की जिंदगी में बदलाव ला रहा है। पीएम मोदी ने कहा “मेरे हिंदुस्तान में जो बदलाव आ रहा है, जो बदलाव आप लोग ला रहे हैं और अपनी उंगली की ताकत से ला रहे हैं, ये प्रगति, ये विश्वास ये विकास- रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म को साकार करने वाला है।” प्रधानमंत्री ने कहा कि डिजिटल इंडिया से ‘4-E’ साकार हो रहे हैं- Education, Employment, Entrepreneurship और Empowerment’’

प्रधानमंत्री मोदी ने इस दौरान डिजिटल इंडिया के द्वारा कॉमन सर्विस सेंटर, विलेज लेवेल एंटरप्रेन्योर और इनसे लाभ लेने आम नागरिकों बात की। आइये इन्हीं में से कुछ अनुभवों को उनके ही शब्दों के माध्यम से अनुभव करते हैं।

गांव की लड़कियां अब ऑनलाइन पढ़ाई कर पाती हैं : जितेंद्र सोलंकी
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जीतेंद्र सोलंकी ने कहा, ”4 हजार की आबादी वाले अपने गांव में सीएससी चलाता हूं। भारत नेट के बाद वाई-फाई आया और गांव में इंटरनेट की समस्या खत्म हो गई। इंटरनेट कनेक्शन गांव के घर-घर में पहुंचाया गया है, जहां लड़कियां ऑनलाइन पढ़ाई कर पा रही हैं।” उन्होंने कहा कि बुजुर्गों को पेंशन, जीवन प्रमाण जैसी बातों के लिए अब गांव के बाहर नहीं जाना पड़ता है।

गांव में 1000 से अधिक लोग अब डिजिटल साक्षर : मिसबा हाशमी
हरियाणा के यमुना नगर की मिसबा हाशमी भी सीएससी संचलित करती हैं। उन्होंने कहा, ”मैंने गांव में एक हजार से अधिक लोगों को डिजिटल साक्षर किया है।” वहीं गांव के शौकत ने बताया, ”सीएससी में जाकर ही उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का ऑनलाइन फार्म भरा था और अब उनका नाम चयन हो गया है, ढाई लाख रुपये की ग्रांट भी मिल गई है।”

कॉमन सर्विस सेंटर से हजारों लोगों को जानकारी देकर खुश हूं : स्नेहलता
राजस्थान में अलवर में सीएससी संचालित करने वाली स्नेहलता ने कहा कि वह सिर्फ 12वीं तक पढ़ी हैं, लेकिन उन्होंने इस सेंटर के माध्यम से हजारों लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी है। स्नेहलता ने घुमंतू लोगों को भी डिजिटल दुनिया से रूबरू कराया है। उन्होंने कहा, ”मेरे सेंटर में प्रतिदिन 500 से अधिक लोग आते हैं और पेंशन, मनरेगा का पैसा, टेली मेडिसिन आदि की सुविधा का लाभ उठाते हैं।”

अब हो रहा टैलेंट का सही इस्तेमाल : सुरेश
तमिलनाडु के सुरेश ने कहा, ”मेरे कस्बे की आबादी 90 हजार है। यहां बहुत टेलेंट है, लेकिन इस्तेमाल नहीं था। तब मैंने सोचा कि इस स्कीम का स्कोप है। अब मेरे साथ 50 लोग काम करते हैं जिनमें 90 प्रतिशत महिलाएं हैं।” उन्होंने कहा कि उनके सेंटर से तमिल, इंगलिश, हिंदी, तेलगू, कन्नड़ जैसी भाषाओं के जरिये विदेशी क्लाइंट के लिए डेटा मार्केटिंग जैसे काम भी किए जाते हैं।

कोर फील्ड में काम करने का मिल रहे अवसर : गरिमा
झांसी की गरिमा ने बताया कि वे मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग में दो साल से काम कर रही हैं। बरेली इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में बी-टेक करने के बाद उन्होंने कोर फील्ड में काम करना चाहा तो सरकार ने सपोर्ट किया। उन्होंने कहा, ”कॉलेज में थी तो फोन पर ‘मेड इन चाइना’, ‘मेड इन कोरिया’ लिखा रहता था, जो मुझे अच्छा नहीं लगता था। हमारी कंपनी ने ऐसा फोन लांच किया है, जिसकी पूरी मैन्युफैक्चरिंग भारत में हुई है।” प्रधानमंत्री ने गरिमा की इस बात पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि ‘मेड इन इंडिया’ मिशन पूरे देश का है। इनोवेशन से आप दुनिया को नई चीज दे सकते हैं।

MyGov एक बहुत ही अच्छा इनोवेशन : आर्य विवेकानंद
झारखंड में गिरीडीह के निवासी आर्य विवेकानंद दिल्ली में रहकर सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा, ”MyGov लोगों को जोड़ने के लिए एक बहुत ही अच्छा इनोवेशन है। अब कोई भी आम नागरिक सीधे सरकार को सुझाव दे सकता है।”

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