Home विचार प्रधानमंत्री मोदी का अनुसरण कर ‘नया पाकिस्तान’ बनाना चाहते हैं इमरान खान

प्रधानमंत्री मोदी का अनुसरण कर ‘नया पाकिस्तान’ बनाना चाहते हैं इमरान खान

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अब यह बात स्पष्ट हो चुकी है कि इमरान खान पाकिस्तान के नये प्रधानमंत्री बनने जा रहे हैं। इसके साथ ही यह भी जाहिर हो चुका है कि उनके इस मुकाम तक पहुंचने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का बहुत बड़ा योगदान है। दरअसल सोशल मीडिया में आजकल उनका एक भाषण वायरल हो रहा है जिसमें वे कह रहे हैं, ”नरेन्द्र मोदी के कामों से ये विश्वास हो गया है कि वे एक भरोसेमंद इंसान हैं”।  गौरतलब है कि इमरान खान ने बीते चार वर्षों में पाकिस्तान की आवाम को बार-बार अपनी बातों से यह बताने का प्रयास किया कि वे भी प्रधानमंत्री मोदी जैसा बनेंगे।

चुनाव जीतने के बाद अपनी पहली मीडिया ब्रीफिंग में इमरान खान ने जब यह कहा कि हम ‘नया पाकिस्तान’ बनाएंगे, तो यहां भी उन्होंने पीएम मोदी की नकल की। दरअसल उन्होंने इसकी शुरुआत 07 नवंबर, 2014 को ही कर दी थी। उन्होंने तब कहा था, ”काला धन वापस लाने के लिए पीएम मोदी जो प्रयास कर रहे हैं उसकी जितनी भी तारीफ की जाए वो कम है।” उनके इसी बयान के बाद पाकिस्तान की जनता ने उनमें पीएम मोदी की ईमानदार छवि देखनी शुरू कर दी। जाहिर है आज इसी का परिणाम है कि वे प्रधानमंत्री पद के लिए पाकिस्तान की जनता की पहली पसंद बने हैं।

दरअसल प्रधानमंत्री मोदी की राजनीति परम्परागत पॉलिटिक्स से बिल्कुल अलग है। संसद की सीढ़ियों पर शीश झुकाना हो या फिर हाथ में झाड़ू लेकर सफाई अभियान चलाना। गंगा किनारे मजदूर बनकर फावड़ा चलाना हो या फिर वीआईपी कल्चर को एक झटके में खत्म कर सामाजिक चेतना जगाना हो। पीएम मोदी ने अपने हर एक कदम के जरिये नई उम्मीद जगाई है।

संसद की सीढ़ियों से कर्तव्य परायणता का संदेश
20 मई, 2014 को देश के भावी पीएम नरेन्द्र मोदी जब संसद पहुंचे तो लोकतंत्र के मंदिर के द्वार पर सिर झुकाकर आशीर्वाद लिया। ऐसा कर उन्होंने यह बताने का प्रयास किया कि – लोकतंत्र की ताकत के कारण ही देश का एक सामान्य नागरिक भी इस जगह पर खड़ा है।

प्रधानमंत्री मोदी दान कर देते हैं अपना वेतन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज्यादातर अपनी सैलरी दान कर देते हैं। उन्होंने जब गुजरात के मुख्यमंत्री का पद छोड़ा था तब 21 लाख रुपये ड्राइवरों और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की बच्चियों की शिक्षा के लिए दान कर दिए थे। नेपाल के भूकंप पीड़ितों के लिए भी वेतन दान दिया था।

फाइल फोटो

जब झाड़ू लेकर खुद निकल पड़े पीएम मोदी
02 अक्टूबर, 2014 को प्रधानमंत्री मोदी जब खुद हाथ में झाड़ू थाम कर निकले तो उनके साथ पूरा देश जुड़ गया। 2022 तक देश को पूरी तरह स्वच्छ करने के संकल्प साथ आगे बढ़ते हुए पिछले चार सालों में सेनिटेशन करवरेज दोगुना होकर 80 प्रतिशत हो चुका है |

पीएम मोदी ने किया वीआईपी कल्चर खत्म
‘’हर भारतीय खास है और हर भारतीय वीआईपी है।‘’ प्रधानमंत्री मोदी ने यही बात कहते हुए 19 अप्रैल 2017 को लालबत्ती कल्चर खत्म करने की घोषणा की। 01 मई, 2017 से देश में वीआईपी कल्चर की प्रतीक गाड़ियों पर लगने वाली ‘लाल बत्ती’ पर सरकार ने रोक लगा दी।

लाइन में लगकर पीएम मोदी ने डाला वोट
14 दिसंबर, 2017 को प्रधानमंत्री मोदी ने साबरमती में अपना वोट डाला। खास बात ये रही कि, इस दौरान वे काफी देर तक लाइन में खड़े होकर अपनी बारी का इंतज़ार करते रहे। उनकी बारी आई तब उन्होंने वोट डाला। ऐसा कर उन्होंने बताया कि लोकतंत्र में सब बराबर है।

जनता की सहूलियत के लिए मेट्रो से सफर
प्रधानमंत्री मोदी को जब भी मौका मिलता है एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाने के लिए जन सामान्य की सुविधाओं का प्रयोग करते हैं। वे ऐसा इसलिए करते हैं ताकि उनकी वजह से आम लोगों को ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना न करना पड़े।

पीएम मोदी की ईमानदारी बनी मिसाल
लगातार तीन बार गुजरात के मुख्यमंत्री और लगातार चार वर्षों तक प्रधानमंत्री रहने के बाद भी उनके पास न तो अपना कोई घर है और ना ही कोई कार। उनकी मां आज भी अपने पुराने घर में ही रहती हैं और प्रधानमंत्री होने का कोई भी लाभ उनके परिवार ने नहीं उठाया है।

मोदी कुर्ता बन गई डिजाइनर ड्रेस
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा पहना जाने वाला मोदी कुर्ता ‘स्टाइल स्टेटमेंट’ माना जाता है। मोदी कुर्ता की सादगी ही उसे खास बना देती है। हाल के कुछ वर्षों में मोदी कुर्ता दुनिया भर में प्रसिद्ध हो गया है। जाहिर है पीएम मोदी ने सादगी को भी एक सम्मानित ब्रांड बना दिया है।

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