Home गुजरात विशेष हार्दिक की हरकतों से परेशान क्यों है पाटीदार समुदाय?

हार्दिक की हरकतों से परेशान क्यों है पाटीदार समुदाय?

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अहमदाबाद में पाटीदार अनामत आंदोलन समिति के नेता हार्दिक पटेल जैसे ही राहुल गांधी से गुपचुप तरीके से मिले तो यह समझ में आने लगा था कि दाल में कुछ काला है। हार्दिक की ये हरकत गुजरात के पाटीदार समुदाय के लोगों को भी अच्छा नहीं लगा। हार्दिक पटेल की बातें भी कुछ उलझी हुई लगती हैं, क्योंकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने उनकी पांच में से चार मांगें मान ली हैं और वे कांग्रेस को ही समर्थन करने जा रहे हैं। यही बात पाटीदार समुदाय के कई प्रमुख लोगों को नागवार गुजरी और उन्होंने हार्दिक का साथ भी छोड़ दिया है। दरअसल हार्दिक की ये चार मांगे तो भाजपा पहले ही मान चुकी है, फिर कांग्रेस ने क्या नया कहा जो हार्दिक कांग्रेस का साथ देने जा रहे हैं? पाटीदार समुदाय की मुख्य मांग है आरक्षण, लेकिन इस मांग पर तो कांग्रेस ने अब तक गोलमोल ही जवाब दिया है। जाहिर है कांग्रेस चुनावों में पाटीदार समुदाय का विभाजन कर वोट पाना चाह रही है। दूसरी ओर पाटीदार समुदाय में से अधिकतर लोगों का मानना है कि आरक्षण की लड़ाई और मांग तो ठीक है, लेकिन इस बहाने कांग्रेस से हाथ मिलाना उचित नहीं है। क्योंकि पाटीदार समुदाय हमेशा से बीजेपी के साथ रही है, बीजेपी में उन्हें हमेशा सम्मान मिला है। थोड़ी नाराजगी के बावजूद भी यह समुदाय बीजेपी के ही साथ रहना चाहता है।

बिखर रहा हार्दिक का आंदोलन के लिए चित्र परिणाम

कांग्रेस परस्ती नहीं चाहते पाटीदार !
गुजरात चुनाव में जहां कांग्रेस पाटीदारों को अपने पक्ष में करने का प्रयास कर रही है। वहीं गुजरात चुनावों से पहले ही पाटीदारों के बीच दरार पड़ती दिखाई दे रही है। पाटीदार कांग्रेस और बीजेपी को समर्थन देने को लेकर दो धड़ों में बंटते नजर आ रहे हैं। पाटीदार समुदाय में पुरानी पीढ़ी के लोग अब भी बीजेपी के ही समर्थक हैं। युवा भी अब आपस में बंट गए हैं। दरअसल पाटीदारों को लगने लगा है कि हार्दिक पटेल आरक्षण की लड़ाई से भटक गए हैं और कांग्रेस की फूट डालो और राज करो की राजनीति का हिस्सा हो गए हैं।  

पाटीदारों को धोखा दे रहे हार्दिक के लिए चित्र परिणाम

हार्दिक पटेल को किस बात का है खौफ?
कांग्रेस पार्टी हार्दिक के साथ छल कर रही है या हार्दिक पटेल पाटीदारों को भ्रम में रख रहे हैं, ये दोनों ही बातें आपस में जुड़ी हुई हैं। दरअसल कांग्रेस पार्टी ने आरक्षण को लेकर पहले ही अपना रुख साफ कर दिया है कि वह पाटीदारों को आरक्षण नहीं देने जा रही है। भरत सिंह सोलंकी ने इस बात को एक तरह से स्पष्ट भी कर दिया है, लेकिन हार्दिक हैं कि लोगों को भ्रम में रखना चाह रहे हैं। दरअसल हार्दिक पटेल ने कुछ दिन पहले इस मामले पर कांग्रेस से तीन नवंबर तक जवाब देने को कहा था, लेकिन कांग्रेस ने साफ शब्दों में कुछ नहीं कहा। अब एक बार फिर हार्दिक ने वक्त बढ़ाकर सात नवंबर कर दिया है। जाहिर है हार्दिक पटेल पाटीदार समुदाय को दुविधा में रखे हुए है ताकि राजनीतिक मलाई खाई जा सके।

पाटीदारों को धोखा दे रहे हार्दिक के लिए चित्र परिणाम

सेक्स सीडी की बात क्यों उछाली?
इस बीच हार्दिक पटेल ने एक इमोशनल कार्ड खेलते हुए खुद को पीड़ित बताया है और भाजपा पर आरोप लगा दिया कि वह उनकी फर्जी सेक्स सीडी जारी कर सकती है। अब सवाल यह है कि हार्दिक ने पहले ही कैसे पूर्वानुमान लगा लिया कि उनकी कोई सेक्स सीडी है? अगर उन्हें पता है कि सेक्स सीडी है, तो जरूर इसमें कुछ न कुछ गड़बड़ रही होगी। जाहिर है हार्दिक डबल गेम खेल रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि अगर उनकी चोरी पकड़ी गई है तो वे पहले से अपनी तैयारी कर रहे हैं और चरित्रहीनता के आरोपों से बचने की कोशिश कर रहे हैं। अगर नहीं है तो वह पाटीदार समुदाय को एक बार फिर इमोशनल तरीके से बहकाने का प्रयास कर रहे हैं।

हार्दिक और सेक्स सीडी के लिए चित्र परिणाम

ईवीएम की बात इसलिए उठाई 
पाटीदार आर्गेनाइजेशन कमिटी ने हार्दिक की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा है कि हार्दिक पटेल आरक्षण की लड़ाई से भटककर, निजी स्वार्थ पर आ गए हैं। हार्दिक पटेल आंदोलनकारियों को गुमराह न करें और राजनीतिक रोटियां न सेके। पाटीदार आर्गेनाइजेशन ने हार्दिक पटेल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और कहा कि अब वे हर गांव में खाट परिषद् आयोजित करेंगे और समाज के लोगों को जागरूक करेंगे। अब जब हार्दिक के हथकंडों का हिसाब-किताब होना शुरू हो गया है तो उन्होने ईवीएम में गड़बड़ी का आरोप लगा दिया है। जाहिर है हार्दिक को भी पता है कि वे लाख चाह लेंगे तब भी पाटीदार समुदाय भाजपा से अलग नहीं होने वाली है, ऐसे में अपनी हार और फजीहत का पूर्वानुमान लगाते हुए अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए उन्होंने ये आरोप लगाया है।

हार्दिक और ईवीएम के लिए चित्र परिणाम

हार्दिक का खिसकता जा रहा समर्थन
पाटीदार आर्गेनाइजेशन कमिटी में उमिया माताजी संस्थान (उंझा), खोडलधाम (कागवद, राजकोट), विश्व उमिया फाउंडेशन (अहमदाबाद), समस्त पाटीदार समाज (सूरत), उमिया माताजी मंदिर (सिदसर), सरदारधाम (अहमदाबाद) जैसे छह अलग अलग संगठन मौजूद हैं। अब इन्होंने हार्दिक पर ही वार बोल दिया है। पाटीदार आर्गेनाइजेशन ने हार्दिक पटेल पर आरोप लगाया कि वे आरक्षण की राह से भटक गए है और अब केवल उनका निजी स्वार्थ देखा जा रहा है। इस मुद्दे पर हार्दिक पटेल केवल अपनी राजनीतिक रोटियां सेक रहे हैं।

बिखर रहा हार्दिक का आंदोलन के लिए चित्र परिणाम

एक-एक कर टूट रहे पाटीदार नेता
गुजरात चुनावों से पहले ही पाटीदारों के बीच दरार पड़ती दिखाई दे रही है। पाटीदार कांग्रेस और बीजेपी को समर्थन देने को लेकर दो खेमों में बंटते नजर आ रहे हैं। राजनीतिक जानकार भी मानते है कि हार्दिक के पास पाटीदारों का साथ जो हुआ करता था अब धीरे-धीरे वो कम होता जा रहा है। पाटीदारों को लगने लगा है कि हार्दिक पटेल आरक्षण की लड़ाई से भटक गए हैं।

पाटीदार अनामत आंदोलन के लिए चित्र परिणाम

पाटीदार आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय संयोजक अश्विन पटेल ने भी कहा था कि कांग्रेस से उनकी मांगों के पूरा होने की उम्मीद कम है। लंबे समय के इंतजार के बाद भी मांगों पर विचार नहीं किया गया इसलिए बीजेपी से बातचीत करके मांगों पर हल जरूर निकाल सकते हैं। साफ है पाटीदारों में हार्दिक पटेल के खिलाफ आवाज उठने लगी है।

बिखर रहा हार्दिक का आंदोलन के लिए चित्र परिणाम

 

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