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मोदी सरकार में हर क्षेत्र में बही विकास की बयार, राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सर्वे ने दिखाया कमाल

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश लगातार तरक्की करता जा रहा है। एक से बढ़कर एक अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं तीन साल में भारत में बही विकास की इस बयार की कहानी अलग-अलग तरीकों से कहती आई हैं। अब Global Innovation Index की जो रिपोर्ट आई है उससे भी देश में तरक्की के खुल रहे द्वारों की पुष्टि होती है। इसके अनुसार भारत ने विभिन्न पैरामीटर पर तीन सालों में लगातार बढ़ोत्तरी दर्ज की है और जिस तरह से देश आगे बढ़ रहा है उससे साफ है कि आने वाला समय भारत का हो सकता है। ये रिपोर्ट तो सिर्फ एक झांकी है। दरअसल पिछले कुछ समय से जितने भी रिपोर्ट या सर्वे आ रहे हैं उससे ये साफ हो जाता है कि मोदी जी के नेतृत्व में तीन साल के अंदर देश कहां से कहां पहुंच गया। पूरी दुनिया में सिर्फ भारत की ही चर्चा हो रही है। विश्व समुदाय भारत में विकास की गति को देखकर भौंचक्का है।

GII में भारत की बड़ी उछाल
अंग्रेजी समाचार पोर्टल इकॉनोमिक्स टाइम्स के अनुसार Global Innovation Index की 2017 की रिपोर्ट के अनुसार पिछले तीन सालों में भारत की स्थिति लगातार बेहतर हुई है। इस इंडेक्स के अनुसार 2015 में भारत का स्थान 81वां था, वो सिर्फ तीन साल में उछलकर 60वें स्थान तक पहुंच चुका है। इसके अनुसार पिछले कुछ वर्षों में भारत ने नवाचार की दिशा में काफी क्षमता अर्जित की है। क्योंकि देश में विज्ञान और इंजीनियरिंग के स्नातकों की कोई कमी नहीं है। विश्लेषकों ने पाया है कि नई-नई खोजों की ओर ध्यान आकर्षित करने वाली सरकार की नीतियों ने इस क्षेत्र में मजबूती दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई है। इस इंडेक्स से जुड़े विशेषज्ञों की मानें तो भारत में विकास की इस रफ्तार को ध्यान में रखने की आवश्यकता है। क्योंकि नवाचार के क्षेत्र में तरक्की की ये गति कोई मामूली नहीं है। पीएम मोदी की नीतियों और योजनाओं की सफलता का ये एक और आंख खोल देने वाला सबूत है।

ये अकेली रिपोर्ट नहीं है। हाल ही में आयी ऐसी सारी रिपोर्ट्स प्रधानमंत्री मोदी की योजनाओं की सफलताओं के जीवंत सबूत हैं-

NCAER और Fitch की रिपोर्ट
National Council of Applied Economic Research (NCAER) और Fitch ने latest Global Economic Outlook (GEO) में
अगले दो सालों में देश की विकास दर 7.6 से 7.7 प्रतिशत रहने की उम्मीद जताई है

मूडीज रिपोर्ट
अमेरिकी रेटिंग एजेंसी मूडीज इन्वेस्टर सर्विस ने अपनी ग्लोबल मैक्रो आउटलुक रिपोर्ट में कहा है कि अर्थव्यवस्था पर नोटबंदी का नकारात्मक असर अल्पकालिक था। इसके अनुसार तीन से चार सालों में भारत की अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर आठ प्रतिशत हो जाएगी। मूडीज के अनुमान में वित्त वर्ष 2017-18 में भारत की अर्थव्यवस्था में 7.5 प्रतिशत और 2018-19 में 7.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि दर्ज करेगी।

‘संयुक्त राष्ट्र विश्व आर्थिक परिस्थिति एवं परिदृश्य’ रिपोर्ट
संयुक्त राष्ट्र को भी उम्मीद है कि भारत की आर्थिक वृद्धि दर अगले साल बढ़कर 7.9 प्रतिशत हो जाएगी। 16 मई को जारी रिपोर्ट यह निष्कर्ष निकाला गया है। इसके अनुसार 2017 में भारत की जीडीपी वृद्धि दर 7.3 प्रतिशत रहने का अनुमान है।

मैकेन्जी इंडिया
जून 2017 में आई मैकेन्जी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार गैरकृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर बहुत तेजी से उपलब्ध हुए हैं। इसके अनुसार 2014-2017 के बीच युवाओं को लगभग 2.6 करोड़ रोजगार के नए अवसर मिले हैं। इसमें सबसे अधिक रोजगार के अवसर प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत दिये गये ऋणों के माध्यम से खुलने वाले उद्यमों में उपलब्ध हुए हैं। रिपोर्ट कहती है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना से कुल 1.9 करोड़ युवाओं को रोजगार मिले हैं।

नैस्कॉम
नैस्कॉम की रिपोर्ट कहती है, कि आईटी क्षेत्र में 2025 तक 25 लाख से 30 लाख नई नौकरियों का सृजन होगा। इसी रिपोर्ट के अनुसार 2017 में आईटी क्षेत्र में 1,70,000 नई नौकरियों का सृजन हुआ। पिछले तीन साल में आईटी क्षेत्र में 6 लाख नई नौकरियां उपलब्ध हुईं।

विश्वबैंक की रिपोर्ट
‘इंडिया डेवलपमेंट अपडेट-2017’ के नाम से जारी विश्वबैंक की रिपोर्ट में तो यहां तक कह दिया गया है कि विमुद्रीकरण का निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए बहुत ही लाभदायक साबित होगा। इस फैसले को बिल्कुल सही बताते हुए विश्व बैंक ने कहा है कि इसके कारण अर्थव्यस्था और अधिक व्यवस्थित होगी और नियमों से संचालित होने लगेगी। इससे सरकारी खजाने में संग्रह भी बढ़ने लगा है साथ ही ऑनलाइन वित्तीय लेन-देन को भी बढ़ावा मिला है।

स्वीडिश चैंबर ऑफ कॉमर्स
भारत में स्वीडिश चैंबर ऑफ कॉमर्स हर साल व्यावसायिक माहौल को लेकर सर्वे करता है। इस साल के सर्वे में यह बात सामने आयी है कि भारत में व्यवसाय करने के लिए अब ज्यादा अनुकूल माहौल है। इस सर्वेक्षण में भारत में काम कर रही 170 स्वीडिश कंपनियों में से 160 ने भाग लिया। स्वीडन ने कहा है कि भारत में कारोबारी माहौल पहले के मुकाबले काफी बेहतर है। इन स्वीडिश कंपनियों और निवेशकों के रोजगार में 20 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।

पीपुलस्ट्रॉन्ग का सर्वेक्षण
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीपुलस्ट्रॉन्ग सर्वेक्षण में कहा गया है कि 100 से 5000 लोगों को रोजगार देने वाली मध्यम स्तर की कंपनियां में आने वालों वर्षों में सबसे अधिक नौकरियां मिलेंगीं। यदि वर्तमान समय में चल रही सकल घरेलू उत्पाद की वृध्दि दर और नौकरियों के सृजन की दर, आने वाले सालों में भी बनी रही तो 2021 तक ये कंपनियां लगभग 70 लाख नई नौकरियों का सृजन करेंगी। इसका मतलब हुआ कि हर साल लगभग 14 लाख नई नौकरियां उपलब्ध होंगी। रिपोर्ट के अनुसार ऑटोमेशन के कारण वर्तमान समय में हो रही नौकरियों में कमी की लगभग 23 प्रतिशत की भरपाई 2021 तक हो जायेगी।

नीति आयोग
नीति आयोग का अनुमान है कि देश में 8 प्रतिशत सालाना वृद्धि दर के हिसाब से अर्थव्यवस्था का आकार 2030 तक तीन गुना से अधिक हो जाएगा। यानी देश की अर्थव्यवस्था 7250 अरब डॉलर या 469 लाख करोड़ रुपये की हो जाने का अनुमान है।

सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज
नीति आयोग के थिंकटैंक सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज की 11वीं रिपोर्ट के अनुसार देश में भ्रष्टाचार का स्तर 22 प्रतिशत कम हो गया है। पुलिस, न्यायिक सेवाओं में भी घूसखोरी तेजी से घटी है। यानी घूसखोरी और भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की पीएम मोदी की कोशिशें लगातार रंग लाती नजर आ रही हैं। सीएमएस इंडिया के ये नतीजे 20 राज्यों के 3 हजार परिवारों के अनुभव पर आधारित हैं। दस सार्वजनिक सेवाओं, जैसे-बिजली, राशन की दुकान, स्वास्थ्य सेवाएं, पुलिस, न्यायिक सेवाओं, पानी आदि पर आधारित हैं। सबसे बड़ी बात ये है कि देश के 56 प्रतिशत लोगों ने कहा है कि विमुद्रीकरण के चलते सार्वजनिक सेवाओं में भ्रष्टाचार बहुत कम हो गया है।

एफडीआई में रिकॉर्ड बढ़ोत्तरी
भारतीय अर्थव्यवस्था में दुनिया का भरोसा बढ़ा है। 2016-17 में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 8 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है। ये बढ़कर अब 60.08 अरब डॉलर की नई ऊंचाई पर पहुंच गई है। दरअसल एफडीआई नीति में बदलाव और देश में ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’नीति को बढ़ावा देने से एफडीआई में बढ़ोतरी हुई है। 2016-17 में एफडीआई इक्विटी प्रवाह 43.48 अरब डॉलर रहा, जो किसी एक वित्त वर्ष में सर्वाधिक है।

यानी पिछले तीन सालों में देश के समग्र विकास के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने कई सारी योजनाऐं और नीतियां लागू की हैं जिनका असर अब दिखाई पड़ने लगा है। कहते हैं कि सच्चाई आखिर सच्चाई होती है, जो आखिरकार बाहर आकर ही रहती है।

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