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प्रधानमंत्री मोदी की विपक्षी दलों से सहयोग की अपील, कहा- सरकार हर विषय पर चर्चा को तैयार

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संसद के मानसून सत्र से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सरकार संसद में हर विषय पर चर्चा के लिए तैयार है। श्री मोदी ने कहा, “मानसून सत्र में देशहित के कई महत्वपूर्ण मसले, जिन पर निर्याण होना जरूरी है, देश के की महत्वपूर्ण मसलों पर चर्चा होना जरूरी है। जितनी व्यापक चर्चा होगी, सदन के अनुभवी वरिष्ठ लोगों का सदन को मार्गदर्शन होगा। सरकार की भी निर्णय प्रक्रिया में अच्छे सुझावों से फायदा होगा।”

पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि सभी राजनीतिक दल सदन के समय का सर्वाधिक उपयोग देश के महत्वपूर्ण कामों को आगे बढ़ाने में करेंगे और हर किसी का पूर्ण सहयोग रहेगा। प्रधानमंत्री ने ये भी कहा कि देशभर में भारत की संसद की गतिविधि की छवि राज्य विधानसभाओं के लिए भी प्रेरक बने, उम्मीद है कि कि ऐसा उत्तम उदाहरण सभी संसद सदस्य और सभी राजनीतिक दल प्रस्तुत करेंगे।

 

 

 

आपको बता दें कि 17 जुलाई यानि मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा और लोकसभा के सदस्‍यों को संबोधित करते हुए उनसे राष्‍ट्रहित में रचनात्‍मक सहयोग का अनुरोध करते हुए कहा था कि सरकार उनके द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दों को पूरा महत्‍व देती है ऐसे में उन्‍हें विश्‍वास है कि सभी राजनीतिक दल संसद सत्र के सुचारू संचालन में पूरा सहयोग करेंगे और राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर रचनात्मक चर्चा करेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल दोनों सदनों में अपने मुद्दों को उठायें और उन पर सार्थक बहस करें लेकिन सदन को चलाने का हर संभव प्रयास होना चाहिए। इससे विचारों के आदान-प्रदान का अवसर मिलेगा और सत्ता पक्ष को भी विभिन्न विषयों पर आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। श्री मोदी ने कहा कि यह सत्ता पक्ष, विपक्ष और आम लोगों सबके लिए अच्छी और फायदे की स्थिति होगी।

मंगलवार को सर्वदलीय बैठक में भी राजनीतिक दलों के नेताओं ने सत्र के दौरान उठाए जाने वाले अहम मुद्दों की जानकारी दी। सभी दलों ने बिना किसी व्यवधान या गतिरोध के संसद सत्र को सुचारू रूप से चलाने और दोनों सदनों में रचनात्मक चर्चा पर सहमति भी जताई।

संसदीय मामलों के मंत्री अनंत कुमार ने सर्वदलीय बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सरकार ने देशहित में सभी राजनीतिक दलों खासकर विपक्ष से सदन का कामकाज सही तरीके से चलाने में सहयोग का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा कि भारत के लोग चाहते हैं कि संसद में काम हो। अनंत कुमार ने बताया कि सभी दल मॉनसून सत्र की सफलता के पक्ष में हैं। उन्होंने कहा कि सरकार नियमों के तहत सदन में किसी भी मुद्दे पर चर्चा के लिए हमेशा तैयार है और सत्र के सुचारू संचालन के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

संसदीय कार्यमंत्री ने बताया कि संसद का मॉनसून सत्र 2018 बुधवार 18 जुलाई से आरंभ हो रहा है और शुक्रवार 10 अगस्त, 2018 को समाप्त होगा। इस दौरान संसद की कुल 18 बैठकें होंगी। 24 दिनों तक चलने वाले इस सत्र में 48 महत्वपूर्ण विधेयक लिए जाएंगे और उन पर चर्चा होगी। इनमें से 6 विधेयक ऐसे होंगे, जो अध्यादेश का स्थान लेंगे। ये विधेयक जिन अध्यादेश का स्थान लेंगे, उनमें भगौड़ा आर्थिक अपराध अध्यादेश 2018, आपराधिक कानून संशोधन अध्यादेश 2018, उच्च न्यायालयों की कमर्शियल अदालतें, कमर्शियल डिविजन्स और कमर्शियल अपीलीय डिविजन्स (संशोधन) अध्यादेश, 2018, होम्योपैथी सेंट्रल काउंसिल (संशोधन) अध्यादेश, 2018, राष्ट्रीय खेल विश्वविद्यालय अध्यादेश, 2018, इनसॉल्वेंसी और बैंकरप्सी संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2018 शामिल हैं।

इसके अलावा मॉनसून सत्र में दोनों सदनों में लंबित पड़े कुछ और महत्वपूर्ण विधेयकों पर भी चर्चा होगी और उन्हें पारित किया जाएगा। इनमें उपभोक्ता संरक्षण विधेयक 2018, नई दिल्ली अंतर्राष्ट्रीय आर्बिट्रेशन केन्द्र विधेयक 2018, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के अधिकारों का संरक्षण विधेयक, 2016, संविधान का 123वां संशोधन विधेयक 2017, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग विधेयक 2017, मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2017, मोटरवाहन संशोधन विधेयक 2017 और भ्रष्टाचार निरोधक संशोधन विधेयक 2013 शामिल हैं।

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