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भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े में फिर घिरा गांधी परिवार

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ढींगरा कमीशन की रिपोर्ट सामने क्या आई कांग्रेस में खलबली मच गई है। भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की फांस इस बार प्रियंका गांधी को अपने घेरे में ले रही है। अब खुद प्रियंका गांधी वाड्रा को सामने आकर सफाई देनी पड़ रही है। वो कह रही हैं कि उनकी संपत्ति से उनके पति रॉबर्ट वाड्रा या उनकी कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी का कोई लेना-देना नहीं है। दरअसल वाड्रा जमीन घोटाले की जांच के लिए बिठाए गए ढींगरा कमीशन की रिपोर्ट में 20 से ज्यादा प्रॉपर्टीज की जानकारी दी गई है, जो वाड्रा और उनकी कंपनियों ने खरीदी थीं। इनमें से एक भूखंड को स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी प्राइवेट लिमिटेड ने ओंकारेश्वर प्रॉपर्टीज से खरीदा था।

सूत्रों के मुताबिक ओंकारेश्वर से खरीदी गई प्रॉपर्टी को फिर लैंड यूज में बदलाव के बाद कहीं ज्यादा कीमत पर डीएलएफ के हाथ बेच दिया गया था और इस तरह 50.50 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हासिल किया गया। ऐसे में प्रियंका गांधी की ये दलील किसी को हजम नहीं हो रही है कि उनके पति की संपत्ति से उनका कोई लेना-देना नहीं है। अब भले ही प्रियंका गांधी सफाई दे रही हैं, लेकिन ढींगरा कमीशन की रिपोर्ट के आधार पर वाड्रा परिवार के भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े की एक और कहानी सामने आ गई है।

ये है मामला
रॉबर्ट वाड्रा की पत्नी प्रियंका गांधी वाड्रा ने 2006 में हरियाणा के फरीदाबाद जिले के गांव अमीपुर में खेती की जमीन खरीदी थी। 5 एकड़ की इस जमीन के लिए उन्होंने 15 लाख रुपए चेक के जरिए चुकाए थे। इसी जमीन को लेकर उन पर आरोप लगा है कि उन्होंने खेती की जमीन को बदलाव के बाद कहीं ज्यादा कीमत पर डीएलएफ के हाथों बेच दिया था और इस तरह 50.50 करोड़ रुपये का प्रॉफिट हासिल किया गया।

प्रियंका की सफाई
प्रियंका गांधी ने कहा कि उस प्लॉट की खरीद का स्काईलाइट के ट्रांजैक्शंस या डीएलएफ से कोई संबंध नहीं है और उसे ‘कथित’ स्काईलाइट लैंड डील के छह साल पहले खरीदा गया था। स्काईलाइट हॉस्प‍िटलिटी के कथित जमीन सौदे से पहले 28 अप्रैल, 2006 को प्रियंका गांधी वाड्रा ने 40 केनाल (5 एकड़) जमीन हरियाणा के फरीदाबाद जिले के अमीपुर गांव में खरीदी थी। इसके लिए 3 लाख रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से 15 लाख रुपये का समग्र भुगतान चेक से किया गया था। प्रियंका गांधी ने अपने बचाव में कहा है कि जमीन खरीदने के लिए उन्होंने दादी इंदिरा गांधी से विरासत में मिली रेंटल प्रॉपर्टी की आय का इस्तेमाल किया था। प्रियंका ने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप एक संदिग्ध दस्तावेज पर आधारित हैं और यह उनकी छवि को खराब करने की एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश है।

‘जांच की जरूरत’
ढींगरा कमीशन की रिपोर्ट में साफ कहा गया है कि इस मामले की जांच की जरूरत है। रिपोर्ट के मुताबिक रॉबर्ट वाड्रा को डीएलएफ से जो पैसा मिला, क्या उसके एक हिस्से का इस्तेमाल उनकी पत्नी ने हरियाणा के फरीदाबाद में संपत्ति खरीदने के लिए किया। कमीशन ने 20 से ज्यादा ऐसी प्रॉपर्टी की रिपोर्ट दी है। ढींगरा कमीशन के अनुसार वाड्रा ने हसनपुर गांव में भी 16 लाख रुपये प्रति एकड़ के ऑफिशियल रेट के आधे से कम भाव पर एक प्रॉपर्टी खरीदी थी। जिसके सेल डीड को जीरो पेमेंट पर स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के फेवर में बनाया गया। यह काम स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी के एकाउंट में पैसा ट्रांसफर करने के लिए डीएलएफ को एनलिस्ट करने के लिए किया गया था।

बहरहाल, ढींगरा रिपोर्ट से इतर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के आरोपों में घिरा गांधी परिवार भले ही सफाई दे रहा है, लेकिन असल मामला तो जांच रिपोर्ट के सामने आने के बाद ही आएगा। खास बात ये है कि कांग्रेस पर कई दर्जन घोटाले के संगीन आरोप लगे, लेकिन इसमें से कई घोटाले में सीधे-सीधे इनके परिवार का नाम सामने आया है। आइए आपको बताते हैं उन घोटालों के बारे में जिनमें सीधे गांधी परिवार के लोगों पर आरोप लगे हैं-

रॉबर्ट वाड्रा- डीएलएफ घोटाला-2012

  • 2012 में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर डीएलएफ घोटाले का आरोप लगा। उनपर शिकोहपुर गांव में कम दाम पर जमीन खरीद भारी मुनाफे में रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ को बेचने का आरोप लगा।
  • उनपर डीएलएफ से 65 करोड़ का ब्याजमुक्त लोन लेने का भी आरोप लगा. उनपर ये आरोप लगे कि इसके पीछे कंपनी को राजनीतिक फायदा पहुँचाना था।
  • वाड्रा पर यह भी कहा गया कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के रहते उन्होंने कई जगह बेहद कम दाम पर जमीन खरीदने का काम किया।


अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टर घोटाला- 2013

अगस्टा वेस्टलैंड घोटाले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम सामने आने के बाद से ही कांग्रेस पर चारों ओर से हमले हुए।

  • भारत ने फरवरी 2010 में अगस्ता वेस्टलैंड के साथ 12 हेलीकॉप्टर खरीदने के लिए 36 अरब रुपए के सौदे पर दस्तखत किए।
  • इतालवी कोर्ट ने माना कि भारतीय अफसरों और राजनेताओं को 15 मिलियन डॉलर रिश्वत दिए गए।
  • सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल पर कमीशन लेने के आरोप लगे।
  • इतालवी कोर्ट ने एक नोट में इशारा किया था कि सोनिया सौदे में पीछे से अहम भूमिका निभा रही थीं। कोर्ट ने 225 पेज के फैसले में चार बार सोनिया गांधी का जिक्र किया।

नेशनल हेराल्ड केस-2011

  • गांधी परिवार पर अवैध रूप से नेशनल हेराल्ड की मूल कंपनी की संपत्ति हड़पने का आरोप लगा।
  • 1938 में कांग्रेस ने एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड नाम की कंपनी बनाई थी। यह कंपनी नेशनल हेराल्ड, नवजीवन और कौमी आवाज नाम से तीन अखबार चलाती थी। एक अप्रैल 2008 को ये अखबार बंद हो गए।
  •  मार्च 2011 में सोनिया और राहुल गांधी ने यंग इंडिया लिमिटेड नाम की कंपनी खोली।
  • एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड को एक रियल एस्टेट फर्म में तब्दील कर दिया गया।
  • गांधी परिवार पर अवैध रूप से इस संपत्ति को अधिग्रहण करने के लिए पार्टी फंड का इस्तेमाल करने का आरोप लगा।
  • इस मामले में सुब्रमण्यम स्वामी ने सोनिया और राहुल के खिलाफ अदालत में संपत्ति के बेजा इस्तेमाल का केस दर्ज कराया।

बोफोर्स घोटाला

  • बोफोर्स घोटाले राजीव गांधी की छवि को गहरा धक्का पहुँचा।
  • उस समय आरोप लगा था कि भारतीय सेना को 155 एमएम हॉविट्जर तोप बेचने के लिए स्वीडन की तोप बनाने वाली कंपनी बोफोर्स ने राजीव गांधी समेत कई कांग्रेस नेताओं को बतौर कमीशन 64 करोड़ रुपए दिए थे।
  • इस सौदे में गांधी परिवार के करीबी और इतालवी कारोबारी ओतावियो क्वात्रोकी के अर्जेंटीना चले जाने पर सोनिया गांधी पर भी आरोप लगे।

इसके साथ ही मारुति घोटाले में भी परिवार का नाम आया

मारुति घोटाला- 1973

  • मारुति कार कंपनी बनाने का लाइसेंस जब संजय गांधी को मिला था तब इंदिरा गांधी का नाम इस घोटाले में आया था।
  • सोनिया गांधी को 1973 में मारुति टेक्निकल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का एमडी बनाया गया, हालांकि उनके पास इसके लिए जरूरी तकनीकी योग्यता नहीं थी। कंपनी को सरकार की ओर से टैक्स, फंड और कई छूटें मिलीं थी। लेकिन एक भी कार नहीं बना सकने के कारण 1977 में कंपनी बंद कर दी गई।
  • इसी तरह नागरवाला घोटाले में इंदिरा गांधी और मूंदड़ा घोटाले में जवाहरलाल नेहरू का नाम आया था।

आखिर देश कब तक घोटालों की चोटें सहन करता रहता। अब आप समझ सकते हैं कि भ्रष्टाचार, कालेधन और घोटाले पर लगाम लगाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो नोटबंदी अभियान चला रहे हैं जिससे कांग्रेस में बौखलाहट है।

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