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फर्जी स्टिंग के मामले में जमानत के लिए राजदीप, आशुतोष व अन्य को कुछ देर रहना पड़ा हिरासत में

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बार-बार अपनी फजीहत कराने वाले अविश्वसनीय पत्रकार राजदीप सरदेसाई को फर्जी स्टिंग ऑपरेशन के मामले में गाजियाबाद कोर्ट ने कुछ समय तक हिरासत में रखा। कोर्ट ने उन्हें जमानत दे दी है। पत्रकार राजदीप के साथ पत्रकार से नेता बने आशुतोष को भी इसी मामले में कुछ समय हिरासत में रखा गया। वर्ष 2006 में शैतान डॉक्टर के नाम से फर्जी स्टिंग चलाने के मामले में पत्रकार राजदीप, आशुतोष समेत 9 लोगों के खिलाफ पीड़ित डॉक्टर ने मान हानि का केस दर्ज कराया है।

फर्जी स्टिंग चलाने के मामले में नौ नामजद
वर्ष 2006 में आईबीएन 7 और आईबीएन-सीएनएन (अब न्यूज 18 और सीएनएन न्यूज 18) टीवी चैनल ने ’शैतान डॉक्टर’ के नाम से एक स्टिंग ऑपरेशन चलाया था। यह स्टिंग ऑपरेशन डाक्टर अजय अग्रवाल के खिलाफ था। तब वह गाजियाबाद में पोस्टेड थे। स्टिंग को पूरी तरह गलत बताते हुए डाक्टर अग्रवाल ने गाजियाबाद की अदालत में नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दायर किया। ये नौ लोग हैं – राजदीप सरदेसाई, आशुतोष, राघव बहल, अरुणोदय मुखर्जी, संजय राय चौधरी, हर्ष चावला, समीर मनचंदा, नीति टंडन और जमशेद खान।

मामला दर्ज तो दौड़े हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक, नहीं मिली राहत
केस दर्ज होने के बाद सभी आरोपी इलाहाबाद हाईकोर्ट चले गए। हाईकोर्ट ने नौ में से सात लोगों के खिलाफ स्टे दे दिया लेकिन दो के खिलाफ वाद जारी रखने को कह दिया। ऐसे में, डाक्टर अजय अग्रवाल सुप्रीम कोर्ट गए। सुप्रीम कोर्ट के पास इस तरह का पहला केस आया। सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि झूठे मनगढ़ंत स्टिंग या खबर चलाने चैनल के मालिक से लेकर न्यूज रीडर तक सभी जिम्मेदार होंगे। यहां डॉक्टर अजय अग्रवाल को जीत मिली और गाजियाबाद की अदालत में केस की सुनवाई चल रही है।

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