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जिग्नेश मेवाणी और ममता बनर्जी ने किया ऐसा काम, जिससे आपका सिर शर्म से नीचे झुक जाएगा

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पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और गुजरात के युवा नेता जिग्नेश मवाणी – वैसे तो दोनों दो अलग-अलग राज्यों से हैं, एक महिला हैं तो एक पुरुष, दोनों की उम्र अलग-अलग है। इसके अलावा भी कई असमानताएं हैं, लेकिन इसके बाद भी दोनों के बीच एक ऐसी समानता है, जिसकी जानकारी मिलते ही हर किसी का सिर शर्म से नीचे झुक जा रहा है। वह समानता यह है कि ममता विदेश जाकर भारत को बदनाम कर रही हैं और जिग्नेश मेवानी दिल्ली जाकर गुजरात को बदनाम कर रहे हैं। 

एक ने प्रदेश तो दूसरे ने देश को किया बदनाम
एक ओर प्रधानमंत्री देश और विदेश में भारत की छवि बेहतर करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं तो दूसरी ओर नफरत की राजनीति करने वाले लोग दिल्ली में गुजरात को, लंदन में भारत को बदनाम करने में लगे हैं।

ममता चोर उचक्कों को लेकर लंदन पहुंची, भारत को बदनाम किया!
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इन दिनों अधिकारिक विदेश टूर पर लंदन गईं हुई हैं। वह अपने साथ भारी-भरकम वरिष्ठ पत्रकारों की टीम लेकर गई हैं। लंदन के होटल में डिनर के दौरान कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों ने चांदी के चम्मच को जेब में रख लिया। यह सब खुफिया कैमरे में कैद हो गया। होटल स्टाफ के कहने पर कुछ पत्रकारों ने चोरी किए हुए सामान लौटा दिए, लेकिन बांग्ला समाचार के एक वरिष्ठ पत्रकार व संपादक ने होटल के स्टाफ को ही धमकी दे डाली। मीडिया रिपोर्ट से अनुसार होटल स्टाफ ने पुलिस बुला लिया। उसके बाद रंगे हाथ धरे गए पत्रकार को 50 पौंड बतौर जुर्माना भरना पड़ा। बताया जाता है कि आरोपी पत्रकार अकसर ममता बनर्जी के साथ विदेश दौरे में साथ होता है। 

जिग्नेश ने चोर उचक्कों की दिल्ली में रैली की, गुजरात को बदनाम किया!
जिग्नेश मवाणी गुजरात से दिल्ली राजनीति में नया करने के लिए आए। यहां 9 जनवरी को युवा हुंकार रैली के बहाने हुंकार भरने आए, लेकिन उनकी हुंकार रैली हुआं-हुआं होकर रह गई। उनके साथ आए चोर उच्चके समर्थक के रूप में रैली में आए। इन लोगों ने ऐसा कांड किया कि जिसने भी सुना, भौचक्का रह गया। रैली में पांच मोबाइल फोन और 3 पर्स चोरी हुए। 

दोनों करते हैं नफरत की राजनीति
जिग्नेश मवाणी दलितों को पटेल और अन्य समाज के बीच नफरत को हवा देकर अपनी राजनीति चमका रहे हैं। नफरत की राजनीति से ही जिग्नेश मवाणी आगे बढ़े हैं। सत्ता मोह में ममता बनर्जी वोट बैंक के लिए नफरत की राजनीति करने पर उतर आई है। मुसलमानों को संतुष्ट करने के लिए हिन्दुओं के धार्मिक अनुष्ठानों और संस्कृति पर चोट करने में कोई संकोच नहीं करती है। ममता बनर्जी का पूरा कार्यकाल मुसलमानों वोट बैंक के लिए हिन्दुओं पर सांस्कृतिक कुठाराघात करने में कोई संकोच नहीं करती। बंगाल का प्रशासनिक अमला धार्मिक भावनाओं को भड़काने का काम करती है।

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