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सावधान! विदेशों से नहीं, हिंदुस्तान को घर में छुपे दुश्मनों से अधिक खतरा

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पिछले कुछ सालों में अपने देश में एक अजीब प्रवृत्ति में वृद्धि हुई है। अपने ही देश को खतरे में डालने की प्रवृत्ति, देश को बदनाम करने की प्रवृत्ति, हजारों साल पुरानी मूल भारतीय सभ्यता और संस्कृति को धूमिल करने की प्रवृत्ति। तथ्य ये है कि सैकड़ों साल पहले ऐसी ही मानसिकता वाले ‘अपने’ लोगों के चलते देश गुलाम बन चुका है। चिंता की बात ये है कि ऐसे लोगों में समाज के तथाकथित संभ्रांत लोग भी शामिल हैं। इनमें से अधिकतर लोग वो हैं जो क्षणिक निहित स्वार्थ में देश की प्रगति को बाधित कर रहे हैं और माहौल को विद्वेषपूर्ण बना रहे हैं।

फारुक अब्दुल्ला
कहा जा रहा है कि जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के नेता फारुक अब्दुल्ला सत्ता से दूर रहकर बदहवास हो गये हैं। उन्होंने जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान की जुबान में बात करके अपना असली चेहरा दिखा दिया है। अबकी बार उन्होंने कहा है कि कश्मीर समस्या को सुलझाने के लिये अमेरिका और चीन की मध्यस्थता स्वीकार करनी चाहिए। जबकि तथ्य ये है कि पीओके समेत पूरा जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इस मामले में किसी तीसरे देश की मध्यस्थता भारत की तय नीति के विरुद्ध है। ये कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अब्दुल्ला कश्मीर के मसले पर ऐसे ही देशविरोधी बयान दे चुके हैं।

नरेश अग्रवाल
समाजवादी पार्टी के सांसद नरेश अग्रवाल ने राज्यसभा में एक ऐसी टिप्पणी कर दी जिसके विरोध में पूरा देश उद्वेलित है। उन्होंने हिंदू देवी-देवताओं को शराब के विभिन्न प्रकारों से जोड़कर ऐसी विवादास्पद टिप्पणी कर दी, जिसे सदन की कार्यवाही से हटाना पड़ गया। अग्रवाल ने ये टिप्पणी अचनाक नहीं की थी। सदन की कार्यवाही लाइव चल रही थी, इसीलिए उसे तत्काल रोका जाना नामुकिन था। टीवी से निकलकर उनकी गंदी जुबान से निकले शब्द सोशल मीडिया के माध्यम से पब्लिक डोमेन में पहुंच गये हैं। उन्हें ये भी पता है कि अगर ऐसी टिप्पणी किसी दूसरे धर्म को लेकर करते तो वो सिर्फ खेद प्रकट कर बच नहीं सकते थे।

राहुल गांधी
भारत-चीन के बीच इस समय सिक्किम से सटे डोकलाम क्षेत्र जबर्दस्त तनातनी का माहौल है। इस कूटनीतिक और सैन्य तनाव पर दुनिया भर की नजरें गड़ी हैं। ऐसे में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी जिन हालातों में चोरी-छिपे भारत में मौजूद चीन के राजदूत लिओ झाओहुई से मिलने पहुंच गए उसने सारे देश को हैरान कर दिया। इन हालातों में राहुल के चीनी राजदूत से मुलाकात करना कई तरह के सवाल खड़े करता है। कांग्रेस पार्टी पर वो भले ही माई-बाप बनकर शासन करते हैं, लेकिन उनकी सियासी और कूटनीतिक समझ पर अभी देश का भरोसा नहीं जम पाया है। अगर राहुल के मन में कुछ भी गलत नहीं था तो उनकी पार्टी को पहले इस मुलाकात पर झूठ क्यों बोलना पड़ा ? राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं। लेकिन देश को धोखा देकर दुश्मन देश से गोपनीय बातें करना कई आशंकाओं को जन्म देती हैं।

रॉबर्ट एवं प्रियंका वाड्रा
कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी का एक चीनी राजदूत से मुलाकात का मामला शांत भी नहीं हुआ था कि एक और तस्वीर ने सनसनी मचा दी। इसमें चीनी राजदूत और राहुल गांधी के अलावा उनकी बहन प्रियंका वाड्रा और उनके विवादास्पद पति रॉबर्ट वाड्रा देखे जा सकते हैं। हालांकि कांग्रेस की सफाई है कि ये तस्वीर एक फूड फेस्टिवल की है। लेकिन राहुल का जीजाजी जिन तरह के विवादों से जुड़ते रहे हैं उससे ये मुलाकात आम भारतीयों को बहुत खटक रही है। आखिर ऐसी क्या बात हो गई कि कभी राहुल चीनी राजदूत से चोरी-चोरी मिलने पहुंच जाते हैं, कभी पूरा पारिवारिक कुनबा लेकर दावत उड़ाने पहुंच जाते हैं।

मणिशंकर अय्यर
जब से कांग्रेस की सत्ता गई है, कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर अपना होश खो चुके हैं। जानकारी के अनुसार इन्होंने सबसे बड़ी देश विरोधी हरकत तब की जब ये प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार को हटाने के लिये पाकिस्तान से मदद मांगने पहुंच गये। उसके बाद से इन्होंने जैसे ठान लिया है कि जो भी हो देश का सत्यानाश करके छोड़ेंगे। कहा जाता है कि जब से केंद्र सरकार ने कश्मीर अलगावादियों पर सख्ती करनी शुरू की है ये उनसे मिलकर अपने ही देश के खिलाफ साजिशें रचने में जुटे हुये हैं। इसकी एक छोटी सी बानगी तब देखने को मिली जब इस मसले पर एक नेशनल चैनल के रिपोर्टर ने इनसे सवाल पूछा तो इन्होंने उस चैनल को ही एंटी नेशनल बता दिया।

दिग्विजय सिंह
कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह अपने विवादास्पद बयानों के लिये ही जाने जाते हैं। लेकिन कहा जाता है कि इनका ज्यादातर बयान हिंदुस्तान और हिंदुस्तानियों को निशाना बनाने वाला ही होता है। आरोपों के अनुसार उन्होंने हाल ही में कश्मीर में तैनात सुरक्षाकर्मियों को हौंसला गिराने वाला एक विवादित दिया है। उनके अनुसार कश्मीरियों को सेना और आतंकवादी दोनों मारते हैं। कहा ये भी जाता है कि दिग्विजय सिंह का उन आतंकवादियों के प्रति ज्यादा सम्मान उभर आता है जो हजारों बेगुनाहों की हत्या के लिये जिम्मेदार होते हैं। उदाहरण के तौर पर ओसामा बिन लादेन को ‘ओसामा जी’ कहने वाला बयान बहुत ही कुख्यात है। ऐसे ढेरों उदाहरण हैं, जिससे लगता है कि वो देश के लिये कम देश और मानवता के दुश्मनों के लिये अधिक सोचते हैं। इसी तरह उन्होंने हाल ही में विवादित आरोप लगाया था कि तेलंगाना पुलिस मुस्लिम युवाओं को जानबूझकर फंसाती है।

ममता बनर्जी
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी तुष्टिकरण के नाम भारतीय सभ्यता और संस्कृति को ठेस पहुंचाने के आरोप लगते हैं। अभी हाल ही में राज्य के 24 परगना समेत कई जिलों में जिस तरह से हिंसा भड़की और सरकार ने दंगाइयों को संरक्षण दिया वो गंभीर सवालों के घेरे में है। कहा जाता है कि वोट के लिये बांग्लादेशी घुसपैठियों की मदद करके वो राष्ट्र को कमजोर करने का काम कर रही हैं। लेकिन लगता है कि ममता को इन आरोपों की कोई चिंता नहीं है। अब तो स्थिति ऐसी बनाई जा रही है कि वहां हिंदू तीर्थस्थलों की कमान मुस्लिमों के हाथों में सौंप दी जा रही है। आशंका जताई जाने लगी है कि कहीं ये हिंदूस्तान को अंदर से तबाह करने की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा तो नहीं है ?

हुर्रियत कांफ्रेंस
जम्मू-कश्मीर में सक्रिय हुर्रियत कांफ्रेंस के नेता भारत में रहकर भारत विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देते रहते हैं। हाल के दिनों में इसके नेताओं पर ऐसे आरोप तक लगे हैं कि इन्हें राज्य में माहौल बिगाड़ने के लिये आतंकवादियों के माध्यम से पाकिस्तान फंडिंग करता है। कहा ये भी जाता है कि कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं में इसके नेताओं का सक्रिय योगदान रहा है। इन अलगाववादियों पर ये भी आरोप है कि ये भारत का खाकर पाकिस्तान के प्रेम में दीवाने रहते हैं।

जाकिर नाइक
कहा जाता है कि विवादित इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक ने अपने जहरीले संदेशों से भारत विरोधी माहौल तैयार करने का काम किया है। आतंकियों की फंडिंग जैसे मामलों में इसके खिलाफ एनआईए जांच चल रही है। फिलहाल ये देश से भागा हुआ और इसका पासपोर्ट तक रद्द किया जा चुका है। इसपर धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी फैलाने का आरोप है और इसकी संस्था इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन अब एक प्रतिबंधित संस्था है।

अकबरुद्दीन ओवैसी
एआईएमआईएम के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने अपनी जहरीली बातों से कई बार देश का माहौल बिगाड़ा है। एक बार उसे हिंदुओं की भावना भड़काने के लिए देशद्रोह के आरोप में जेल तक जाना पड़ा है। लेकिन फिर भी इसकी हेकड़ी खत्म नहीं होती, क्योंकि देश में नेताओं की एक ऐसी जमात भी खड़ी है जो इन जैसे गद्दारों को संरक्षण देते हैं। यही वजह है कि ये व्यक्ति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी अनर्गल टिप्पणी कर चुका है।

आजम खान
समाजवादी पार्टी नेता आजम खान अपने बेकार और भड़कीले बयानों के लिये ही चर्चा में आते हैं। कहा जाता है कि देश का ऐसा कोई भी संजीदा मसला नहीं जिसपर ये अपनी गंदी जुबान खोलने से परहेज करते हों। ये वही व्यक्ति हैं जो उत्तर प्रदेश के कानून-व्यवस्था से जुड़े एक मसले पर संयुक्त राष्ट्र को चिट्ठी लिख चुके हैं। इनकी मानसिकता देखिये कि जिस समय इन्होंने वोल चिट्ठी लिखी यूपी सरकार में ये मुख्यमंत्री के बाद सबसे प्रभावशाली मंत्री थे। यानी अपनी ही नाकामियों को छिपाने के लिये इन्होंने दुनिया भर में देश की छवि को दागदार करने की चाल चल दी।

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