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आतंकवाद के समूल सफाये की ओर सफलतापूर्वक बढ़ रही मोदी सरकार

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भारत पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद से त्रस्त है और इसकी समाप्ति के लिए संघर्षरत है। नरेंद्र मोदी सरकार ने कई स्तरों पर आतंकवाद से मुक्ति के लिए अभियान चलाया है। विशेषकर कश्मीर में पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के सफाये के लिए केंद्र सरकार ने कई कदम उठाए हैं। कश्मीरी नौजवानों को मुख्यधारा में जोड़ने के प्रयासों के बीच आतंकवाद पर करारा प्रहार भी जारी है। 

122 आतंकी किए गए ढेर
कश्मीरियत की पहचान को बचाये रखने के लिए कश्मीर को आतंक मुक्त करना आवश्यक है। इसी दिशा में सरकार का अभियान सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। जनवरी से लेकर अगस्त के पहले सप्ताह तक सुरक्षा बलों ने अब तक 122 आतंकी ढेर कर दिए हैं। सुरक्षाबलों के हाथों मारे गए इन 122 आतंकियों में से 86 वे हैं जो पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर से एलओसी क्रॉस करके भारत में दाखिल हो गए थे। इनमें वे 42 आतंकी भी शामिल हैं जो जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ करते हुए मारे गए। सिर्फ जुलाई के महीने में ही 26 आतंकवादी मारे गए।

अबु दुजाना के लिए चित्र परिणाम

कुख्यात आतंकियों का खात्मा
बीते तीन महीनों में ही कई बड़े आतंकी ढेर हो चुके हैं। हाल में जो आतंकी मारे गए हैं उनमें ए++ कैटेगरी का पाकिस्तानी आतंकी अबु दुजाना लश्करे तैय्यबा का साउथ कश्मीर का डिवीजनल कमांडर था। सबजार अहमद बट्ट हिजबुल-मुजाहिदीन का कमांडर था। जुनैद लश्कर का कमांडर था। यासीन इट्टू उर्फ ‘गजनवी’ हिजबुल मुजाहिदीन के एक टॉप कमांडर था। इनके अलावा बशीर वानी, सद्दाम पद्दर, मोहम्मद यासीन और अल्ताफ मारे गए हैं। ये सब सुरक्षा बलों की ‘मोस्ट वांटेड’ सूची में थे।

मारे गए प्रमुख आतंकियों की सूची

  • बुरहान मुजफ्फर वानी, हिजबुल मुजाहिदीन
  • अबु दुजाना, लश्कर ए तैयबा कमांडर
  • बशीर लश्करी, लश्कर ए तैयबा
  • सब्जार अहमद बट्ट, हिजबुल मुजाहिदीन
  • जुनैद मट्टू, लश्कर ए तैयबा
  • सजाद अहमद गिलकर, लश्क ए तैयबा
  • आशिक हुसैन बट्ट, हिजबुल मुजाहिदीन कमांडर
  • अबू हाफिज, लश्कर ए तैयबा
  • तारिक पंडित, हिजबुल मुजाहिदीन
  • यासीन इट्टू ऊर्फ गजनवी, हिजबुल मुजाहिदीन

कश्मीर में अब भाग रहे हैं आतंकी, NIA की कार्रवाई के बाद कामयाबी: जेटली, national news in hindi, national news

हिट लिस्ट में कुख्यात आतंकी
पिछले साल सुरक्षाबलों ने जम्मू-कश्मीर में 141 आतंकियों को मार गिराया था जबकि इस साल अब तक 122 आतंकी मारे गए हैं। सुरक्षा बलों के निशाने पर अबू इस्माइल और हिज्बुल लीडर और अलकायदा के एक संगठन के चीफ बन चुके जाकिर मूसा जैसे कई आतंकी हैं। एक जानकारी के अनुसार अभी कश्मीर में 180 से 200 आतंकी सक्रिय हैं। इनमें से 100 से 125 दक्षिण कश्मीर में तो शेष उत्तर कश्मीर में सक्रिय हैं। इन आतंकियों को खत्म करने के लिए भी सुरक्षा बलों का ठोस प्लान तैयार है।

कश्मीर में मारे गए प्रमुख आतंकियों की सूची के लिए चित्र परिणाम

आतंकियों की हिट लिस्ट

  • बशीर अहमद वानी उर्फ लश्कर- अनंतनाग का रहने वाला लश्कर ए तैयबा का डिस्ट्रिक्ट कमांडर है। A++ कटेगरी का यह आतंकी 2 अक्टूबर, 2015 को आतंकी गुट में शामिल हुआ।
  • जीनत-उल-इस्लाम उर्फ अल्कामा- शोपियां के सुगान जानीपुरा का रहने वाला  लश्कर ए तैयबा का आतंकी है जो 17 नवंबर, 2015 को आतंकी गुट में शामिल हुआ।
  • वसीम अहमद उर्फ ओसामा- शोपियां के श्रीमल का रहने वाला  शोपियां जिला का लश्कर ए तैयबा कमांडर है। A++ कटेगरी का यह आतंकी 28 मार्च, 2014 को आतंकी गुट में शामिल हुआ था और यह बुरहान वानी गुट का सदस्य था।
  • अबु हमास- पाकिस्तान का रहने वाला जैश ए मोहम्मद का डिविजनल कमांडर है। A++ कटेगरी का यह आतंकी 2016 से सक्रिय है।
  • अहमद टाक उर्फ हुजैफा- अवंतिपुर के पंजगाम का रहने वाला शौकत पुलवामा जिला का लश्कर कमांडर है। A++ कटेगरी का यह आतंकी 17 अक्टूबर 2011 को आतंकी गुट में शामिल हुआ था।
  • रियाज अहमद नायकू उर्फ जुबैर-अवंतिपुर के टोकून का रहने वाला  पुलवामा में हिजबुल मुजाहिदीन का डिस्ट्रिक्ट कमांडर है। A++ कटगरी का यह आतंकी दिसंबर 2012 में आतंकी गुट में शामिल हुआ था।
  • जाकिर राशिद बट्ट उर्फ मूसा- अवंतिपुर के नूरपुरा का रहने वाला दक्षिण कश्मीर में हिजबुल मुजाहिदीन का डिविजनल कमांडर है। A++ कटेगरी का यह आतंकी जुलाई 2013 में आतंकी गुट में शामिल हुआ था।
  • अल्ताफ अहमद डार उर्फ कचरू- कुलगाम के हावारा का रहने वाला  कुलगाम में हिजबुल मुजाहिदीन का डिस्ट्रिक्ट कमांडर है। A++ का यह आतंकी 2006 में आतंकी गुट में शामिल हुआ था।

तीन बिंदुओं पर फोकस कर रही सरकार
सरकार कश्मीर को लेकर मुख्य तौर पर तीन बिंदुओं पर फोकस कर रही है। आतंकी सरेंडर करने से इनकार करते हैं तो उन्हें खत्म कर दिया जाए। इसके लिए सुरक्षाबल एनकाउंटर वाली जगहों पर स्थानीय लोगों के प्रदर्शनों से बेअसर रहते हैं। इसके साथ ही टेरर फंडिंग से जुड़े हुर्रियत अलगाववादियों पर एक्शन हो रहा है। इसके साथ ही स्थानीय नागरिकों के प्रति नरम रुख अपनाया जा रहा है ताकि वे लोग खुद को पीड़ित या हाशिये पर न महसूस करें।

कश्मीर से भाग रहे आतंकी के लिए चित्र परिणाम

कश्मीर से भाग रहे आतंकी
पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को मोदी सरकार में करारा जवाब मिल रहा है। पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार आतंकवाद के सफाये के संकल्प के साथ आगे बढ़ रही है। कश्मीर में आतंकियों के हौसले पस्त हैं और उनके पांव जमीन से उखड़ रहे हैं। अधिकतर आतंकी या तो अंडरग्राउंड हो चुके हैं या फिर आतंक का रास्ता छोड़ कहीं छिप गए हैं। जो बचे-खुचे हैं वे भागने का रास्ता तलाश रहे हैं। सुरक्षाबलों के अनुसार जम्मू इलाके में आतंकी न के बराबर रह गए हैं। जो बच गए हैं वो भी राडार पर हैं और आज नहीं तो कल इन सारे खूंखार आतंकियों का सफाया तय है।

कश्मीर से भाग रहे आतंकी के लिए चित्र परिणाम

नोटबंदी ने कसी आतंक की नकेल
अरुण जेटली ने कहा कि टेरर फंडिंग के मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी ने जो एक्शन लिया है, उससे बहुत सफलता मिली है। एनआईए की कार्रवाई से विदेश से आतंकियों को मिलने वाले पैसे पर रोक लगी है। यही नहीं नोटबंदी के बाद से आतंकियों के हौसले पस्त हुए हैं और उनके पास पैसा पहुंचने पर काफी हद तक ब्रेक लगाई जा सकी है।

अलगाववादी के लिए चित्र परिणाम

पत्थरबाजी में हुई कमी
वित्त मंत्रालय के साथ रक्षा मंत्री का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अरुण जेटली ने जानकारी दी है कि पहले जब कभी भी किसी आतंकी का एनकाउंटर होता था तो हजारों लोग वहां पहुंच जाते और आर्मी पर पत्थरबाजी करते। अब हालात ये हैं कि इनकी तादाद 20 या 30 से ज्यादा नहीं होती। उन्होंने कहा कि ये पहली बार हुआ है और अब वो बैंक लूटने की कोशिश करने लगे हैं। सच तो ये है कि अब कुछ ही आतंकी बचे हैं और वो जान बचाकर भागने की जुगत में हैं।

टेरर फंडिंग नेटवर्क का खुलासा
हाल ही में NIA की छापेमारी में जम्मू कश्मीर के अलगाववादियों को सीमा पार से टेरर फंडिंग की जांच में बड़ा खुलासा किया गया। एनआईए ने टेरर फंडिंग केस में इसी साल 24 जुलाई को कश्मीर के जिन 7 अलगाववादी नेताओं को अरेस्ट किया था, उनमें बिट्टा कराटे, नईम खान, अल्ताफ अहमद शाह (अल्ताफ फंटूश), अयाज अकबर, टी. सैफुल्लाह, मेराज कलवल और शहीद-उल-इस्लाम शामिल हैं। अल्ताफ हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के प्रमुख सैयद अली शाह गिलानी के दामाद हैं। अयाज अकबर भी सैयद अली शाह गिलानी के करीबी हैं, अयाज तहरीक-ए-हुर्रियत के स्पोक्सपर्सन भी हैं। जबकि शहीद-उल-इस्लाम हुर्रियत कॉन्फ्रेंस के उदारवादी धड़े के स्पोक्सपर्सन हैं। इस धड़े के प्रमुख लीडर मीरवाइज उमर फारूख हैं।

मोदी के नेतृत्व में आतंकवाद को करारा जवाब के लिए चित्र परिणाम

ना’पाक’ फंडिंग से आतंकवाद को प्रश्रय
एनआईए ने जिन तीन अलगाववादी नेताओं नईम खान, गाजी जावेद बाबा और बिट्टा कराटे को मई में दिल्ली बुलाकार पूछताछ की थी उन्होंने पाकिस्तान से फंडिंग की बात मानी थी। अलगाववादी नेताओं पर आरोप है कि इन्हें कश्मीर में सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, स्कूलों और अन्य सरकारी संस्थानों को जलाने जैसे विध्वंसक गतिविधियों के लिए लश्कर चीफ हाफिज सईद से पैसा मिलता है। घाटी में सिक्युरिटी फोर्सेस पर पत्थर बरसाने के लिए हुर्रियत नेताओं को पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठनों और पाक खुफिया एजेंसी ISI दोनों से फंडिंग होती है। एनआईए ने इस मामले में फिलहाल 13 लोगों के खिलाफ सबूत जुटाए हैं।

अलगाववादी के लिए चित्र परिणाम

अलगाववादियों से बात नहीं की नीति
मोदी सरकार ने पहले साल ही साफ कर दिया था कि देश विरोधी तत्वों से वो कोई बात नहीं करेगी। ये संदेश कश्मीर के अलगाववादी नेताओं के लिए भी था। पाकिस्तानी उच्चायुक्त के डिनर में अलगाववादी नेताओं को न्योता देने के मामले पर भी मोदी सरकार ने साफ विरोध जता कर पाकिस्तान को कश्मीर मामले से दूर रहने के लिए आगाह कर दिया था। पाकिस्तान परस्तों को साफ संदेश है कि पहले मुख्यधारा में शामिल हों, फिर अपनी बात रखें, उन्हें भारतीय संविधान के दायरे में रहकर ही कोई भी मांग सरकार के सामने रखनी पड़ेगी, अन्यथा कानून के दायरे में ही अंजाम भुगतने को भी तैयार रहना पड़ेगा।

अलगाववादियों का आतंक कनेक्शन के लिए चित्र परिणाम

अलगावादियों का आतंक कनेक्शन
हुर्रियत नेता सैय्यद अली शाह गिलानी के दामाद अल्ताफ फंटूश और उसके करीबी अयाज अकबर के घर और ऑफिस पर छापे में एनआईए को वहां से जाकिर मूसा की तस्वीरें मिली थीं। आंतकी मूसा का हाल ही में एक ऑडियो टेप आया था, जिसमें उसने अंसार गजवत उल हिन्द नामक आतंकी संगठन बनाने की घोषणा की थी। एनआईए को इसके साथ ही सैयद अलीशाह गिलानी को लिखी गई मसर्रत आलम की एक चिट्ठी भी मिली है, जिसमें मसर्रत ने लिखा है कि उसे जम्मू की जेल में ट्रांसफर कर दिया गया है, जहां उसे जान का खतरा है। गिलानी के सबसे करीबी माने जाने वाले अयाज अकबर के घर से एनआईए को मिली इस चिट्ठी से गिलानी की इन चरमपंथियों से साठगांठ का पता चलता है। ऐसे में एनआईए ने अब सैयद अली शाह गिलानी पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।

मसर्रतआलम और हाफिज सईद के लिए चित्र परिणाम

कट्टरपंथियों ने बढ़ाया आतंकवाद
आतंकवादी कश्मीर की आजादी के नाम के सहारे आतंकवादी ऐसे विश्व की स्थापना करने की कल्पना कर रहे हैं जो मुसलमानों, इस्लाम, इस्लामिक कानून और शरीयत के आधार पर संचालित हो। कश्मीर में मुस्लिम आबादी अधिक होने के कारण इन आतंकियों का लक्ष्य कश्मीर को इस्लामिक साम्राज्य का हिस्सा बनाने की योजना पर आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा है। जाहिर है कश्मीर में सूफी विरासत की अनूठी संस्कृति को खत्म करने की आतंकवादियों की कुत्सित कोशिश है। मोदी सरकार आतंकियों की इस साजिश को खत्म करने के लिए हर स्तर पर जवाब दे रही है।

आतंकवादी देश है पाकिस्तान के लिए चित्र परिणाम

आतंकवाद का संरक्षक देश घोषित हुआ पाकिस्तान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के चलते अमेरिका के डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने पाकिस्तान को आतंकवादियों की शरणस्थली वाले देशों की सूची में डाल ही दिया है। भारत लंबे समय से इसकी मांग करता आया था। इसके कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के सरगना सैयद सलाहुद्दीन पर पाबंदी लगायी थी।

अच्छे बुरे आतंकवाद के लिए चित्र परिणाम

च्छे और बुरे आतंकवाद का फर्क भूल चुकी है दुनिया
अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, रूस, नार्वे, कनाडा, ईरान जैसे देशों ने आतंक के खिलाफ एकजुटता का वादा भी किया है। अमरनाथ तीर्थयात्रियों पर हमले के बाद जिस तरह से सभी देशों ने एक सुर में हमले की निंदा की इससे साफ है कि पीएम मोदी के प्रयासों से दुनिया अब यह समझने लगी है कि आतंकवाद को जड़ मूल से समाप्त करना ही पड़ेगा, वरना यह किसी भी देश को नहीं छोड़ेगा।

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