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आतंक के खात्मे पर अटल है मोदी सरकार, अमरनाथ तीर्थयात्रियों के सभी कातिलों का हुआ सफाया

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मौजूदा सरकार में आतंक के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति सिर्फ कागजों पर नहीं जमीन पर भी लगातार दिख रही है। इसका सबसे ताजा प्रमाण यह है कि जम्मू कश्मीर के काजीगुंड में एक ताजा मुठभेड़ में तीन आतंकियों के मारे जाने के साथ ही पिछले जुलाई में अमरनाथ यात्रियों पर हमला करने वाले पूरे आतंकी ग्रुप का सफाया हो चुका है।    

अमरनाथ यात्रियों के कातिलों का सफाया

बहादुरगढ़-बोनीगम इलाके में हुई इस मुठभेड़ में सेना ने घाटी में लश्कर के नए कमांडर फुरकान को मार गिराया है। फुरकान ने कुछ ही समय पहले अबू इस्माइल की जगह ली थी। फुरकान के अलावा मुठभेड़ में अबू माविया और यावर बशीर भी मारे गए हैं। सोमवार को तीनों आतंकियों को रोड ओपनिंग पार्टी पर हमला करते हुए ट्रैक किया गया था। आतंकी एक इमारत में छुप गए थे जिसके बाद सेना ने घेराबंदी करके उस इमारत को ही उड़ा दिया। इस ऑपरेशन में एक आतंकी को जिंदा भी पकड़ा गया है।

चुन-चुन कर सभी हमलावरों को मारा  

जम्मू-कश्मीर के नौगाम में 14 सितंबर को लश्कर कमांडर अबु इस्माइल को सुरक्षा बलों ने मार गिराया था। इस मुठभेड़ में उसके कुछ साथी आतंकी भी मारे गए थे। अबु इस्माइल अमरनाथ यात्रियों पर हमले का मास्टरमाइंड था। इस्माइल के बाद अब अमरनाथ यात्रियों पर हमले में शामिल फुरकान, बशीर और अबु माविया भी ढेर किये जा चुके हैं। फुरकान और अबु माविया को पाकिस्तानी आतंकी बताया जा रहा है। 

श्रद्धालुओं पर की थी अंधाधुंध फायरिंग

अनंतनाग के बटेंगू इलाके में 10 जुलाई, 2017 की रात करीब 8.20 बजे बाइक से आए आतंकियों ने श्रद्धालुओं से भरी बस पर अंधाधुंध फायरिंग की थी। इस हमले में आठ श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी और 19 तीर्थयात्री घायल हुए थे। दरअसल सबसे पहले पुलिस की गाड़ी पर हमला किया गया था और इसी दौरान बस बीच में आ गई थी जिसके बाद आतंकी बस पर फायरिंग करने लगे। आर्मी और पुलिस ने भी आतंकियों पर फायरिंग की थी लेकिन हमलावर एक गली से भाग निकले थे। हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैय्यबा ने ली थी। आज उस हमले में शामिल सबके सब आतंकी मारे जा चुके हैं। यह मोदी सरकार के उस आतंक के संपूर्ण सफाये के संकल्प की दृढ़ता को दर्शाता है  

खत्म हो रहे आतंक के सबसे कुख्यात चेहरे
पिछले 18 नवंबर को कश्मीर में आतंक के विरुद्ध कार्रवाई में तब एक और बड़ी सफलता मिली थी, जब जम्मू-कश्मीर के बांदीपोरा जिले में छह पाकिस्तानी आतंकवादियों को घेर कर ढेर कर दिया गया। मारे गए आतंकियों में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड जकी उर रहमान लखवी का भतीजा ओसामा जांगवी के साथ लश्कर ए तैय्यबा के दो और आतंकी भी शामिल थे। अब फुरकान के मारे जाने के बाद  कश्मीर घाटी में पाकिस्तान समर्थित लश्कर ए तैय्यबा के शीर्ष नेतृत्व का भी सफाया हो गया है। मोदी राज में आतंकियों की शामत देख आतंकी संगठनों को नये कमांडर भी नहीं मिल पा रहे हैं।

इस वर्ष अब तक 200 से ज्यादा आतंकी ढेर
ऑपरेशन ऑल आउट के तहत लश्कर ए तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन और जैश ए मोहम्मद के करीब 258 आतंकियों की एक लिस्ट तैयार की गई थी। इसके लिए सेना ने सभी आतंकी गतिविधियों का एक खाका तैयार किया और पूरा ऑपरेशन शुरू किया गया। जनवरी में इस अभियान के शुरू होने से अब तक कश्मीर घाटी में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 200 से अधिक आतंकवादी ढेर किए जा चुके हैं। मारे गए आतंकियों में से 125 के करीब सीमापार के और बाकी बचे आतंकी स्थानीय हैं। बड़ी बात ये है कि इनमें से 66 आतंकियों को तो घुसपैठ के दौरान ही मार गिराया गया। घाटी में लश्कर, जैश और हिज्बुल के टॉप कमांडर के एक-एक करके मारे जाने के बाद से आतंकियों की कमर टूट गई है।

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