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रोजगार को लेकर मोदी सरकार पर 70 प्रतिशत लोगों का भरोसा कायम: सर्वे

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रोजगार को लेकर मोदी सरकार के प्रति देश के 70 प्रतिशत लोगों का भरोसा कायम है। प्रोफेशनल नेटवर्किंग वेबसाइट लिंक्डइन के एक सर्वे के मुताबिक भारत के दो तिहाई से ज्यादा लोग इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि अगले साल तक उनके लिए रोजगार के और बेहतर अवसर उपलब्ध हो जाएंगे। सर्वे के मुताबिक, करीब दो तिहाई लोग इस बात को लेकर संतुष्ट हैं कि आने वाले 12 महीने में देश की आर्थिक स्थिति और बेहतर हो जाएगी। यह सर्वे प्रशांत एशिया क्षेत्र के लिंक्डइन अपॉर्चुनिटी इंडेक्स के पहले अंक में प्रकाशित किया गया है।                    

एशिया प्रशांत क्षेत्र के भारत, ऑस्ट्रेलिया, चीन, हांगकांग, इंडोनेशिया, जापान, मलेशिया, फिलिपीन्स और सिंगापुर जैसे नौ देशों के बाजारों के 11,000 से ज्यादा लोगों को इस सर्वे में शामिल किया गया। सर्वे में रोजगार की बेहतर संभावनाओं को लेकर भारत के बाद इंडोनेशिया का स्थान रहा। दूसरी ओर, जापान, हांगकांग और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों के लोगों ने अपने बाजार की स्थिति को लेकर चिंता जाहिर की। रोजगार के क्षेत्र में नए कौशल को सीखना और अपने निजी रोजगार शुरू करने को भारतीयों ने प्राथमिकता पर रखा।     

यह सच्चाई है कि मोदी सरकार की नीतियों और योजनाओं की वजह से पिछले चार वर्षों में देश में रोजगार के करोड़ों अवसर पैदा हुए हैं। आइए, रोजगार सृजन पर एक नजर डालते हैं– 

मुद्रा लोन ने 3 साल में 13 करोड़ लोगों को दिए रोजगार
8 अप्रैल, 2015 को शुरु किया गया मुद्रा लोन योजना आज देश में सवा सौ करोड़ देशवासियों के लिए रोजगार ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास भी लेकर आया है। सिर्फ सरकारी आंकड़ों की बात की जाए तो जब से ये योजना शुरू हुई है, तब से 13 करोड़ नए ऋण दिए गए हैं। जाहिर है, एक ऋण से अगर एक भी नौकरी सृजित हुई होगी तो चार साल में 13 करोड़ रोजगार का सृजन हुआ। इस योजना के तहत सरकार ने 5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का लोन दिया है। इसमें 55 प्रतिशत से ज्यादा लाभार्थी SC/ST और OBC कैटेगरी से हैं। खास बात ये है कि 13 करोड़ लोगों में से 28 प्रतिशत यानी सवा तीन करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने पहली बार लोन लिया है। एक और विशेष बात ये है कि इनमें से 75 प्रतिशत यानी 9 करोड़ लाभार्थी महिलाएं हैं।

स्किल डेवलपमेंट से 2.5 करोड़ लोगों को रोजगार
15 जुलाई, 2015 को शुरू की गई मोदी सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजना स्किल डेवलपमेंट मिशन ने युवाओं की किस्मत बदलने का काम किया है। Skill Development and Entrepreneurship (MSDE) मंत्रालय के अंतर्गत पिछले वर्ष तक ही 2.5 करोड़ युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके थे, जिनमें से एक करोड़ तो अकेले 2017 में ही प्रशिक्षित हुए थे। Skill Development के लिए युवाओं को घर से अधिक दूर नहीं जाना पड़े, इसके लिए सरकार ने पिछले वर्ष तक 27 राज्यों के 484 जिलों में 527 प्रधानमंत्री कौशल केंद्र बनाए। जो युवा Long Term Training करना चाहते हैं, उनके लिए उनकी आवश्यकता के अनुरूप भी व्यवस्था की गई है।

पिछले वर्ष तक कुल 13,912 ITI स्थापित की गई। मात्र पिछले वर्ष ही इनकी Seating Capacity 77,040 बढ़ाकर कुल 22.82 लाख कर दी गई। पिछले वर्ष अकेले ITI Ecosystem से 12.12 लाख युवाओं को प्रशिक्षण का अवसर मिला। सरकार ने अब इस स्कीम की सफलता को देखते हुए वर्ष 2020 तक 1 करोड़ युवाओं के कौशल विकास का लक्ष्य रखा है। साथ ही, सरकार इसमें 12 हजार करोड़ रुपये का निवेश भी करेगी।

टेक्सटाइल सेक्टर में 10 करोड़ लोगों को मिलेगा रोजगार
मोदी सरकार ने 300 से अधिक टेक्सटाइल प्रोडक्ट पर इंपोर्ट ड्यूटी दोगुनी करने का फैसला किया है। सरकार ने टेक्सटाइल उत्पादों के आयात पर शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 20 फीसदी कर दिया है। सरकार के इस फैसले से घरेलू कपड़ा उद्योग को मजबूती मिलेगी और इससे देश में टेक्सटाइल सेक्टर में 10 करोड़ रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

रोजगार सृजन के मामले में मोदी सरकार ने बनाया वर्ल्ड रिकॉर्ड
प्रधानमंत्री मोदी को आज पूरी दुनिया एक ग्लोबल लीडर के तौर पर जानती है, लेकिन रोजगार को लेकर जो आंकड़े सामने आए हैं, उसने भी दुनिया के लिए नजीर पेश की है। रेलवे में चाहे दुनिया की सबसे बड़ी सरकारी भर्ती का वर्ल्ड रिकॉर्ड हो या फिर मुद्रा योजना, स्टार्ट अप और स्किल इंडिया जैसे कार्यक्रम के तहत करोड़ों लोगों को रोजगार देना हो, मोदी सरकार की नीतियां युवाओं के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं।

सड़क, पोत परिवहन, जल संसाधन विभागों में पैदा हुए 1 करोड़ रोजगार
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक उनके मंत्रालयों की परियोजनाओं से चार साल में रोजगार के एक करोड़ से अधिक अवसर सृजित हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनके अधीन आने वाले विभागों ने मई 2014 में एनडीए सरकार आने के बाद से एक करोड़ युवाओं को रोजगार दिया है। जाहिर है कि नितिन गडकरी के पास सड़क परिवहन एवं राष्ट्रीय राजमार्ग, पोत परिवहन और नदी विकास एवं गंगा संरक्षण जैसे अहम मंत्रालय हैं। 

अगले तीन साल में 1 करोड़ रोजगार देने के लिए मेगा प्लान
मोदी सरकार देशभर में मेगा एंप्लॉयमेंट जोन बनाने के लिए सरकार 1 लाख करोड़ रुपये की योजना तैयार कर रही है। इसका उद्देश्य अगले 3 साल में एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराना है। इस योजना को इस साल के अंत तक या फिर अगले वर्ष पहली तिमाही में लागू किया जा सकता है। एंप्लॉयमेंट जोन में टैक्स में छूट, कैपिटल सब्सिडी और सिंगल-विंडो क्लियरंस जैसे फिस्कल और नॉन-फिस्कल इन्सेंटिव्स दिए जाएंगे।

मेक इन इंडिया’ से 2020 तक 10 करोड़ रोजगार 
देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 25 सितंबर, 2014 को ‘मेक इन इंडिया’ योजना की शुरुआत की थी। यही वह योजना है जो रोजगार के क्षेत्र में क्रांति लाने की ताकत रखती है। ‘मेक इन इंडिया’ के जरिए 2020 तक 10 करोड़ नए रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य है।

पर्यटन को बढ़ावा देने से 1.46 करोड़ लोगों को मिला रोजगार
पर्यटन के क्षेत्र में पिछले चार वर्षों में 1.46 करोड़ रोजगार के अवसर मिले हैं। पर्यटन मंत्रालय अब पूर्वोत्तर के राज्यों के प्रति पर्यटकों का ध्यान आकर्षित करने के लिए प्रचार गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, जैसे मेघालय में एशिया के सबसे बड़े गुफा वाले नेटवर्क के प्रचार पर ध्यान दिया जा रहा है। पर्यटन मंत्रालय के मुताबिक, विदेशों में भारतीय पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मंत्रालय ने अमेरीका, यूरोपीय और चीन जैसे देशों में कई ‘अतुल्य भारत रोड शो’ आयोजित किए हैं।

पीआईसी से मिलेंगे पांच लाख से ज्यादा रोजगार के अवसर
ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई डाक विभाग की डाक बीमा कंपनी (PIC) अगले दो साल में पांच लाख से ज्यादा रोजगार सृजित करेगी। डाक बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की तरह बीमा सुविधा मुहैया कराएगी। संचार मंत्रालय से संबंधित सलाहकार समिति की बैठक में डाक विभाग की बीमा कंपनी बनाने की रूपरेखा पेश की गई। इसी दौरान रोजगार सृजन का यह लक्ष्य तय किया गया। बैठक में देश भर में डाक विभाग की सेवाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।

हेल्थ और बीमा सेक्टर में सृजित होंगी 10 लाख नौकरियां
मोदी सरकार की महात्वाकांक्षी स्कीम आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना भी हेल्थ और इंश्योरेंस सेक्टर में नौकरियों के अपार मौके ला रही है। एक अनुमान के मुताबिक, जितने बड़े स्तर पर इस योजना को शुरू किया गया है, उससे देशभर में स्वास्थ्य और बीमा क्षेत्र में रोजगार के 10 लाख प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष अवसर सृजित होंगे। आयुष्मान भारत योजना के सीईओ डॉ. इंदू भूषण के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इस स्कीम से स्वास्थ्य और बीमा के क्षेत्र में 10 लाख नौकरियों का सृजन होगा। आपको बता दें कि इस योजना के तहत देश के दस करोड़ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों यानी 50 करोड़ से अधिक लोगों को 5 लाख रुपये सालाना का हेल्थ कवर दिया जा रहा है।

दुनिया की सबसे बड़ी भर्ती रेलवे में, 1.1 लाख लोगों को रोजगार
रोजगार के क्षेत्र में बेहतरीन काम कर रही मोदी सरकार अब सरकारी नौकरी देने में भी दुनिया का सबसे बड़ा रिकॉर्ड बनाने जा रही है। भारतीय रेलवे ने दुनिया की सबसे बड़ी भर्ती का ऑफर निकाला है। एक साथ 1 लाख 10 हजार लोगों को रेलवे सरकारी नौकरी देगी। हालांकि, पहले इसके लिए 90 हजार नौकरियां निकाली गई थीं। इसमें ग्रुप डी, ग्रुप सी (टेक्नीशियन व असिस्टेंट लोको पायलट) के अलावा आरपीएफ (रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स) और आरपीएसएफ (रेलवे प्रोटेक्शन स्पेशल फोर्स) के रिक्त पद शामिल हैं।

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