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अगले वित्तवर्ष में विकास दर 7 से 7.5 प्रतिशत के बीच रहेगी- आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट

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राष्ट्रपति के अभिभाषण से संसद के बजट सत्र की शुरुआत हुई। इसके बाद लोकसभा में वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट पेश की. आर्थिक सर्वेक्षण की यह रिपोर्ट देश के अर्थव्यवस्था की वर्तमान स्थिति और सरकार द्वारा उठाए गए कदमों से मिले परिणामों के बारे में बताती है। रिपोर्ट में उम्मीद जतायी गई है कि 2018-19 में विकास दर 7 से 7.5 प्रतिशत के बीच रहेगी। टैक्‍स देने वालों की संख्या बढ़ी है ।

आर्थिक सर्वेक्षण की रिपोर्ट में कहा गया है कि केंद्र सरकार का जोर विकास पर रहेगा. सरकार इस साल भी उत्पादन बढ़ाने पर जोर दे रही है. मोदी सरकार खर्चों में कटौती नहीं करेगी बल्कि योजनाओं पर खर्च करेगी.

रिपोर्ट में कहा गया है कि जीएसटी, बैंकों के पुनर्पूंजीकरण, एफडीआई नियमों में ढील और ऊंचे निर्यात की वजह से चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ी है. वित्त वर्ष 2017-18 में सकल मूल्यवर्धन (जीवीए) की वृद्धि दर 6.1 प्रतिशत रहने की उम्मीद है. 2016-17 में यह 6.6 प्रतिशत रही थी.

आर्थिक सर्वेक्षण की मुख्य बातें:

• वित्त वर्ष 2019 में सकल घरेलू उत्पाद 7 से 7.5 प्रतिशत होगी । वित्त वर्ष 2018 में 6.75 प्रतिशत रहने का अनुमान है।
• वित्त वर्ष 2018 में जीवीए ग्रोथ 6.1 प्रतिशत रहने का अनुमान।
• वित्त वर्ष 2018 कृषि विकास दर 2.1 प्रतिशत रहने का अनुमान।
• वित्त वर्ष 2018 में सर्विस सेक्टर की विकास दर 8.3 रहेगी।
• वित्त वर्ष 2018 में औद्योगिक विकास दर 4.4 प्रतिशत रहने का अनुमान।
• 3.2 फीसदी का वित्तीय घाटा सरकार के लिए ज्यादा चिंता का विषय नहीं है और इसे तय दायरे में ही रखा जाएगा.
• साल 2017-18 के बीच महंगाई दर 6 साल के अब तक के सबसे निचले स्तर पर रही है
• जीएसटी रेवेन्यू में पहले से सुधार देखा गया है और इसमें 12 फीसदी ग्रोथ दर्ज की गई है.
• रिपोर्ट के अनुसार, GST के आंकड़ों के शुरुआती विश्लेषण के आधार पर अप्रत्यक्ष करदाताओं की संख्या 50 प्रतिशत बढ़ी है.
• नोटबंदी और जीएसटी के बाद टैक्स फाइल करने वालों की संख्या में इजाफा हुआ और नए टैक्सपेयर्स जुड़े हैं. कुल मिलाकर 18 लाख नए टैक्सपेयर्स जुड़े हैं और इंडीविजुएल इनकम टैक्स कलेक्शन्स में भी बढ़ोत्तरी दिखी है.
• अगले वित्त वर्ष अर्थव्यवस्था में सुधार दिखेगा
• सरकार का फोकस रोजगार, मैन्यूफैक्चरिंग और कृषि पर रहेगा
• आर्थिक सर्वे का कहना है कि संभावनाओं का सबसे बड़ा स्रोत निर्यात क्षेत्र है।
• साल 2031 तक भारत की शहरी जनसंख्या बढ़कर 60 करोड़ तक पहुंच जाने की संभावना है.
• दिसंबर 2016 से दिसंबर 2017 के दौरान फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व साल दर साल आधार पर बढ़कर 14.1 फीसदी हो गया है.
• अप्रैल-दिसंबर 2017 के दौरान एक्सपोर्ट की विकास दर 12.1 फीसदी रही है.
• डायरेक्ट टैक्स वसूली लक्ष्य पाने की उम्मीद।
• निजी निवेश में तेजी की तैयारी।

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