Home नरेंद्र मोदी विशेष ‘Digital India’ देश के गरीब को ‘Empower’ करता है

‘Digital India’ देश के गरीब को ‘Empower’ करता है

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देश के गरीब को घर, धन, रोजगार, और अनाज की सरकारी सुविधा मिले, इसको Digital India मिशन ने सुनिश्चित किया है। प्रधानमंत्री मोदी की सरकार आने से पूर्व सभी सरकारों ने गरीबों को सुविधाएं देने की तमाम योजनाएं बनाईं तो थीं, लेकिन उन सुविधाओं को गरीबों के हाथ में पहुंचाने के लिए उन्हीं भ्रष्ट सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया, जो गरीबों को बांटे जाने वाले रुपयों को अपनी पॉकेट में डालते रहे। जनता के नुमाइंदे भी कोई कारगर कार्रवाई करने के बदले इसी बंदरबांट में शामिल रहे। आज प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों के जीवन को दुश्वार करने वाले ऐसे सभी गोरखधंधे को Digital India के माध्यम से बंद कर दिया है। पहली बार, गरीबों को विकास की धारा में शामिल होने का मौका मिला है।

गरीबों को घर और शौचालय मिला
किसी भी गरीब परिवार की पहली जरूरत होती है कि उसके सिर पर छत हो। गरीब के जीवन में खुशी की इस बुनियादी जरूरत को पूरा करने में डिजिटल इंडिया ने एक बड़ी भूमिका निभाई है। आज सरकारी तंत्र को हर गरीब के लिए बनाये जाने वाले घर और शौचालय के बारे में पूरी जानकारी, फोटोग्राफ के साथ ऑनलाइन देनी होती है। इस जानकारी को सड़क से संसद का कोई भी व्यक्ति कभी भी और कहीं भी देख सकता है। जाहिर है इससे सरकारी कर्मचारी जवाबदेह हुए हैं और उनके काम में पारदर्शिता आयी है। इसी जवाबदेही और पारदर्शिता का परिणाम है कि पिछले चार सालों में देश के गांवों में 8 करोड़ से अधिक शौचालय बनाए जा चुके हैं। इसके साथ ही यह प्रगति हुई है कि इन सभी की जानकारी हर क्षण ऑनलाइन की जा रही है। 27 जुलाई 2018 को गांवों में शौचालय के बारे में पूरी जानकारी देता यह एक वेबपेज है-

गरीबों के बैंक खातों में रुपया सीधे पहुंचा
कांग्रेस की सरकारें गरीबों के हाथों में आर्थिक सहायता पहुंचाने के लिए भ्रष्ट सरकारी तंत्र के अधिकारियों का इस्तेमाल करती थीं। ये तंत्र गरीबों के हाथों में पहुंचने वाले रुपये में एक बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप मे डकार जाते थे। कई ऐसे उदाहरण भी हैं जब पूरा का पूरा आवंटित धन ही हजम कर लिया जाता था। ऐसे भ्रष्ट तंत्र के ऊपर कांग्रेसी सरकारों ने नकेल लगाने के लिए कोई कदम नहीं उठाए। प्रधानमंत्री मोदी ने डिजिटल इंडिया की डाइरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर योजना से गरीबों के बैंक खातों में रुपया देकर, बीच के उस भ्रष्ट तंत्र का अंत कर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने 56 मंत्रालयों की 435 योजनाओं से गरीबों को मिलने वाले रुपये को सीधे बैंक खातों में देना सुनिश्चित किया है। अब तक कुल 49 हजार 416 करोड़ रुपये गरीबों के बीच बांटे जा चुके हैं। इससे गरीबों के नाम पर कांग्रेसी राज में खाए जाने वाला करीब 90 हजार करोड़ रुपया भी बचा लिया गया है।

डिजिटल इंडिया से देश हुआ रौशन
आज देश के शत-प्रतिशत गांवों में बिजली पहुंचने के करिश्मे में डिजिटल इंडिया का बहुत बड़ा योगदान है। बिजली पहुंचाने के काम में सरकारी तंत्र की जवाबदेही को डिजिटल इंडिया ने सुनिश्चित किया है। हर क्षण, बिजली पहुंचाने के काम की प्रगति रिपोर्ट को ऑनलाइन करने से जवाबदेही और पारदर्शिता बढ़ी, जिससे काम तेजी से हुआ। अब इसी डिजिटल इंडिया के बल पर सरकार देश के घरों को शत-प्रतिशत रौशन करने के काम में लगी हुई है। यह डिजिटल इंडिया का ही कमाल है कि जो काम कांग्रेसी सरकारें गरीबों के लिए नहीं कर सकीं वह काम प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में हो  सका। आज डिजिटल इंडिया से ही यह संभव हो सका है कि प्रधानमंत्री भी किसी समय यह देख सकते हैं कि देश के गांवों में बिजली को लेकर कैसा काम हो रहा है।

डिजिटल इंडिया से गरीबों के पास पहुंची शिक्षा  
डिजिटल इंडिया ने देश के लाखों गांवों को इंटरनेट से जोड़ दिया है। 24 जून 2018 तक देश के एक लाख 17 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ दिया गया था। गौरतलब है कि कुल 2 लाख 50 हजार ग्राम पंचायतों को ऑप्टिकल फाइबर नेटवर्क से जोड़ा जाना है, जो जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा। इंटरनेट पर सभी विषयों की सामग्री उपलब्ध होने के साथ हर प्रकार के शिक्षाप्रद वीडियो और पुस्तकों से गरीबों को मुफ्त में मनचाही शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिला है। आज दूर दराज के गांवों-कस्बों के गरीब बच्चे जो शहरों की महंगी कोचिंग में आईएएस, पीसीएस और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए नहीं जा सकते थे, आज गांव में ही ऑनलाइन कोचिंग लेकर इन प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हो रहे हैं।

किसानों के लिए डिजिटल इंडिया वरदान है
2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का प्रधानमंत्री मोदी का ऐतिहासिक संकल्प पूरा करने में डिजिटल इंडिया की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों के खेतों की उर्वरा शक्ति के बारे में जानकारी देने वाले सॉयल हेल्थ कार्ड की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध होने से, किसानों को सही खाद चुनने में आसानी हुई है। किसान, खेत और खेती से जुड़ी जानकारी के साथ-साथ मौसम की सही सही जानकारी अपने मोबाइल या गांव के साइबर सेवा केन्द्र से प्राप्त करते हैं। आज किसानों को गांव के ही साइबर सेवा केन्द्र से सब तरह के आवेदन करने की सुविधा मिल रही है, उनको जिलों मुख्यालयों का  छोटे-छोटे कामों के लिए चक्कर नहीं लगाना पड़ता है। किसानों को अपनी उपज देश में कहीं भी बेचने के लिए e-Nam मिल गया है। किसानों की जमीन के सारे रिकार्ड ऑनलाइन किए जा रहे हैं, आज जमीन को खरीदने या बेचने के लिए किसान को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं।

डिजिटल इंडिया,  देश के गरीब के जीवन में खुशहाली लाने के लिए एक नई शक्ति के रूप में सामने आया है। डिजिटल इंडिया से गरीबों को एक नया विश्वास और जीने का उत्साह मिला है, जो यूपीए सरकार में निराशा और हतोत्साहित महसूस करते थे।

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