Home विचार दलित विरोधी कांग्रेस नेताओं ने जमीन पर फेंकी संत रविदास की तस्वीर

दलित विरोधी कांग्रेस नेताओं ने जमीन पर फेंकी संत रविदास की तस्वीर

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एक बार फिर कांग्रेस नेताओं ने ये साबित कर दिया है कि वे दलित प्रेम और गुरु प्रेम के नाम पर राजनीति तो कर सकते हैं, लेकिन वास्तविक सम्मान नहीं दे सकते। मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेताओं ने आज जो किया इससे उनका वास्तविक चरित्र सामने आ गया।

दरअसल मध्य प्रदेश के कांग्रेस नेता कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पहले संत रविदास की तस्वीर को माला पहनाते हुए अपना वीडियो और तस्वीर निकलवाया ताकि मीडिया में दिखाया जा सके। लेकिन उसके बाद उन्होंने जो किया उससे तो यह बात साफ हो गई कि कांग्रेस का दलित प्रेम महज दिखावे का है। 

जाहिर है कमलनाथ और सिंधिया ने पहले दिखावे के लिए संत रविदास जी की फोटो का माल्यार्पण किया और फोटो खिंचवाने के बाद तस्वीर को जमीन पर फेंक कर चले गए। गौरतलब है कि संत रविदास हिंदू समुदाय के बड़े समाज सुधारक रहे हैं और उनका हिंदू समाज में बहुत सम्मान है, लेकिन कांग्रेस को तो हिंदुओं के सम्मान से कोई मतलब ही नहीं। दलित समुदाय को एकजुट करने वाले इस संत का अपमान कर कांग्रेस ने अपनी दलित विरोधी मानसिकता का ही इजहार किया है। 

गौरतलब है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पिछले ही दिनों एक मंदिर में प्रसाद स्वरूप मिले नारियल को गाड़ी में बैठने के बाद ही फेंक दिया था।

जाहिर है राजवाड़े खानदान से आने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने , उन्होंने भगवान प्रसाद को कचरा समझकर गाडी से सड़क पर फेंक दिया था।

दरअसल हिंदू धर्म और संस्कृति का अपमान करना कांग्रेस की परंपरा में शामिल है। वह न तो गुरु का सम्मान करना जानती है और न ही भगवान का।  ऐसे कई उदाहरण हैं जो हमारे सामने हैं। खास तौर पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को तो इसमें महारत हासिल है। आइये देखते हैं कि उन्होंने कब-कब उन्होंने हिंदू धर्म का अपमान किया है। 

लड़कियों को छेड़ता है मंदिर जाने वाला
राहुल गांधी ने कहा था कि मंदिर जाने वाला व्यक्ति लड़कियों को छेड़ता है। इस बयान का देश भर में लोगों ने विरोध किया था। 

हिन्दुओं को अलकायदा और लश्कर से भी खतरनाक बताया
चुनाव आते ही हिन्दू मंदिरों में जाकर ढोंग करने वाले राहुल गांधी ने हिन्दूओं की तुलना अलकायदा, लश्करे तैयबा और सिमी के आतंकवादियों से की थी और हिंदुओं को आतंकवादियों से भी खतरनाक बताया था। 17 दिसंबर, 2010 को विकीलीक्स ने राहुल गांधी की अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोमर से 20 जुलाई, 2009 को हुई बातचीत का एक ब्योरा दिया। राहुल ने अमेरिकी राजदूत से कहा था, ‘भारत विरोधी मुस्लिम आतंकवादियों और वामपंथी आतंकवादियों से बड़ा खतरा देश के हिन्दू हैं।’ 

हिन्दुओं का अपमान करने वाली गौरी लंकेश की तुलना मां पार्वती से की 
कांग्रेस युवराज हिंदुओं को नीचा दिखाने में कभी पीछे नहीं रहते। तथाकथित पत्रकार गौरी लंकेश जो हमेशा हिन्दुओं को अपमानित करने वाला लेख लिखतीं रहीं। राहुल गांधी ने ट्वीट करके उन्हें मां पार्वती तक बता दिया। यही नहीं मां पार्वती और भगवान शिव को इतिहास का हिस्सा बता दिया।

देवी-देवताओं से अपने चुनावी चिह्न को जोड़ा
इतना ही नहीं राहुल गांधी ने अपनी राजनीति चमकाने के लिए पार्टी चुनाव चिह्न को ही सारे देवी-देवताओं से जोड़ दिया। देवी-देवताओं के हाथ जो कि हमारे आशीर्वाद के लिए उठे हैं, उसे कांग्रेस का चुनाव चिह्न बता दिया।

भगवान राम और विष्णु पर अविश्वास जताया
हिंदू धर्म का अपमान करने के लिए राहुल गांधी ने तो अपने खास करीबी पत्रकारों के बीच यहां तक कह दिया कि वह राम और विष्णु को नहीं मानते।

चुनाव जीतने के लिए कृष्ण बन बैठा राहुल 
हिन्दू देवी-देवताओं को नहीं मानने की बात करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने चुनाव जीतने के लिए खुद को कृष्ण के रूप में भी प्रस्तुत किया। इस पोस्टर पर कांग्रेसियों को नोटिस भी मिला था।

कुल मिलाकर राहुल गांधी हिन्दू धर्म के साथ छल करते हैं, अपमान करते हैं और जब जरूरत पड़ती है तो हिन्दू धर्म का चोला ओढ़ लेते हैं।

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