Home नरेंद्र मोदी विशेष कांग्रेस राज में थी घोटालों की झड़ी, मोदी सरकार में खुशखबरी घड़ी-घड़ी

कांग्रेस राज में थी घोटालों की झड़ी, मोदी सरकार में खुशखबरी घड़ी-घड़ी

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मोदी सरकार को पूर्ववर्ती यूपीए सरकार से विरासत में भ्रष्टाचार और घोटालों से जर्जर अर्थव्यवस्था मिली थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को रसातल से निकालने की चुनौती स्वीकार करते हुए संरचनात्मक सुधारों का दौर शुरू किया और साढ़े तीन साल के भीतर नतीजा सामने है। सरकार के सुधार कार्यक्रमों पर मुहर लगाने वाली एक पर एक खुशखबरी लगातार सामने आ रही है।   

विश्व प्रतिभा रैंकिंग में भारत पहुंचा और ऊपर

विश्व स्तर पर भारत प्रतिभा आकर्षित करने, उसे विकसित करने और उसे अपने यहां बनाए रखने के मामले में तीन पायदान ऊपर आ गया है। स्विट्जरलैंड स्थित International Institute for Management Development (IMD) की ओर से तैयार की गई इस रैंकिंग में भारत अब 54वें से 51वें स्थान पर आ गया है। रैंकिंग में ऊपर आना इस बात का प्रमाण है कि मौजूदा सरकार देश की प्रतिभाओं में सकारात्मक भाव पैदा करने में सफल रही है। इस सूची में स्विटजरलैंड पहले स्थान पर है और टॉप 10 में भी यूरोपीय देश ही हैं।

खाद्य प्रसंस्करण में बढ़ेगी निवेश आकर्षित करने की क्षमता

भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग मंडल (ASSOCHAM) और शिकागो की Grant Thornton के एक संयुक्‍त अध्ययन से एक बड़ा नतीजा निकलकर सामने आया है। यह बताता है कि 2024 तक खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भारत की निवेश आकर्षित करने की क्षमता 33 अरब डॉलर यानी करीब 2,145 अरब रुपये की हो जाएगी। वहीं यह उम्मीद भी जताई गई है कि 2020 तक भारत के खाद्य एवं खुदरा बाजार का आकार 31,335 अरब रुपये के स्तर को छू सकता है। वर्ष 2015 में यह बाजार 16,772 अरब रुपये का था।

सरकार के सुधार कार्यक्रमों से प्रतिस्पर्धी बना बाजार

अध्ययन की रिपोर्ट बताती है कि मौजूदा सरकार द्वारा हाल में किए गए सुधारों से देश का खाद्य एवं खुदरा बाजार और अधिक प्रतिस्पर्धी बना है जिससे इस क्षेत्र में वृद्धि की अपार संभावनाएं बनी हैं। खाद्य प्रसंस्करण तकनीक, कौशल विकास और उपकरण के लिए भारी निवेश की संभावना है और अगले दस वर्षों में भारत का कुल खाद्य उत्पादन दोगुना होने का अनुमान है। जो अनुमान लगाए गए हैं उसके मुताबिक 2024 तक खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में 33 अरब डॉलर का निवेश आकर्षित करने के साथ ही 90 लाख रोजगार सृजित करने की भी क्षमता है।

मोदी सरकार दुनिया की तीन सबसे भरोसेमंद सरकारों में

पिछले तीन हफ्तों में प्रामाणिक विदेशी संस्थानों की ओर से ऐसे कम से कम तीन सर्वे के नतीजे सामने आए जो मोदी सरकार के आर्थिक सुधार के कार्यक्रमों पर मुहर लगाते हैं। हाल ही में विश्व आर्थिक मंच (WEF) के एक सर्वे में प्रधानमंत्री मोदी की अगुआई वाली केंद्र सरकार को दुनिया की तीसरी सबसे भरोसेमंद सरकार बताया गया है। WEF के सर्वे के अनुसार करीब तीन चौथाई भारतीयों ने मोदी सरकार में अपना भरोसा जताया। यह सर्वे अर्थव्यवस्था की स्थिति, राजनीतिक बदलाव और भ्रष्टाचार मामलों को लेकर किये गए थे। सर्वे के नतीजों में बताया गया है कि देश में भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम और टैक्स सुधारों के कारण मौजूदा सरकार में भरोसा बढ़ा है।

सुधार कार्यक्रमों पर प्रामाणिक विदेशी संस्थानों की मुहर

इससे पहले रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 13 साल बाद भारत की रैंकिंग में सुधार किया था। वहीं अमेरिका के प्यू रिसर्च के एक सर्वे ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी देश की सबसे लोकप्रिय राजनीतिक हस्ती बने हुए हैं। पिछले महीने के आखिर में Ease of doing business मामले में विश्व बैंक की जारी की गई रैंकिंग में भारत 30 पायदान की छलांग लगाते हुए पहले 100 स्थानों में शामिल होने में कामयाब रहा। ये तमाम नतीजे बताते हैं कि देश प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में ना सिर्फ पूरी रफ्तार बल्कि सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। मोदी सरकार के आने से ठीक पहले की स्थिति देख चुके सवा सौ करोड़ देशवासी आज राहत की सांस ले रहे हैं। 

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