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लोकसभा चुनाव 2019 में कांग्रेस ने खुद खोद ली अपनी कब्र, देखिए कैसे

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देश की जनता ने समय-समय पर कांग्रेस को जो सबक सिखाया है, लगता है कांग्रेस को वो याद नहीं रह पाता। वरना ऐसा बयान नहीं देते पवन खेड़ा, जिससे चुनावों में गर्क हो जाएगा कांग्रेस का बेड़ा।

कांग्रेस पर 1.25 अरब ‘चौकीदारों’ की चोट
पवन खेड़ा ने ऐसे समय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर बदजुबानी की है, जब कांग्रेस को ‘चौकीदार चोर है’ के नारे पर देशवासियों ने पहले से बुरी तरह घेर रखा है। चौकीदार के लिए कांग्रेस की अपमानजनक भाषा के विरोध में आज देश के विकास में योगदान देने वाला हर भारतवासी कह रहा है-‘मैं भी चौकीदार’। जनता जनार्दन के रुख से कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की गर्दन फंसकर रह गई है। उनकी आंखों के सामने अंधेरा छा गया है कि अब अपने नारे को आगे बढ़ाएं तो बढ़ाएं कैसे।

‘चायवाला’ के अपमान से 44 पर आ गई थी कांग्रेस
2014 के लोकसभा चुनावों से पहले मणिशंकर अय्यर ने तब भाजपा के प्रधानमंत्री उम्मीदवार रहे नरेन्द्र मोदी पर ये टिप्पणी की थी कि 21वीं सदी में वे कभी प्रधानमंत्री नहीं बन सकते, बल्कि चाय बेचना चाहें तो बेच सकते हैं। अय्यर के इस बयान से पूरा देश किस प्रकार कांग्रेस पर उबल पड़ा था, ये अब बताने की जरूरत नहीं। ऐसा लगा था जैसे जनता ने श्रमशक्ति का अपमान करने वाली कांग्रेस को जमींदोज करने की ठान ली हो। कांग्रेस तब किसी प्रकार 40 सीटों के आंकड़े को पार कर पाई थी।

बाज नहीं आते मणिशंकर अय्यर
पिछले गुजरात चुनावों से पहले मणिशंकर अय्यर ने प्रधानमंत्री के लिए ‘नीच’ शब्द का प्रयोग किया था। कांग्रेस ने साम-दाम-दंड भेद सब आजमाया, लेकिन गुजरात की जनता ने उसे एक बार फिर बुरी तरह ठुकराया। पिछली जनवरी में इसी मणिशंकर अय्यर ने ‘एक शाम बाबरी मस्जिद के नाम’ जैसे कार्यक्रम में जाकर भगवान राम पर भी विवादास्पद बयान देने का काम किया। उन्होंने यह कहकर देशवासियों का गुस्सा झेला था कि राजा दशरथ के महल में 10 हजार कमरे थे, भगवान राम कौन से कमरे में पैदा हुए थे, किसको पता है?

सोनिया गांधी तक कर चुकी हैं बदजुबानी
पीएम मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब भी कांग्रेस के नेताओं ने उन्हें घेरने के लिए क्या-क्या साजिशें ना रचीं, लेकिन कभी कामयाब नहीं हो सके। हर बार जनता ने उन्हें कड़ा सबक सिखाया। 2007 के विधानसभा चुनावों के दौरान तो तत्कालीन कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी उन्हें ‘मौत का सौदागर’ तक कह डाला था, जिसका नतीजा उन्हें चुनाव परिणामों में ही देखने को मिल गया था।

23 मई 2019 को कांग्रेस लेगी आखिरी सांस!
बिना किसी तथ्य के, बिना किसी सबूत के आरोप लगाने के कांग्रेस के खेल को जनता हमेशा खत्म करती रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पहली बार आतंक के सरपरस्त पाकिस्तान को उसके घर के भीतर घुसकर मारने का साहसिक और गौरवशाली कार्य किया है। ऐसे प्रधानमंत्री के लिए आज कांग्रेसी पवन खेड़ा ने जो कहा है, उसे पूरे देश ने देखा है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की तुलना जिस प्रकार से आतंक के आकाओं, आतंक के पालनहारों से की, उससे समस्त देशवासियों का गुस्सा उबल रहा है। यह गुस्सा वोट से जाहिर होने जा रहा है। कांग्रेस अपनी कब्र खुद तैयार कर चुकी है। हैरानी नहीं होनी चाहिए अगर 23 मई को कांग्रेस अपनी आखिरी सांस ले रही हो।

 

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