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मोदी सरकार पर झूठे आरोप लगाकर बदनाम करने की कांग्रेस की साजिश का पर्दाफाश!

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कांग्रेस देश की सबसे पुरानी पार्टी है, फिर भी वह जनता की जररूतों और भावनाओं को समझने में नाकाम है। जब वह सत्ता में थी तब भी बेहाल थी और आज जब वह विपक्ष में है तब भी बेहाल है। कांग्रेस पार्टी के पास हमेशा मुद्दों की कमी रही है, क्योंकि पार्टी में राहुल गांधी जैसे नेता, जमीन से नहीं बल्कि महलों से निकलकर सत्ता में आए हैं। ऐसे राजकुमारों की पार्टी झूठी बातों और खबरों को आधार बनाकर प्रधानमंत्री मोदी की सरकार पर आरोप लगाते हैं।

कांग्रेस पार्टी ने रोजगार, राफेल, किसानों की आय दोगुनी करने आदि सारे मामलों पर झूठे आंकड़ों और खबरों पर राजनीतिक फायदा लेना चाहा, लेकिन हर बार चारों खाने चित्त हुई। एक बार फिर कांग्रेस आधार संख्या की हेल्पलाइन नम्बर पर जासूसी करने का झूठ फैलाने के खेल में फंस गई है।

आधार संख्या की हेल्पलाइन नबंर का मामला
देश के सभी नागरिकों को एक विशेष आधार संख्या मिला है, जो एक पहचान संख्या है। आधार संख्या को जारी करने और सुरक्षित बनाये रखने की जिम्मेदारी UIDAI की है। आधार संख्या की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए UIDAI ने एक हेल्पलाइन नबंर जारी कर रखा है, जिस पर आधार संख्या से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए सहायता ली जा सकती है।  आधार संख्या के लिए 1947 वैध हेल्पलाइन नबंर है। 03 अगस्त 2018 को कुछ लोगों के मोबाइल के Contact List में UIDAI का हेल्पलाइन नबंर 18003001947 अपने आप Save होने लगा।

कांग्रेस ने मोबाइल में हेल्पलाइन नबंर को जासूसी का मामला बनाया
देश में कई लोगों के मोबाइल में UIDAI का हेल्पलाइन नबंर Save हुआ जिसमें कुछ कांग्रेसी नेताओं के साथ-साथ कांग्रेसी पत्रकार भी थे। इन कांग्रेसियों ने इस घटना को तिल का ताड़ बनाने का मौका बना लिया और सोशल मीडिया पर प्रचारित करना शुरू कर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी की सरकार जनता की जासूसी करने का काम कर रही है।

कांग्रेस की करीबी पत्रकार बरखा दत्त ने बिना किसी सबूत के सिर्फ अपने कुतर्की सोच के आधार पर मोदी सरकार पर जासूसी करने का आरोप लगा दिया।

बरखा दत्त का साथ देने के लिए कांग्रेस के प्रवक्ता संजय झा और नेता मनीष तिवारी भी सोशल मीडिया के अखाड़े में कूद पड़े और मोदी सरकार पर तड़ातड़ आरोप लगाने लगे।


इन कांग्रेसी नेताओं की हां में हां मिलाते हुए धुरंधर पत्रकार प्रभु चावला भी दंगल में कूद पड़े और लिखा कि इस तरह से मोबाइल के Contact List में हेल्पलाइन नबंर का Save होना बताता है कि एजेंसियां आपकी जानकारी के बगैर कुछ भी कर सकती है। प्रभु चावला ने अपनी पत्रकारिता का सही इस्तेमाल करते हुए, लोगों को डराने- भड़काने का काम किया।


कांग्रेस के झूठ की पोल खुली
कांग्रेसी नेता और पत्रकार सोशल मीडिया पर इस घटना को सरकार द्वारा जासूसी करने के मुद्दे में बदलने का काम कर ही रहे थे कि UIDAI ने भी सोशल मीडिया पर Tweet करके यह बताया कि उसकी तरफ से ऐसा कुछ नहीं किया गया है और जो नबंर लोगों के मोबाइल में Save हो रहा वह उसका पुराना अवैध हेल्पलाइन नबंर है।


UIDAI की इस सफाई पर भी कांग्रेसी पत्रकार और कांग्रेसी नेता अपनी हेकड़ी दिखाते रहे। बरखा दत्त ने Tweet में लिखा-

 

गूगल ने कांग्रेस के झूठ के ताबूत में कील ठोंकी
इस मुद्दे पर कांग्रेस अपने झूठ पर बनी हुई थी, वह मामले को जासूसी का मामला ही बता रही थी। फिर गूगल ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके बताया कि किस तरह से उसकी सॉफ्टवेयर में कुछ खराबी आ जाने के कारण मोबाइल के ऑपरेटिंग साफ्टवेयर से यह नबंर कुछ लोगों के मोबाइल में Save होने लगा है।

 

इस मामले ने एक बार फिर से स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस पार्टी स्वाभाविक रूप से जीवन में घटने वाली किसी भी घटना को तोड़-मरोड़ कर सनसनीखेज मुद्दा बना कर राजनीति करने का प्रयास करती है। देश की जनता के मन में भ्रम और अविश्वास पैदा करके डर की राजनीति करती है जो प्रजातंत्र के साथ धोखा है।

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