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कांग्रेस की ‘खामोश’ साजिश ने खींची देश में विभाजन की रेखा!

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असदुद्दीन ओवैसी ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है और सभी हिंदुओं को इस्लाम कबूल करवाने की खुलेआम धमकी दी है। उन्होंने कहा, ”हम हिंदुओं का इस्लाम में धर्मांतरण कराएंगे और उनसे भी दाढ़ी रखवाएंगे।” ओवैसी के इस बयान से देश के साम्प्रदायिक आधार पर एक और विभाजन की उनकी मंशा जाहिर हो गई है। वे खुलेआम धर्म के आधार पर लोगों को भड़काने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि इन सबके बीच एक महत्वपूर्ण पहलू ये है कि कांग्रेस ‘चुप’ है।  कांग्रेस के किसी नेता ने ओवैसी के बयान की निंदा भी नहीं की है। 

हालांकि भाजपा के नेता तेजिंदर सिंह बग्गा ने ओवैसी को इस हरकत पर आईना दिखाया है।

गौरतलब है कि पहले ओवैसी के छोटे भाई अकबरुद्दीन ओवैसी ने हिंदुओं के नरसंहार की धमकी दी थी, अब ओवैसी ने हिंदुओं को इस्लाम में धर्मान्तरित करवाने की धमकी दी है।

दरअसल देश में मुसलमानों की बढ़ती आबादी ऐसे इस्लामिक अलगाववादी तत्वों के हौसले बुलंद हो गए हैं और ये लोग इस तरह की धमकियां देना शुरू कर चुके हैं। कई मुस्लिम नेता शरिया और अलग देश की मांग उठा चुके हैं। लेकिन हैरतपूर्ण ये है कि कांग्रेस इन सब मामलों पर लगातार खामोश है।

दरअसल कांग्रेस को जहां भी लगता है कि उनका वोट बैंक प्रभावित हो सकता है वह देशहित के मुद्दों पर भी ‘चुप’ रहती है। हालांकि कांग्रेस की मंशा इस बात से पहले जाहिर हो चुकी है जब पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा था कि ‘कांग्रेस मुस्लिमों की पार्टी है’, और अब 13 अगस्त को हैदराबाद में एक बार फिर कांग्रेस अध्यक्ष मुस्लिमों से ही मिलने जा रहे हैं। जाहिर है ओवैसी के मुद्दे पर कांग्रेस के स्टैंड यही बता ता है कि वह मुसलमानों द्वारा कही गई किसी देश विरोधी बातों पर भी वह चुप ही रहेगी। 

बहरहाल कांग्रेस पहले भी ऐसा करती रही है जब अहम मुद्दों पर ‘खामोश’ रही है, तमाशा देखती रही है। जाहिर है कांग्रेस की ये खामोशी देश में विभाजन की एक और लकीर खींचने में अपना योगदान दे रही है। 

जुलाई 2018 में ममता बनर्जी ने देश में गृहयुद्ध की धमकी दी, कांग्रेस खामोश रही

मई, 2018 में देश में अलग इस्लामिक कानून यानि शरिया कोर्ट की मांग की गई, लेकिन कांग्रेस खामोश रही

2017 में कश्मीर की आजादी और देश में धर्म के आधार पर दो देश की मांग उठी, लेकिन कांग्रेस चुप रही

2016 में कांग्रेस के कई नेताओं ने सेना प्रमुख का अपमान किया और कांग्रेस खामोश रही

2008 से 2014 तक देश के खजाने को जमकर लूटा जाता रहा, कांग्रेस भी हाथ साफ करती रही

2006 में हिंदुओं को बदनाम करने के लिए बड़ी खामोशी से ‘भगवा आतंकवाद’ की थ्योरी गढ़ दी गई

2004 में सोनिया गांधी की शह पर बड़ी खामोशी से हिंदू धर्मगुरुओं को मुकदमों में फंसाया गया

1990 के दशक में कांग्रेस ने कई सरकारों को अपनी उंगली पर नचाया और संविधान का मजाक उड़ाया

1989-90 में कश्मीर में हिंदुओं का कत्लेआम, बलात्कार होता रहा, कांग्रेस तमाशा देखती रही

1987 में शाहबानो प्रकरण में कांग्रेस ने बड़ी खामोशी से संविधान का चीरहरण किया

1985 से ईसाई मिशनरियों का जाल पूर्वोत्तर में फैलता गया, कांग्रेस की शह पर आबादी का समीकरण बिगड़ गया

1984 मे इंदिरा गांधी की हत्या के बाद सिखों का नरसंहार होता रहा, कांग्रेस देखती रही

1975 में सरेआम संविधान का मजाक उड़ाया गया कांग्रेस खामोशी से सब देखती रही

1971 में बांग्लादेशी घुसपैठिये भारत की धरती पर अतिक्रमण करते रहे, कांग्रेस चुप रही

1962 में चीन ने हमपर हमला किया, जवाहर लाल नेहरू ने चुपचाप चीन को अपनी जमीन दे दी

1954  में 35ए के प्रावधान पर कांग्रेस ने धर्म के आधार पर एक देश में दो कानून लागू किया

1948 में संविधान में धारा 370 जोड़ा गया तो कांग्रेस ने साजिश के तहत इसे होने दिया

1947 में देश का जब धर्म के आधार पर विभाजन हो रहा था कांग्रेस खामोश रही

और अब जब 2014-18 तक देश को जातिगत आधार पर टुकड़े-टुकड़े करने की साजिश रची जा रही है कांग्रेस खामोशी से सब देख रही है और इसे होने दे रही है। 

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