Home नोटबंदी काले कारोबार को छिपाने के लिए कांग्रेस ने मनाया काला दिवस !

काले कारोबार को छिपाने के लिए कांग्रेस ने मनाया काला दिवस !

101
SHARE

नोटबंदी की वर्षगांठ पर एक ओर पूरे देश ने भ्रष्टाचार और कालाधन के विरुद्ध ‘एंटी ब्लैक मनी डे’ मनाया, वहीं कांग्रेस ने ‘ब्लैक डे’ मनाया। दरअसल भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ जब भी कोई एक्शन लिया जाता है कांग्रेस पार्टी इसके प्रोटेक्शन के लिए खड़ी हो जाती है। कांग्रेस पार्टी का इतिहास भी सबसे अधिक दागदार रहा है। स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात कांग्रेस की ऐसी कोई सरकार नहीं है जिसने भ्रष्टाचार न किया हो। हाल में ही एक व्यक्ति द्वारा किए गए हजारों करोड़ के भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ तो इसका भी कांग्रेसी कनेक्शन ही निकला।

5000 करोड़ के घोटाले में कांग्रेस का करीबी गिरफ्तार
बीते एक नवंबर को प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) ने कुछ कांग्रेस नेताओं और कई बड़े अफसरों के करीबी बिजनसमैन गगन धवन को गिरफ्तार किया। करीब पांच हजार करोड़ के घोटाले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार हुए गगन द्वारा कई अफसरों को धन देने का आरोप है। आरोप है कि गगन ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर बैकों को हजारों करोड़ रुपये का चूना लगाया है। सदेसारा ग्रुप की ‘स्टर्लिंग घोटाले’ के नाम से हो रही जांच के तहत सीबीआई के केस में भी गगन का नाम है। ईडी ने अगस्त में गगन और दिल्ली के एक पूर्व विधायक के यहां छापेमारी की थी। उसके बाद परतें खुलती गईं और बड़े नामों की तरफ दिशा बढ़ गई। ईडी को पता चला है कि गगन ने कई नौकरशाहों को लाखों रुपये के पेमेंट किए हैं। आईआरएस अफसर सुभाष चंद्रा को 30 लाख रुपये दिए गए। आईएएस मानस शंकर को 40 लाख रुपये दिए गए। इस बारे में कागजात भी हाथ लगे हैं। गगन घवन के कांग्रेस के कई बड़े नेताओं से सीधे संबंध होने का खुलासा भी हुआ है।

गांधी परिवार ने देश को विरासत में दिया भ्रष्टाचार
अगस्ता वेस्टलैंड स्कैम, बोफोर्स घोटाला, नेशनल हेराल्ड घोटाला, जमीन घोटाला… न जाने कितने ऐसे स्कैम हैं जो कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से जुड़े हैं। ये सारे मामले वे हैं जिनमें सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिवंगत राजीव गांधी, रॉबर्ट वाड्रा जैसे नामों से जुड़े हैं। यानी कांग्रेस पार्टी ऊपर से लेकर नीचे तक भ्रष्टाचार के जद में है।

सोनिया गांधी का अगस्ता वेस्टलैंड घोटाला
2013 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और उनके राजनीतिक सचिव अहमद पटेल पर इटली की चॉपर कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से कमीशन लेने के आरोप लगे। दरअसल अगस्ता वेस्टलैंड से भारत को 36 अरब रुपये के सौदे के तहत 12 हेलिकॉप्टर ख़रीदने थे, जिसमें 360 करोड़ रुपये की रिश्वतखोरी की बात सामने आई।

राजीव गांधी का बोफोर्स घोटाला
बोफोर्स कंपनी ने 1437 करोड़ रुपये के हवित्जर तोप का सौदा हासिल करने के लिए भारत के बड़े राजनेताओं और सेना के अधिकारियों को 1.42 करोड़ डॉलर की रिश्वत दी थी। आरोप है कि इसमें दिवंगत प्रधानमंत्री राजीव गांधी के साथ सोनिया गांधी और कांग्रेस के अन्य नेताओं को को स्वीडन की तोप बनाने वाली कंपनी बोफ़ोर्स ने कमीशन के बतौर 64 करोड़ रुपये दिये थे।

राहुल गांधी का नेशनल हेराल्ड स्कैंडल
कांग्रेस के पैसे से एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड नाम की कंपनी 1938 में बनी और तीन अखबार चलाती थी– नेशनल हेरल्ड, नवजीवन और कौमी आवाज। एक अप्रैल 2008 को ये अखबार बंद हो गए। इसके बाद मार्च 2011 में सोनिया गांधी और उनके बेटे राहुल गांधी ने यंग इंडिया लिमिटेड नाम की कंपनी खोली, जिसमें दोनों की 38-38 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। इस मामले में सोनिया और राहुल के विरुद्ध संपत्ति के बेजा इस्तेमाल का केस दर्ज कराया गया।

रॉबर्ट वाड्रा का डीएलएफ घोटाला
2012 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की पत्नी सोनिया गांधी और उनके दामाद रॉबर्ट वाड्रा पर रियल एस्टेट कंपनी डीएलएफ से 65 करोड़ का ब्याजमुक्त लोन लेने का आरोप लगा। बिना ब्याज पैसे की अदायगी के पीछे कंपनी को राजनीतिक लाभ पहुंचाना उद्देश्य था। यह भी सामने आया है कि केंद्र में कांग्रेस सरकार के रहते रॉबर्ट वाड्रा ने देश के कई हिस्सों में बेहद कम कीमतों पर जमीनें खरीदीं।

इंदिरा गांधी का मारुति घोटाला
पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और उनके बेटे संजय गांधी को यात्री कार बनाने का लाइसेंस मिला था। 1973 में सोनिया गांधी को मारुति टेक्निकल सर्विसेज़ प्राइवेट लि. का एमडी बनाया गया, हालांकि सोनिया के पास इसके लिए जरूरी तकनीकी योग्यता नहीं थी। बताया जा रहा है कि कंपनी को इंदिरा सरकार की ओर से टैक्स, फ़ंड और ज़मीन को लेकर कई छूटें मिलीं।

जवाहरलाल नेहरू का मूंदड़ा स्कैंडल
कलकत्ता के उद्योगपति हरिदास मूंदड़ा को स्वतंत्र भारत के पहले ऐसे घोटाले के बतौर याद किया जाता है। इसके छींटे प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू पर भी पड़े। दरअसल 1957 में मूंदड़ा ने एलआईसी के माध्यम से अपनी छह कंपनियों में 12 करोड़ 40 लाख रुपये का निवेश कराया। यह निवेश सरकारी दबाव में एलआईसी की इन्वेस्टमेंट कमेटी की अनदेखी करके किया गया। तब तक एलआईसी को पता चला उसे कई करोड़ का नुक़सान हो चुका था। इस केस को फिरोज गांधी ने उजागर किया, जिसे नेहरू खामोशी से निपटाना चाहते थे। उन्होंने तत्कालीन वित्तमंत्री टीटी कृष्णामाचारी को बचाने की कोशिश भी कीं, लेकिन उन्हें पद छोड़ना पड़ा।

गांधी परिवार के लिए चित्र परिणाम

कांग्रेस के कई बड़े नेता हैं ‘भ्रष्टाचारी’

पी चिदंबरम
10 अक्टूबर को पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम के पुत्र कार्ति चिदंबरम ने सुप्रीम कोर्ट में मान लिया कि विदेश में उनका एक खाता है। कार्ति ने कहा कि विदेश में हमारे दो अकाउंट और एक प्रॉपर्टी, कुछ और मिले तो सरकार जब्त कर ले। दरअसल यह वित्त मंत्री पी चिदंबरम के उस झूठ को उजागर करती है जिसमें उन्होंने विदेश में संपत्ति होने से इनकार किया था।

सुरेश कलमाडी
2010 में 70 हजार करोड़ के कॉमनवेल्थ स्कैम में राजनेताओं, नौकरशाहों और कॉर्पोरेट्स का बड़ा नेक्सस शामिल था। कांग्रेस नेता और कॉमनवेल्थ गेम्स की आयोजन समिति के अध्यक्ष सुरेश कलमाड़ी का सीधा संबंध था।

शीला दीक्षित
कॉमनवेल्थ घोटाले में सहआरोपी रहीं शीला दीक्षित पर दिल्ली में लूट का खेल खेलने के आरोप लगे हैं। उनपर बिजली कंपनियों से सांठ-गांठ के साथ टैंकर घोटाले के भी आरोप लगाए गए हैं।

अशोक चव्हाण
आदर्श सोसायटी घोटाला ऐसा घोटाला है जिसपर उठे विवाद के चलते अशोक चव्हाण को मुख्यमंत्री पद छोड़ना पड़ा। सोसायटी में चव्हाण की सास और अन्य करीबी रिश्तेदारों को भी फायदा पहुंचाया गया।

वीरभद्र सिंह
20 करोड़ रुपये के मनी लॉन्डरिंग मामले में हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर एक लाख करोड़ से अधिक के घोटाले के आरोप हैं। इसके साथ ही बेनामी संपत्तियों के मामले में भी वीरभद्र सिंह और उनका परिवार आरोपों के घेरे में है।

अहमद पटेल
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव और राज्यसभा सांसद अहमद पटेल पर इटली की चॉपर कंपनी अगस्ता वेस्टलैंड से कमीशन लेने के आरोप लगे हैं।

गांधी परिवार ने देश को विरासत में दिया भ्रष्टाचार
हमारा देश-समाज स्वतंत्रता के पश्चात छह दशकों तक कांग्रेस की विचारधारा से प्रभावित रहा है। राजनीति पर भी कांग्रेस के कल्चर की ही छाया रही है। यही कारण है कि आज भी देश-समाज की सुरक्षा से लेकर शुचिता तक सवालों के घेरे में है। भ्रष्टाचार, फर्जीवाड़ा, लूट, घोटाला, अराजकता, तुष्टिकरण, दंगा, युद्ध, आतंकवाद, कश्मीर मुद्दा, पंजाब मुद्दा, घुसपैठ, भाई-भतीजावाद, परिवारवाद… अनगिनत समस्याएं हैं जो कांग्रेस सरकारों की देन है।

सोनिया गांधी के विदेशों में बेनामी संपत्ति का हिसाब क्यों नहीं देते कांग्रेसी?
सोनिया गांधी की संपत्ति कितनी है इसको लेकर कयास लगते रहे हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार सोनिया की संपत्ति में 8 करोड़ की वृद्धि हुई है। सोनिया पहली बार अमेठी से सांसद बनी थीं, लेकिन राहुल गांधी के लिए उन्होंने 2004 में अमेठी की सीट छोड़ दी और रायबरेली से सांसद चुनी गईं। इसके बाद वो लगातार जीतीं। 2004 में सोनिया के पास 84 लाख रुपए की संपत्ति थी। लेकिन गैर आधिकारिक जानकारी के अनुसार सोनिया गांधी की संपत्ति 1.23 लाख करोड़ है जो विदेशों में है। 2016 में हफिंगटन पोस्ट में छपी खबर के अनुसार सोनिया गांधी ने विदेशों में अकूत दौलत इकट्ठा कर रखी है।

LEAVE A REPLY