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नोटबंदी से क्लीन और भ्रष्टाचार मुक्त हुई अर्थव्यवस्था, देखिए 2 वर्षों में हुए ऐतिहासिक बदलाव

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नोटबंदी के ऐतिहासिक फैसले को दो वर्ष पूरे हो गए हैं। दो वर्ष पहले 8 नवंबर, 2016 को ही पीएम मोदी ने पांच सौ और एक हजार के पुराने नोट हटाने का ऐलान किया था। प्रधानमंत्री मोदी का मकसद देश की अर्थव्यवस्था में मौजूद काले धन को खत्म करना और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाना था। इन दो वर्षों में अर्थव्यस्था को क्लीन और भ्रष्टाचार मुक्त करने में ऐतिहासिक सफलता मिली ही है, साथ ही भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में भी क्रांतिकारी साबित हुआ है। एक नजर डालते हैं उन ऐतिहासिक बदलावों पर जो नोटबंदी के फैसले के बाद ही संभव हो सके हैं।-

डिजिटल लेनदेन में 1,20,000 % की ऐतिहासिक बढ़ोतरी
मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद पहली बार देश में डिजिटल ट्रांजेक्शन में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पिछले दो वर्षं में यूपीआई के जरिए लेनदेन लगभग 1 लाख 20 हजार प्रतिशत बढ़ गया है। जी हां, सही सुना आपने – नोटबंदी से पहले अक्टूबर, 2016 में यूपीआई के जरिए लेनदेन की संख्या 50 करोड़ थी, जो सितंबर, 2018 में बढ़कर 59,800 करोड़ हो गई।

भीम एप के जरिए ट्रांजैक्शन में 14,000% की बढ़ोतरी
नोटबंदी के बाद देश में भीम एप लगभग 5 करोड़ बार डाउनलोड हो चुका है। अक्टूबर, 2016 में भीम एप के जरिए 20 करोड़ रुपये का ट्रांजैक्शन हुआ था, वहीं सितंबर, 2018 में यह आंकड़ा 7,060 करोड़ पहुंच गया। यानि दो वर्षों में 14 हजार प्रतिशत की रिकॉर्ड वृद्धि हुई है।

रुपे कार्ड से लेनदेन में 700% की वृद्धि
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की नीतियों से विदेशी कंपनियां थर-थर कांपने लगी है। अब इंडियन पेमेंट मार्केट में वीजा और मास्टर कार्ड का दबदबा खत्म हो रहा है। पीएम मोदी के आग्रह के बाद देश-विदेश में रुपे कार्ड का इस्तेमाल बढ़ा है। नोटबंदी से पहले रुपे कार्ड से 8 अरब लेनदेन हुए थे, जो सितंबर, 2018 में 57 अरब से ज्यादा हो गए, यानि 700 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।

आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या लगभग दोगुनी हुई
मोदी राज में करदाता की संख्या ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं और आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में 80 फीसदी इजाफा हुआ है। वित्त वर्ष 2013-14 में जहां 3.79 करोड़ लोगों ने रिटर्न भरा था वहां 2017-18 में यह संख्या 6.86 करोड़ पहुंच गई जो पिछले वित्त वर्ष की तुलना में यह 25 फीसदी अधिक है।

16,000 करोड़ रुपये की अघोषित आय का पता चला
मोदी सरकार में घपला-घोटाला करने वालों की शामत आ गई है। नोटबंदी के बाद देश के इतिहास में पहली बार आयकर विभाग ने क्लीन मनी ऑपरेशन चलाया और इसके तहत 17 लाख से अधिक नागरिकों के खातों की जांच और 3.68 लाख करोड़ रुपये की पड़ताल की गई। इतना ही नहीं 16 हजार करोड़ से अधिक अघोषित आय का पता लगाया गया।

2.26 लाख फर्जी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द
देश में पहली बार प्रधानमंत्री मोदी ने भ्रष्टाचार के समूल नाश का जो बीड़ा उठाया है, उसी के तहत नोटबंदी के बाद फर्जी कंपनियों और बेनामी संपत्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई। अब तक 2 लाख 26 हजार फर्जी कंपनियों का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जा चुका है और 4 लाख 25 हजार से अधिक निदेशकों पर कार्रवाई की गई है।

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