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हमारी सरकार की सभी योजनाएं बाबासाहेब के सपनों को पूरा करने वालीं: प्रधानमंत्री

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बाबासाहेब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर ने देश के विकास के लिए सबको साथ लेकर चलने का जो सपना देखा था, उस सपने को मौजूदा सरकार पूरा करने में जुटी हुई है। नई दिल्ली में डॉ आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर के उद्घाटन के मौके पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि बाबासाहेब के दिखाये मार्ग पर चलते हुए उनकी सरकार ने अपनी योजनाओं में सभी को समानता का अधिकार देने का प्रयास किया है।

बाबासाहेब के विचारों को दबाने की कोशिश हुई
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बाबासाहेब उन महापुरुषों में थे जिन्होंने देश के भविष्य और देश की सोच को गढ़ने का काम किया लेकिन ऐसी महान आत्मा के विचारों को भी दबाने की कोशिश की गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रनिर्माण में बाबासाहेब के योगदान को मिटाने के तमाम प्रयास इसलिए नाकाम हो गए क्योंकि जिस परिवार के लिए ये सब किया गया उससे कही ज्यादा लोगों के ऊपर बाबासाहेब का प्रभाव रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का यह प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक विशेषकर आज की युवा पीढ़ी तक बाबासाहेब के विचार पहुंचे।

बाबासाहेब की उपेक्षा में लगी रही पूर्ववर्ती सरकार
केंद्र में छह दशक तक सरकार चलाने वाली कांग्रेस ने बाबासाहेब से जुड़े पहलुओं की किस कदर उपेक्षा की थी इसकी बानगी उनसे जुड़े अंतर्राष्ट्रीय केंद्र के प्रोजेक्ट को लेकर भी दिखती है। इस योजना के लिए 1992 में ही विचार किया गया था लेकिन 23 साल तक कुछ भी नहीं हुआ। केंद्र में मोदी सरकार के आने के बाद ही इसका शिलान्यास हुआ और इसी सरकार ने इसका उद्घाटन भी किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि जो राजनीतिक दल बाबासाहेब का नाम लेकर वोट मांगते रहे हैं उन्हें तो इसका पता भी नहीं होगा। वैसे आजकल उन लोगों को वोट की खातिर बाबासाहेब नहीं बाबा भोले नजर आ रहे हैं!

ऐसा था विकास को लेकर बाबासाहेब का आत्मविश्वास
बाबासाहेब ने देश की सामाजिक-आर्थिक एकता का सपना देखा था जिसे मौजूदा सरकार हकीकत में बदलने में लगी है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में देश की उन्नति को लेकर बाबासाहेब की सोच का एक उद्धरण भी पेश किया जिसमें बाबासाहेब ने कहा था: ‘’इस देश का सामाजिक, राजकीय और आर्थिक विकास आज नहीं तो कल होगा ही। सही समय और परिस्थिति आने पर यह विशाल देश एक हुए बगैर नहीं रहेगा। दुनिया की कोई भी ताकत उसकी एकता के आड़े नहीं आ सकती। इस देश में इतने पंथ और जातियां होने के बावजूद किसी ना किसी तरीके से हम सभी एक हो जाएंगे। इस बारे में मेरे मन में जरा भी शंका नहीं है। हम अपने आचरण से ये बता देंगे कि देश के सभी घटकों में एकता के मार्ग पर बढ़ने की जो शक्ति है उसी प्रकार की बुद्धिमत्ता भी है।‘’

समानता की राह पर मौजूदा सरकार की योजनाएं
सभी को समान अवसर, सभी को समान अधिकार, जाति के बंधन से मुक्त हिंदुस्तान, सबको साथ लेकर हो सबका विकास, बाबा साहेब की इस सोच को अपने भीतर समाकर मौजूदा सरकार अपनी योजनाओं को जमीन पर लागू करने में जुटी हुई है। प्रधानमंत्री ने कई योजनाओं की मौजूदा स्थिति भी लोगों के सामने रखी:  

जन धन योजना – 30 करोड़ से ज्यादा गरीबों के बैंक खाते खुल चुके हैं। 23 करोड़ से ज्यादा लोगों को रुपे डेबिट कार्ड दिया जा चुका है।

स्टैंड अप इंडिया – अब तक करीब 9.75 करोड़ लोन स्वीकृत किये जा चुके हैं। बिना गारंटी 4 लाख करोड़ रु से ज्यादा का कर्ज दिया जा चुका है। योजना का लाभ उठाने वालों में 60 प्रतिशत दलित, पिछड़े और आदिवासी हैं।

उज्ज्वला योजना – 19 महीनों में 3 करोड़ 12 लाख से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त में गैस कनेक्शन दिया जा चुका है। जल्द ही पूरा होगा 5 करोड़ कनेक्शन देने का लक्ष्य।  

स्वच्छता मिशन – शौचालयों की सुविधा को लेकर चली आ रही विसंगति खत्म हो रही है। देश में स्वच्छता का दायरा अब 70 प्रतिशत से ज्यादा हो चुका है।

बीमा योजनाएं – मौजूदा सरकार की बेहद सस्ती बीमा बीमा योजनाओं से 18 करोड़ गरीब जुड़ चुके हैं। क्लेम से जुड़ी 1,800 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि दी जा चुकी है।

हर घर बिजली योजना – हाल में लॉन्च हुए प्रधानमंत्री सहज हर घर बिजली योजना के अंतर्गत 4 करोड़ घरों में मुफ्त में बिजली कनेक्शन दिया जा रहा है। योजना से पिछले 70 सालों से चली आ रही असमानता खत्म हो रही है।

प्रधानमंत्री आवास योजना – 2022 तक गांव हो या शहर हर गरीब के पास घर की यह योजना अपनी तय रफ्तार से बढ़ रही है। अपने तय समय पर या उससे पहले ही पूरी हो जाएगी।

समय से आगे चल रहीं कई योजनाएं
केंद्र की मौजूदा सरकार में योजनाओं पर अमल की रफ्तार कुछ ऐसी है कि कई योजनाएं जहां समय से पहले पूरी हो चुकी हैं वहीं कई योजनाओं की रफ्तार देखकर उसकी समयसीमा घटा दी गई है।

  • मिशन इंद्रधनुष के लिए 2020 तक देश में पूर्ण टीकाकरण का लक्ष्य था जिसे इन्टेन्सिफाइड मिशन इंद्रधनुष के तहत घटाकर 2018 तक पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
  • प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत 2022 तक हर गांव को सड़क से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया था। रफ्तार की तेजी देखकर अब इस लक्ष्य की समयसीमा 2019 तक की कर दी गई है। गौर करने वाली बात है कि पिछले तीन वर्षों  के कामकाज से देश के 80 प्रतिशत से ज्यादा गांव सड़कों से जुड़ चुके हैं।

योजनाओं में देरी बर्दाश्त नहीं
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस सरकार में योजनाएं अटकती और भटकती नहीं हैं। जो लक्ष्य तय किये जाते हैं उन्हें पूरा करने के लिए पूरी ताकत लगा दी जाती है और यही हमारी कार्य संस्कृति है। सरकार के पहले कुछ महीनों से ही यह दिशा तय कर दी गई थी कि योजनाओं का सिर्फ लक्ष्य नहीं रखना है उन्हें पूरा करके दिखाना है। योजनाओं में देरी को आपराधिक लापरवाही माना जाता है।

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