Home समाचार ‘मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना दुनिया के लिए एक मॉडल’

‘मोदी सरकार की आयुष्मान भारत योजना दुनिया के लिए एक मॉडल’

156
SHARE

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश के गरीब और मध्यमवर्गीय लोगों को ध्यान में रख कर महात्वाकांक्षी आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना शुरू की है। दुनिया की सबसे बड़ी चिकित्सा उपकरण कंपनी में से एक जीई हेल्थकेयर ने इस सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना की जमकर तारीफ की है। जीई हेल्थकेयर के सीईओ और अध्यक्ष किरैन मर्फी ने कहा है कि यदि आयुष्मान भारत सफल होता है तो यह विकासशील देशों के लिए कम लागत वाली स्वास्थ्य सेवा प्रणाली विकसित करने के लिए एक मॉडल हो सकता है। उन्होंने कहा कि हम कम लागत वाली एक सिस्टम विकसित कर सकते हैं जो दुनिया भर में स्वास्थ्य सेवा के लिए बेहद कारगर हो सकता है। 

विश्व के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल ने की प्रशंसा
इससे पहले दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल Lancet ने बड़ी स्तर गरीबों को स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध कराने वाली इस योजना के लिए प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ की। Lancet मेडिकल जर्नल के प्रधान संपादक रिचर्ड हॉर्टन ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ऐसे पहले नेता है, जिन्होंने सबको स्वास्थ्य सुविधा जैसे अहम मसले को अपने राजनीतिक सुधारों में शामिल किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक Lancet मेडिकल जर्नल के लेख में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी की गरीबों, वंचितों और आदिवासियों को चिकित्सा सुविधा देने के वादे को पूरा नहीं करने के लिए आलोचना भी की गई है। Lancet के मुताबिक हाल ही में लंदन दौरे के वक्त राहुल गांधी ने भारत में रोजगार संकट की तो बात की थी, लेकिन वहां स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर कुछ भी नहीं बोला था।

10 करोड़ गरीब परिवारों को मिलेगा लाभ
उल्लेखनीय है कि दुनिया में मोदी केयर के नाम से विख्यात इस योजना के तहत देश के 10 करोड़ गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों यानि 50 करोड़ लोगों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये का सालाना चिकित्सा बीमा की सुविधा मिलेगी। योजना के तहत सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती होकर उन्हें गंभीर से गंभीर बीमारियों में भी 5 लाख लाख रुपये तक की नि:शुल्क उपचार की सुविधा मिलेगी। 5 लाख तक का जो खर्च है उसमें अस्पताल में भर्ती होने के अलावा जरूरी जांच, दवाई, भर्ती से पहले का खर्च और इलाज पूरा होने तक का खर्च भी शामिल है। अगर किसी को पहले से कोई बीमारी है तो उस बीमारी का भी खर्च इस योजना द्वारा उठाया जाएगा। इसके लिए मोदी सरकार ने देशभर में चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने की भी योजना बनाई है, जिसके तहत 1.5 लाख वेलनेस सेंटर खोले जा रहे हैं।

कुल 1350 बीमारियों का इलाज
आयुष्मान भारत योजना के तहत 1350 बीमारियों का इलाज होगा। यह योजना कैंसर, किडनी, लीवर की बीमारी, डायबटीज, हार्ट अटैक समेत कई गंभीर बीमारियों में राहत दिलाने में बेहद काम आएगी। इलाज के दौरान दवा, मेडिकल जांच (एक्सरे, अल्ट्रासाउंड, एमआरआई समेत कई जांच) पूरी तरह से नि:शुल्क होगी। पहले चरण में समाज के वंचित, पिछड़े, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। योजना के अंतर्गत सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना में चिन्हित परिवारों के अलावा स्वत: सम्मिलित श्रेणियों एवं शहरी क्षेत्र की 11 कामगार श्रेणियों के तहत आने वाले लोग जैसे कचरा उठाने वाले और फेरी वालों को इस योजना का लाभ मिलेगा। प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान के अंतर्गत पात्र परिवार के सभी सदस्य योजना के पात्र होंगे। यानि सदस्यों की संख्या, आयु सीमा जैसी कोई भी बाध्यता नहीं होगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 23 सितबंर 2018 को रांची में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना की शुरूआत की। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस योजना की शुरूआत गरीबों में गरीब, और समाज के वंचित वर्गों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा और उपचार प्रदान करने के उद्देश्य से किया गया है। मोदी सरकार इस जन आरोग्य योजना को सुगम और सरल बनाने की कोशिश में जुटी है, ताकि अधिक-से-अधिक गरीब परिवार इसका लाभ उठा सकें। इसके लिए एक वेबसाइट mera.pmjay.gov.in और टोल फ्री नंबर 14555 जारी किया जा चुका है। इसकी मदद से कोई भी जान सकता है कि उसका परिवार लाभार्थियों में शामिल है या नहीं।

LEAVE A REPLY