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25 सितंबर से आयुष्मान भारत योजना की लॉन्चिंग के लिए आखिरी तैयारियों में जुटी है मोदी सरकार

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देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने की क्षमता रखने वाली आयुष्मान भारत योजना के तहत प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान के लॉन्च में अब महीने भर से भी कम का वक्त बचा है। स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले के प्राचीर से अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस अभियान का शुभारंभ पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जन्मजयंती यानि 25 सितंबर से करने का ऐलान कर चुके हैं। इस डेडलाइन को मीट करने के लिए सरकार रात-दिन एक कर चुकी है।

लॉन्चिंग की तैयारियों पर प्रधानमंत्री की पूरी नजर
इस अभियान के लॉन्च के साथ ही देश के गरीब परिवारों को समुचित इलाज और गंभीर बीमारियों से बचाने की महत्वाकांक्षी पहल पर अमल भी शुरू हो जाएगा। अभियान को लॉन्च करने तक की पूरी रूपरेखा क्या होगी, इसको लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय लगातार सक्रिय है। इतना ही नहीं योजना लॉन्च करने की अब तक की तैयारियों का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने 29 अगस्त को इसकी भी समीक्षा बैठक बुलाई है। यानि प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान के लिए एक मिशन मोड पर काम चल रहा है और इसकी हरसंभव कोशिश की जा रही है कि इसकी लॉन्चिंग को लेकर एक पूरा मोमेंटम बना रहे,  किसी भी तरह की लेटलतीफी ना हो।

लॉन्चिंग के लिए मिशन मोड पर स्वास्थ्य मंत्रालय
योजना की हर बारीकी पर पूरी तरह से काम हो सके, इसलिए स्वास्थ्य मंत्रालय के कर्मचारी छुट्टी के दिनों में भी काम में जुटे हुए हैं। मंत्रालय की ओर से अभियान के लॉन्च तक छुट्टियां नहीं लेने के निर्देश दिए गए हैं। सुबह नौ बजे से रात के नौ बजे तक काम हो रहा है। रक्षाबंधन के दिन भी लोग काम पर लगे रहे। मंत्रालय ने अपने सभी 15 संयुक्त सचिव और अतिरिक्त सचिव को इस काम में लगा दिया है। इससे पहले इस योजना में नेशनल हेल्थ प्रोटेक्शन मिशन (NHPM) से जुड़े अधिकारी ही प्रमुख रूप से शामिल थे। हर अधिकारी को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। सितंबर के पहले हफ्ते में एक बार और फिर 15 सितंबर तक दोबारा जाकर ये देखा जाएगा कि लॉन्च के लिए कौन सा राज्य कितना तैयार है, ताकि उसमें अपेक्षित गति भरी जा सके।

10.74 करोड़ गरीब परिवारों को सबसे पहला फायदा
यह विश्व की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना है। केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा का कहना है कि प्रधानमंत्री जन आरोग्य अभियान के तहत 5 लाख रुपये प्रति परिवार प्रति वर्ष कवर किये जाएंगे। योजना के पहले चरण में सामाजिक-आर्थिक जातिगत जनगणना के आकंड़ों के आधार पर करीब 10.74 करोड़ गरीब परिवारों को इसका लाभ मिलेगा। इस योजना को कैसे लागू किया जाएगा, इसके बारे में फैसला लेने का अधिकार राज्य को दिया गया है। योजना के तीन मॉडल – इंश्योरेंस मॉडल, ट्रस्ट मॉडल और मिक्स्ड मॉडल में से वे अपने हिसाब से किसी को चुन सकते हैं। यह सुविधा पूरे देश में पोर्टेबल होगी। पैनल में आने वाले अस्पतालों में भुगतान कैशलेस होगा और कामकाज पेपरलेस होगा।

सहज स्वरूप में ढाली जा रही है योजना
आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज से परिवार का कोई भी सदस्य वंचित ना रह जाए, इसलिए इसमें परिवार के आकार से लेकर और उम्र तक की कोई सीमा नहीं तय की गई है। योजना के पहले चरण में सामाजिक और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लोगों को मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी। इन परिवारों को 5 लाख रुपये तक के फ्री स्वास्थ्य बीमा की सुविधा मिलेगी। पॉलिसी लेने के दिन से ही योजना के अंतर्गत आने वाली सारी सुविधाएं मिलने लगेंगी। सरकार योजना के तहत दिए जाने वाले फैमिली कार्ड छपवा रही है जिन्हें लोगों तक हाथोंहाथ पहुंचाया जाएगा। इस कार्ड पर लाभार्थियों के नाम होंगे। गांवों में इसके लिए आयुष्मान पखवाड़ा का आयोजन किया जाएगा।

लोगों की जिज्ञासाओं से लेकर शिकायतों के निवारण जोनल कॉल सेंटर के जरिए किए जाएंगे। इसके लिए एक टोल फ्री नंबर होगा। कॉल सेंटर ई-मेल और ऑनलाइन सवालों का जवाब देने में भी सक्षम होगा।

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