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मोदी सरकार को बदनाम करने के प्रोपेगेंडा का पर्दाफाश

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मोदी के विरोध में कुछ मीडिया ने एक नया प्रोपेगेंडा शुरू किया है। इसके अनुसार आयुष मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं को सेक्स और मांसाहार से दूर रहने को कहा है। लेकिन आयुष मंत्रालय ने जो कुछ कहा है उससे साफ हो गया है कि एकबार फिर मीडिया मोदी विरोध के नाम पर झूठ फैलाने में सक्रिय हो गया है। सबसे बड़ी बात ये है कि जिस बुकलेट को आयुष मंत्रालय का बताकर मामले को तूल दिया जा रहा है, वो काफी पहले से ही प्रचलन में है। दरअसल इस बुकलेट में योग और प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों के अनुसार सेहतमंद शिशु पाने के लिए कुछ सलाह दिए गए हैं। लेकिन, मीडिया में दुष्प्रचार किया जा रहा है कि ऐसी सलाह स्वयं भारत सरकार का आयुष मंत्रालय दे रहा है। जबकि इसमें पूर्ण रूप से चिकित्सकीय ज्ञान पर आधारित बाते हैं, जो विशेषज्ञों द्वारा तैयार किए गए हैं और उसे सरकार से जोड़ना कुत्सित मानसिकता का उदाहरण  है।

झूठ का पर्दाफाश नंबर- 1
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गर्भवती महिलाओं को सेक्स और मांसाहार से दूर रहने की बात कहने वाला बुकलेट आयुष मंत्री ने पिछले सप्ताह ही स्वास्थ्य संपादकों के सम्मेलन में जारी किया है। जबकि वास्तविकता ये है कि ये 2013 से ही प्रचलन में है। इसलिए सवाल उठना स्वभाविक है कि मीडिया इसपर अब हो-हल्ला क्यों मचा रहा है। यानी मीडिया जानबूझकर ये प्रोपेगेंडा खड़ा करने की कोशिश कर रहा है क्योंकि अभी मोदी सरकार सत्ता में है। यही नहीं ‘मदर एंड चाइल्ड केयर’ नाम की ये बुकलेट विशेषज्ञों के द्वारा तैयार की गई है, लेकिन ऐसा दिखाने की कोशिश हो रही है, कि ये सब स्वयं आयुष मंत्रालय ने तैयार कराया है।

झूठ का पर्दाफाश नंबर- 2
सबसे बड़ी बात ये है कि इस किताब में ‘no sex’का कहीं पर भी उपयोग नहीं है। जबकि इस बात का बार-बार प्रचार किया जा रहा है कि इस बुकलेट में गर्भवती महिलाओं के लिए सेक्स को वर्जित करने की सलाह है। आयुष मंत्रालय ने ये भी साफ किया है कि इस पुस्तक में ऐसा कहीं नहीं लिखा है कि, ‘pregnant women should say no to sex’.

झूठ का पर्दाफाश नंबर- 3

ये भी झूठ फैलायी जा रही है कि इस बुकलेट के माध्यम से सरकार अपनी प्राथमिकताओं को थोपना चाहती है। जबकि सच्चाई ये है कि गर्भवती महिलाओं की अच्छी सेहत की सलाह वाला ये बुकलेट योग और प्राकृतिक चिकित्सा के प्राचीनतम सिद्धांतों पर आधारित है। ये भी आवश्यक नहीं कि अगर दूसरी चिकित्सा पद्धति इसमें दी गई सलाह से सहमत नहीं है, तो इसमें दिए गए सुझाव पूरी तरह से नकार देने योग्य हैं। चर्चा का विषय बनी इस बुकलेट पर आयुष मंत्री श्रीपद नाइक ने साफ कहा है, ” बुकलेट में कहीं भी सेक्स से दूर रहने की सलाह नहीं दी गई है. बुकलेट में योग और नैचुरोपैथी के बरसों की प्रैक्टिस के आधार पर कई तथ्य संकलित किए गए हैं. इसमें योग के जरिए सैंकड़ों सालों से अर्जित ज्ञान को भी शामिल किया गया है.”

झूठ का पर्दाफाश नंबर- 4
‘मदर एंड चाइल्ड केयर’ नाम की ये पुस्तक पूरी तरह से योग और नैचुरोपैथी पर आधारित है। दुनिया जानती है कि गर्भवती महिलाओं को हमेशा से पौष्टिक भोजन, अच्छी दिनचर्या रखने की सलाह दी जाती रही है। उन्हें क्रोध, तनाव जैसी बुराइयों से भी दूर रहने को कहा जाता है। अगर मां और उसके गर्भ में पल रहे बच्चे की अच्छी सेहत के लिए इन बातों का संकलन इस पुस्तक में किया गया है, तो इसमें आपत्ति किस बात की है? क्या इस मुद्दे को बिना बात का बतंगड़ नहीं बनाया गया है? जबकि सच्चाई पूरी तरह से अलग है।

झूठ का पर्दाफाश नंबर- 5
एक और बड़ी बात ये है कि पुस्तक की सारी बातें मां-बच्चे के अच्छे भविष्य के लिए सुझाव मात्र हैं। ये वो सुझाव हैं जो हजारों सालों की समृद्ध भारतीय परंपराओं और संस्कृति में सहेजकर रखी गई हैं। अगर इस पुस्तक में गर्भवती माताओं को अच्छी-अच्छी पुस्तकें पढ़ने, महान व्यक्तियों की जीवनियां पढ़ने या अच्छा संगीत सुनने जैसी सलाह दी भी गई है तो इसमें किसी को आपत्ति क्यों है?

साफ है कि ये सारा खेल मोदी विरोधी उन्हीं विचारों से पैदा हुई हैं, जो पिछले कुछ दिनों से अधिक तेजी से सक्रिय हुई हैं। बिना बात के बतंगड़ बनाने का कुचक्र रचा जा रहा है। लेकिन ऐसे लोग हर मोर्चे पर असफल हुए हैं और आगे भी उनके बुरे विचारों को कभी सफलता नहीं मिलने वाली है।

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