Home चुनावी हलचल गुजरात ने केजरीवाल को दिखाई औकात, देखिए सबूत

गुजरात ने केजरीवाल को दिखाई औकात, देखिए सबूत

395
SHARE

गुजरात चुनाव पर हर कोई भाजपा-कांग्रेस के हार-जीत के विश्लेषण में जुटा है। इस बात का आकलन किया जा रहा है कि इस चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जीत कितनी बड़ी है। जानकार इस बात का भी विश्लेषण कर रहे हैं कि राहुल गांधी को कितना नुकसान हुआ है, लेकिन एक राजनीतिक दल, जिसकी कोई बात नहीं कर रहा है, वह है दिल्ली के विवादित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी आम आदमी पार्टी।

नोटा से कम मिले AAP को वोट
PERFORM INDIA ने आपके लिए आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं की कुंडली निकालने की कोशिश की है। जब हमने चुनाव आयोग की साइट पर रिसर्च किया तो जो नतीजे निकले, वे हैरान करने वाले रहे। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को जितने वोट मिले, उससे ज्यादा तो लोगों ने NOTA को दिया है। जाहिर है गुजरात की जनता ने बड़बोले और विवादित मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उनकी हैसियत दिखाई है। जनसत्ता के अनुसार आम आदमी पार्टी ने कुल 33 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जिनमें से ज्यादातर की जमानत जब्त हो गई। आइये आंकड़ों के जरिये दैखते हैं कि आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को कितने वोट मिले।

सीट अंकलेश्वर
नोटा को मिले मत – 2732
आम आदमी पार्टी को मिले मत – 243
नोट – जमानत जब्त

सीट मांजलपुर
नोटा को मिले मत – 2,246
आम आदमी को मिले मत – 282
नोट – जमानत जब्त

सीट बोटाद
नोटा को मिले मत – 1,334
आम आदमी को मिले मत – 361
नोट- जमानत जब्त

 

सीट दसाडा
नोटा को मिले मत – 3,796
आम आदमी को मिले मत -1,334
नोट – जमानत जब्त

सीट छोटा उदयपुर
नोटा को मिले मत – 5,870
आम आदमी को मिले मत – 4,551
नोट – जमानत जब्त

आम आदमी पार्टी ने EVM के जरिये फिर निकाली भड़ास
दिल्ली चुनाव में प्रचंड जीत के बाद EVM को ठीक बताने वाली आम आदमी पार्टी ने एक बार फिर गुजरात में EVM पर ही सवाल खड़े कर दिए। पार्टी के नेताओें ने मतगणना से पहले ही वीवीपैट पर्ची से वोटों का मिलान करने की मांग की थी, लेकिन उनकी मांग को चुनवा आयोग ने कोई महत्व नहीं दिया। जब नतीजे सामने आये तो आम आदमी पार्टी के उम्मीदवारों को मिले मत देखकर उनके होश  उड़ गए। जनता से खारिज किए जाने के बाद पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने ट्वीट कर अपनी भड़ास निकाली।

गौरतलब है कि सौरभ भारद्वाज ने ईवीएम हैकिंग को लेकर अभियान चलाया था, और दिल्ली विधानसभा में डेमो भी दिखाया था, जब चुनाव आयोग ने EVM को हैक करने के लिए बुलाया तो यही नेता दुम  दबाकर भाग निकले थे।

दिल्ली विधानसभा चुनाव में जीत के बाद आम आदमी पार्टी के अगुवा अरविंद केजरीवाल के अरमान सातवे आसमान पर चले गए थे। वो अपने-आप को प्रधानमंत्री नरेंंद्र मोदी के विकल्प के रूप में पेश करने लगे थे। साथ ही पार्टी का विस्तार तेजी से पूरे देश में करने की कोशिश करने लगे। लेकिन पंजाब और गोवा में मिली हार से उन्होंने कोई सबक नहीं सीखा और गुजरात विधानसभा का चुनाव लड़ने का फैसला किया। गुजरात की जनता ने अपना फैसला देकर केजरीवाल की महत्वाकांक्षा पर ही पानी फेर दिया है।

LEAVE A REPLY