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आधार से लिंक कराने पर मिल रही है लीकेज कम करने में मदद

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सरकारी योजनाओं को आधार से लिंक कराने से सरकार को पैसे की लीकेज कम करने में काफी मदद मिल रही है। इससे सरकार को सब्सिडी में भी करोड़ों रुपए की बचत हो रही है। स्कूलों में बच्चों को दिए जाने वाले मिड डे मील को आधार से जोड़ने के कारण भी लीकेज बंद हो रहे हैं। आधार से लिंक कराने पर सिर्फ झारखंड, मणिपर और आंध्र प्रदेश के स्कूलों में ही 4.4 लाख फर्जी छात्रों के नाम मिले हैं। इन फर्जी छात्रों के नाम सिर्फ कागजों पर ही थे। इनके लिए सरकार मिड डे मील योजना के तहत पैसे भेज रही थी।

मिड-डे मील स्कीम के तहत सरकार क्लास एक से आठ के छात्रों के लिए मुफ्त में दोपहर का भोजन देती है। अब मिड-डे मील के लिए छात्रों को आधार नंबर देना जरूरी कर दिया गया है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से जारी इन तीन राज्यों के आंकड़ों से पता चलता है कि कई सरकारी स्कूल मिड डे मील स्कीम से अतिरिक्त फंड पाने के लिए बच्चों के फर्जी नाम स्कूल के रजिस्टर में जोड़ रहे थे। आंध्र प्रदेश में 2.1 लाख बच्चे महज कागज पर ही अस्तित्व में थे। इसी तरह झारखंड में 2.2 लाख गैर-मौजूद छात्रों के नाम विद्यालय के रिकॉर्ड से हटा दिए गए हैं। जबकि मणिपुर विद्यालयों में 1,500 फर्जी छात्रों के नाम थे।

पीडीएस- आधार कार्ड के आधार पर सरकार फर्जी पीडीएस कार्डधारकों को हटाने में कामयाब रही है और इससे 40,000 करोड़ रुपए से भी ज्यादा की सब्सिडी का लीकेज खत्म करने में मदद मिली है। सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सब्सिडीप्राप्त खाद्यान्न के लिए भी आधार कार्ड को लिंक करना जरूरी कर दिया है। सरकार ने राज्यों से कहा कि वे आधार कार्ड को राशन कार्डो के साथ सम्बद्ध करें। आधार लिंक होने पर केरोसिन के नाम पर होने वाली कालाबाजारी भी खत्म हुई है।

एलपीजी सब्सिडी- रसोई गैस सिलेंडर पर सब्सिडी लेने के लिए भी अब आधार कार्ड जरूरी कर दिया गया है। इससे सब्सिडी लीकेज पर काफी हद तक रोक लगी है। आधार लिंक से पहले फर्जी कनेक्शन के नाम पर करोड़ों रुपए की सब्सिडी का फर्जीवाड़ा होता था। ग्राहक भले ही साल में आठ-दस सिलेंडर लेते थे, एजेंसी वाले 12 सिलेंडर दिखा कर सब्सिडी हड़प लेते थे। साथ ही आधार लिंक होने से करोड़ों फर्जी कनेक्शन हटा दिए गए हैं। डायरेक्ट कैश ट्रांसफर के बाद करीब 3.3 करोड़ फर्जी एलपीजी कनेक्शनों को पता चला जिन्हें बंद कर दिया गया है और करीब 21 हजार करोड़ की बचत की गई। सब्सिडी लेने के चक्कर में भारी संख्या में फर्जी एलपीजी कनेक्शन बनाए गए और इन्हें औद्योगिक क्षेत्रों में हस्तांतरित किया गया। इसके साथ ही एक करोड़ 05 लाख 46 हजार से ज्यादा लोग सब्सिडी छोड़ भी चुके हैं।

मनरेगा- महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत श्रमिकों को आधार से जोड़ा जा रहा है। अब मजदूरी आधार कार्ड के माध्यम से उनके बचत खाते में जमा करवाया जा रहा है। इससे सरकार को कामकाज का रिकॉर्ड रखने और मजदूरों को डायरेक्ट उनके खाते में पैसा भेजने में मदद मिल रही है। इससे बिचौलिए की भूमिका भी खत्म हो रही है। इसके साथ ही विभिन्न विकास कार्यों को आधार लिंक भुगतान की व्यवस्था की जा रही है।

रेल टिकट बुकिंग- रेलवे ने ऑनलाइन टिकट के लिए आधार कार्ड को अनिवार्य कर दिया है। अब बिना आधार कार्ड के आप ऑनलाइन टिकट बुक नहीं कर सकेंगे। ऑनलाइन रेलवे टिकट बुक कराते समय आपको आधार कार्ड का सही नंबर देना होगा, वरना टिकट बुक नहीं हो सकेगी। इससे दलालों पर काफी हद तक रोक लगेगी।

सरकार ने अब मोबाइल, ड्राइविंग लाइसेंस और पैन कार्ड को भी आधार से लिंक करना जरूरी कर दिया है। इससे एक ही नाम पर कई कार्ड बनाने के फर्जीवाड़ा पर भी रोक लगेगी। आधार के लिंक करने का मकसद आने वाले दिनों में फाइनैंशियल फ्राड और सरकारी योजनाओं में होने वाली लीकेज को रोकना है। पहचान पत्र के बाकी माध्यमों की नकल की जा सकती है, लेकिन आधार में बायोमीट्रिक्स की कॉपी नहीं की जा सकती है।

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